News dekho specials
Garhwa

संत रविदास जयंती पर कांडी में सांस्कृतिक उत्सव, मुखिया अमित कुमार दुबे ने किया उद्घाटन

#गढ़वा #रविदास_जयंती : सामाजिक समरसता के संदेश के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन।

गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत पतीला पंचायत के बेलहथ गांव में संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पंचायत के युवा मुखिया सह मुखिया संघ प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार दुबे ने फीता काटकर किया। आयोजन में संत रविदास के विचारों, सामाजिक समानता और सांस्कृतिक एकता पर जोर दिया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी से कार्यक्रम का सामाजिक महत्व और बढ़ गया।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • बेलहथ गांव, पतीला पंचायत में संत रविदास जयंती पर सांस्कृतिक आयोजन।
  • मुखिया अमित कुमार दुबे ने फीता काटकर कार्यक्रम का किया उद्घाटन।
  • संत रविदास को बताया गया महान समाज सुधारक और कर्म प्रधान विचारक।
  • भविष्य में बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना की घोषणा।
  • रंजन बिहारी की प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध।

गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र में संत शिरोमणि रविदास जयंती को इस वर्ष विशेष उत्साह और सामाजिक चेतना के साथ मनाया गया। पतीला पंचायत के बेलहथ गांव में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम का शुभारंभ पंचायत के युवा मुखिया सह मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार दुबे द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर मंच से संत रविदास के विचारों और उनके सामाजिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।

संत रविदास के विचारों पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया अमित कुमार दुबे ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास केवल एक संत नहीं, बल्कि महान समाज सुधारक थे। उन्होंने जाति-आधारित भेदभाव का विरोध किया और समाज को कर्म प्रधान सोच का मार्ग दिखाया। मुखिया ने कहा कि रविदास जी का स्पष्ट संदेश था कि कोई भी व्यक्ति जन्म से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से बड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि इसी भावना को अपनाते हुए उन्होंने अपने पंचायत क्षेत्र में ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर सभी वर्गों को समान दृष्टि से देखने का प्रयास किया है।

अमित कुमार दुबे ने कहा: “रविदास जी का संदेश आज भी प्रासंगिक है। समाज को जोड़ने और समानता स्थापित करने की जरूरत है।”

भविष्य की योजनाओं की घोषणा

मुखिया अमित कुमार दुबे ने कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी कि बेलहथ गांव में संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा की स्थापना की जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि भविष्य में परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा भी रविदास जी की प्रतिमा के समीप स्थापित कराई जाएगी। इस घोषणा का उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां

सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध कलाकार रंजन बिहारी ने अपनी सुरीली आवाज में एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को देर शाम तक बांधे रखा। गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया गया। ग्रामीणों ने पूरे कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।

गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से गाड़ा खुर्द पंचायत के उप मुखिया अनित दुबे, पंचायत समिति सदस्य मनोज पासवान, उप मुखिया शंकर मेहता, कांग्रेस यूथ जिला अध्यक्ष हारून अंसारी, एनसीडब्ल्यूसी जीएस दुबे, मुखिया प्रतिनिधि कुंदन साह, सत्यनारायण मेहता, कार्यक्रम आयोजक अविनाश प्रभाकर, हेमेंद्र गुरुजी, जित्येंद्र, अशोक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।

सामाजिक समरसता का संदेश

संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मंच बनकर उभरा। वक्ताओं ने युवाओं से संत रविदास के विचारों को जीवन में अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।

News dekho specials

न्यूज़ देखो: सामाजिक एकता की मिसाल बना बेलहथ का आयोजन

बेलहथ गांव में आयोजित संत रविदास जयंती कार्यक्रम यह दर्शाता है कि ग्रामीण स्तर पर भी सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने के प्रयास हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ऐसे आयोजनों का प्रभाव और व्यापक होता है। अब देखने वाली बात होगी कि भविष्य में घोषित योजनाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

समानता के विचार से सशक्त समाज की ओर

संत रविदास के विचार आज के समय में भी समाज को नई दिशा दे सकते हैं। जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर ही सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को सही मूल्य और प्रेरणा मिलती है।
आप संत रविदास के विचारों को आज के समाज में कितना प्रासंगिक मानते हैं? अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सामाजिक एकता का संदेश फैलाने में भागीदार बनें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Shashi Bhushan Mehta

डंडई, गढ़वा

Related News

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: