#गढ़वा #स्वास्थ्य_निरीक्षण : उपायुक्त का औचक दौरा — बंद पड़े भवन, गंदगी और लापरवाही पर जताई कड़ी नाराजगी।
गढ़वा के उपायुक्त अनन्य मित्तल ने रात्रि 8 बजे सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण में बंद पड़े भवन, गंदगी, मेडिकल वेस्ट और डॉक्टरों की अनुपस्थिति जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। डीसी ने तत्काल सुधार और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
- डीसी अनन्य मित्तल ने रात 8 बजे किया औचक निरीक्षण।
- कोविड भवन और नया अस्पताल भवन अब तक उपयोग में नहीं।
- किचन और परिसर में गंदगी, सफाई व्यवस्था पर नाराजगी।
- गायनी विभाग में डॉक्टर अनुपस्थित, शो कॉज का निर्देश।
- ब्लड बैंक, क्वार्टर और बिजली व्यवस्था की भी जांच।
गढ़वा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए गढ़वा के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल ने बुधवार रात करीब 8 बजे सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिस पर उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
बंद पड़े भवनों पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पाया कि कोविड काल में निर्मित भवन अब तक उपयोग में नहीं लाया जा रहा है। इसके अलावा, सदर अस्पताल का नया भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद हैंडओवर नहीं किया गया है।
इस पर नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर भवन को जल्द चालू किया जाए, ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
ब्लड बैंक और किचन की स्थिति पर नाराजगी
उपायुक्त ने ब्लड बैंक का भी निरीक्षण किया और वहां आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद अस्पताल के किचन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पाया कि खाद्य सामग्री अव्यवस्थित तरीके से रखी गई है और परिसर में गंदगी फैली हुई है।
इस स्थिति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए किचन को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने के सख्त निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर में गंदगी और मेडिकल वेस्ट
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
जगह-जगह गंदगी और मेडिकल वेस्ट फैला हुआ मिला, जो स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर लापरवाही मानी जाती है।
उपायुक्त ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि नियमित साफ-सफाई और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को प्रभावी बनाया जाए, ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।
गायनी विभाग में डॉक्टर अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान एक स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनी डॉक्टर) अपने निर्धारित समय पर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।
इस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित चिकित्सक के खिलाफ शो कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्वार्टर और बिजली व्यवस्था पर भी निर्देश
उपायुक्त ने डॉक्टरों और स्टाफ के लिए बने आवासीय क्वार्टर का भी निरीक्षण किया, जहां यह जानकारी सामने आई कि भवन का अब तक हैंडओवर नहीं हुआ है।
इस पर उन्होंने जल्द हैंडओवर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, अस्पताल परिसर में जहां-जहां अंधेरा पाया गया, वहां बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, सभी पंखों और लाइटों को चालू रखने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल पूरा करने को कहा।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय कुमार प्रसाद, एसडीओ संजय कुमार, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरि, प्रभारी हॉस्पिटल मैनेजर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाए और मरीजों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि गढ़वा के लोगों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।
उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा: “जिले के लोगों को हर प्रकार की जांच, इलाज और दवा उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह व्यवस्थित रखना होगा।”
न्यूज़ देखो: सिस्टम की हकीकत सामने, अब सुधार की चुनौती
गढ़वा सदर अस्पताल का यह निरीक्षण कई गंभीर सवाल खड़े करता है—जब भवन तैयार हैं तो उपयोग में क्यों नहीं? जब डॉक्टर हैं तो ड्यूटी पर क्यों नहीं? उपायुक्त की सख्ती सराहनीय है, लेकिन असली चुनौती इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने की होगी।
क्या इस कार्रवाई के बाद अस्पताल की व्यवस्था सच में सुधरेगी? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक बनें और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग करें
स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति का अधिकार हैं, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
जरूरी है कि हम सभी जागरूक रहें और ऐसी समस्याओं को सामने लाएं।
अगर कहीं भी लापरवाही दिखे तो आवाज उठाएं और प्रशासन तक जानकारी पहुंचाएं।
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