कुटमू विश्वकर्मा पूजा समिति के अध्यक्ष बने दयानंद मिस्त्री, भव्य तैयारी का ऐलान

कुटमू विश्वकर्मा पूजा समिति के अध्यक्ष बने दयानंद मिस्त्री, भव्य तैयारी का ऐलान

author Akram Ansari
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#लातेहार #विश्वकर्मापूजा : समिति का गठन, 16 सितंबर को धूमधाम से होगी प्रतिमा स्थापना
  • ग्राम कुटमू में हुई बैठक में बना पूजा आयोजन समिति।
  • दयानंद मिस्त्री चुने गए अध्यक्ष, 21 सदस्यीय कार्यकारिणी बनी।
  • 16 सितंबर की शाम बाबा विश्वकर्मा की भव्य प्रतिमा स्थापित होगी।
  • आकर्षक पंडाल सजाने का लिया गया सामूहिक निर्णय।
  • समाज के सैकड़ों लोग बैठक में रहे शामिल।

बरवाडीह (लातेहार)। बेतला पंचायत के ग्राम कुटमू में गुरुवार की शाम विश्वकर्मा समाज की बैठक हुई, जिसमें इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जयगोविंद मिस्त्री ने की। सबसे पहले विश्वकर्मा पूजा आयोजन समिति कुटमू का गठन किया गया। सर्वसम्मति से दयानंद मिस्त्री को अध्यक्ष, गोपाल मिस्त्री को कोषाध्यक्ष और अमरेश विश्वकर्मा को सचिव चुना गया। वहीं जयगोविंद मिस्त्री को संरक्षक बनाया गया। समिति में कुल 21 कार्यकारिणी सदस्य शामिल किए गए।

भव्य पंडाल और प्रतिमा का संकल्प

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष पूजा आकर्षक और भव्य स्तर पर होगी। 16 सितंबर की शाम यांत्रिकी के आदि देवता बाबा विश्वकर्मा की भव्य प्रतिमा बाहर से मंगाई जाएगी और विशेष पंडाल सजाया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूजा में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

समाज की एकजुटता

बैठक में समाज के योगेंद्र मिस्त्री, कुलदीप मिस्त्री, विजय मिस्त्री, जयराम मिस्त्री, शंभू मिस्त्री, टुनू मिस्त्री, सुग्रीवधर विश्वकर्मा, संदीप मिस्त्री, अखिलेश विश्वकर्मा समेत कई लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि पूजा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर है।

न्यूज़ देखो: परंपरा और आधुनिकता का संगम

कुटमू में विश्वकर्मा पूजा की तैयारियां बताती हैं कि समाज आज भी अपनी परंपरा और आस्था को लेकर सजग है। आधुनिक युग में भी ऐसे आयोजन सामाजिक मेलजोल, भाईचारे और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था से बढ़ेगी सामाजिक एकता

विश्वकर्मा पूजा केवल कर्मशीलता और सृजन का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता और विश्वास का प्रतीक भी है। अब समय है कि हम सब मिलकर इस सांस्कृतिक धरोहर को और मजबूती दें। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को साझा करें ताकि विश्वकर्मा पूजा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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