#गुमला #निरीक्षण_कार्रवाई : पालकोट प्रखंड और स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी।
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और प्रशासनिक व्यवस्था बेहद खराब पाई गई, जिस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई। कई मामलों में लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को चेतावनी और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह कार्रवाई जनसेवा में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
- उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने किया पालकोट प्रखंड और CHC का औचक निरीक्षण।
- कार्यालय परिसर और शौचालय में गंदगी मिलने पर 24 घंटे में सफाई का आदेश।
- एक नाजीर कर्मी अनुपस्थित, एक दिन का वेतन स्थगित।
- म्यूटेशन, जाति, आय प्रमाणपत्र के लंबित मामलों पर नाराजगी।
- अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और बिजली-एम्बुलेंस समस्या पर निर्देश।
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में शनिवार को प्रशासनिक व्यवस्था की सच्चाई उस वक्त सामने आ गई, जब उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में प्रखंड सह अंचल कार्यालय और नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने न केवल गंदगी और अव्यवस्था पर नाराजगी जताई, बल्कि संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी भी दी कि तय समय सीमा में सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रखंड कार्यालय में गंदगी पर कड़ी फटकार
उपायुक्त ने प्रखंड कार्यालय के विभिन्न कक्षों, शौचालयों और परिसर का निरीक्षण किया, जहां साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई।
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा: “24 घंटे के भीतर पूरे परिसर की सफाई सुनिश्चित करें, अन्यथा जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई होगी।”
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्यालय कक्ष, चैम्बर और वॉशरूम साफ-सुथरे और व्यवस्थित रहने चाहिए।
रिकॉर्ड जांच में भी मिली लापरवाही
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी, रोकड़ पंजी और वेतन पंजी की भी जांच की गई। इस दौरान एक नाजीर कर्मी बिना अनुमति अनुपस्थित पाया गया, जिस पर उपायुक्त ने एक दिन का वेतन स्थगित करने का आदेश दिया।
इसके अलावा लंबित मामलों को लेकर भी नाराजगी जताई गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया: “म्यूटेशन, जाति, आय और आवासीय प्रमाणपत्रों के लंबित आवेदनों को तत्काल शून्य करें।”
योजनाओं की समीक्षा और जरूरी निर्देश
उपायुक्त ने आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी पूर्ण हो चुके आवासों का जियो-टैगिंग जल्द कराने का निर्देश दिया। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने को कहा।
आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा के दौरान एलएस और सीडीपीओ को फील्ड विजिट बढ़ाने, सेविकाओं की निगरानी करने और पोषण वाटिका को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति चिंताजनक
निरीक्षण के दौरान नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। भवन तैयार होने के बावजूद डॉक्टरों की भारी कमी सामने आई।
वर्तमान में केवल तीन चिकित्सकों के भरोसे अस्पताल का संचालन किया जा रहा है, जिस पर उपायुक्त ने चिंता जताई।
उपायुक्त ने कहा: “उपलब्ध संसाधनों में ही ओपीडी सेवाओं को प्रभावी बनाएं, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर न करना पड़े।”
बिजली और एम्बुलेंस व्यवस्था पर नाराजगी
अस्पताल में पिछले दो दिनों से बिजली बाधित रहने और 108 एम्बुलेंस के खराब होने की जानकारी मिलने पर उपायुक्त ने सिविल सर्जन को तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एक जले हुए मरीज से मुलाकात कर उसके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
सख्त चेतावनी, कार्रवाई तय
उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि प्रशासनिक लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा: “जनसेवा में उदासीनता और गंदगी को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा, समय पर सुधार नहीं होने पर कठोर कार्रवाई होगी।”
इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी, पालकोट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
न्यूज़ देखो: क्या अब बदलेगी व्यवस्था या फिर दिखेगी ढिलाई
पालकोट में हुए इस औचक निरीक्षण ने प्रशासनिक व्यवस्था की कई खामियों को उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि क्या 24 घंटे की चेतावनी के बाद वास्तव में सुधार होगा या यह भी एक औपचारिक कार्रवाई बनकर रह जाएगी। स्वास्थ्य और प्रशासन दोनों ही क्षेत्रों में सुधार की जरूरत स्पष्ट है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदारी निभाएं, व्यवस्था को मजबूत बनाएं
सरकारी व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब हर कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझेगा।
साफ-सफाई और सेवा केवल आदेश से नहीं, बल्कि आदत से आती है।
जनता की सुविधा सर्वोपरि होनी चाहिए, यही प्रशासन का असली उद्देश्य है।
हम सब मिलकर एक बेहतर और जवाबदेह सिस्टम बना सकते हैं।
आप भी अपनी आवाज उठाएं और व्यवस्था सुधार में भागीदार बनें।
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