
#गिरिडीह #राजनीतिक_बैठक : संगठन विस्तार और जन समस्याओं पर आंदोलन तेज करने की रणनीति बनी।
गिरिडीह और गांडेय विधानसभा क्षेत्र के माले जिला एवं प्रखंड कमिटी सदस्यों की बैठक बेंगाबाद के रातडीह में आयोजित हुई। बैठक की अगुवाई जिला सचिव अशोक पासवान और किसान नेता पूरन महतो ने की। इसमें संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और जनता के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने पर सहमति बनी। साथ ही प्रदूषण, रोजगार और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों को लेकर संघर्ष की रणनीति तैयार की गई।
- बेंगाबाद के रातडीह में माले जिला व प्रखंड कमिटी की बैठक आयोजित।
- अशोक पासवान और पूरन महतो के नेतृत्व में हुई बैठक।
- संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान तेज करने पर जोर।
- प्रदूषण, खनन, रोजगार समेत कई मुद्दों पर आंदोलन की तैयारी।
- बालमुकुंद फैक्ट्री और बालू तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
- सोशल मीडिया पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर भी चर्चा।
गिरिडीह और गांडेय विधानसभा क्षेत्र में माले (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की संयुक्त बैठक में संगठन को मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। यह बैठक बेंगाबाद प्रखंड के रातडीह में आयोजित हुई, जिसमें जिला और प्रखंड स्तर के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में आने वाले समय की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
नेतृत्व में हुई अहम बैठक
बैठक की अगुवाई माले जिला कमिटी के सचिव अशोक पासवान और अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पूरन महतो ने की। दोनों नेताओं ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर जोर दिया।
अशोक पासवान ने कहा: “जनता के सवालों पर आंदोलन को तेज करने की जरूरत है, तभी आम लोगों की समस्याओं का समाधान संभव है।”
संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान पर जोर
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संगठन विस्तार और पार्टी सदस्यता अभियान को प्राथमिकता दी जाएगी। किसानों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं को तेजी से संगठन से जोड़ने की योजना बनाई गई। साथ ही यह भी तय हुआ कि हर गांव और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाएगा।
जन समस्याओं पर आंदोलन की तैयारी
नेताओं ने कहा कि थाना, ब्लॉक और अन्य सरकारी विभागों से जुड़े आम जनता के काम नहीं होने पर सीधे आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। प्रदूषण, खनन क्षेत्र की समस्याएं और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनी।
प्रदूषण और रोजगार के मुद्दे पर सवाल
गिरिडीह नगर सचिव सह जिला कमिटी सदस्य राजेश सिन्हा, जिला कमिटी सदस्य कन्हाई पांडेय और प्रखंड सचिव मसूदन कोल ने कहा कि फैक्ट्री एरिया में लगातार हो रहे प्रदूषण पर सवाल उठाना जरूरी है।
राजेश सिन्हा ने कहा: “फैक्ट्री क्षेत्र में प्रदूषण किसकी सहमति से हो रहा है, इसका जवाब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को देना होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार देने के नियमों का पालन नहीं हो रहा है, जबकि राज्य सरकार ने 70 प्रतिशत स्थानीय रोजगार की बात कही है।
बालमुकुंद फैक्ट्री और बालू तस्करी पर नाराजगी
बैठक में बालमुकुंद फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों की समस्या को गंभीर बताया गया और इस मुद्दे पर आंदोलन तेज करने की बात कही गई। साथ ही ताराटांड़ थाना क्षेत्र में हो रही बालू तस्करी को लेकर भी नाराजगी जताई गई।
नेताओं ने कहा कि सैकड़ों ट्रैक्टर रातभर बालू लेकर धनबाद की ओर जाते हैं, जो प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े करता है। इस मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया।
गांडेय क्षेत्र में संगठन मजबूत करने की योजना
गांडेय विधानसभा क्षेत्र के नेताओं शंकर पांडेय, मेहताब अली मिर्जा, रामलाल मुर्मू, नवीन पांडेय, शेखर सिंह और सलामत अंसारी ने कहा कि अगले दो दिनों में सभी पार्टी सदस्यों का रिन्यूअल किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बेंगाबाद और गांडेय के हर गांव में संगठन को मजबूत किया जाएगा और कार्यकर्ताओं को अधिक सक्रिय बनाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने की जरूरत
बैठक में यह भी स्वीकार किया गया कि संगठन जमीनी स्तर पर काम कर रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर उसकी उपस्थिति कमजोर है। इसलिए कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के इस्तेमाल की ट्रेनिंग देने पर जोर दिया गया, ताकि आम लोगों तक संगठन की बात पहुंचाई जा सके।
न्यूज़ देखो: जमीनी मुद्दों से जुड़ने की कोशिश
गिरिडीह और गांडेय में हुई यह बैठक बताती है कि राजनीतिक दल अब जमीनी मुद्दों को लेकर फिर से सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदूषण, रोजगार और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे सवालों पर आंदोलन की रणनीति बनाना जनता के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, अब यह देखना होगा कि ये घोषणाएं धरातल पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं और आम लोगों को इसका कितना लाभ मिलता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं
समाज में बदलाव तभी संभव है जब आम लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। ऐसी बैठकों और आंदोलनों का उद्देश्य भी यही है कि जनता की समस्याएं सामने आएं और उनका समाधान हो।
आप भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को पहचानें, जागरूक रहें और सकारात्मक बदलाव के लिए आगे आएं। अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और एक जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लें।


