#गुमला #पीवीटीजी_शिविर : डुमरी के दूरस्थ गांवों में प्रशासन ने विकास योजनाओं की समीक्षा की।
गुमला जिले के डुमरी प्रखंड स्थित पीवीटीजी गांव लिटीयाचूआ और गनीदारा में सैचुरेशन विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिसमें उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो शामिल हुए। शिविर का उद्देश्य पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना और ग्रामीण समस्याओं का गांव स्तर पर समाधान करना था। उपायुक्त ने क्षेत्र भ्रमण कर आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आजीविका योजनाओं की जमीनी स्थिति जांची। प्रशासन ने विकास कार्यों में तेजी और जवाबदेही का संदेश दिया।
- उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने लिटीयाचूआ और गनीदारा शिविर में भाग लिया।
- 43 परिवार लिटीयाचूआ और 32 परिवार गनीदारा पीवीटीजी श्रेणी में शामिल।
- ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति से माला और टोपी पहनाकर स्वागत किया।
- आवास, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और आजीविका पर विशेष समीक्षा हुई।
- टांगीनाथ धाम का निरीक्षण कर विकास की दिशा में पहल की बात कही गई।
- अन्य क्षेत्रों में भी जल्द विशेष शिविर लगाने की जानकारी दी गई।
गुमला जिले के डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ और गनीदारा में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर प्रशासनिक सक्रियता का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो पहुंचे। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाज से उनका स्वागत किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल आत्मीय और उत्साहपूर्ण रहा। शिविर में सरकारी योजनाओं की पहुंच, ग्रामीण समस्याओं के समाधान और प्रशासन-जनता संवाद को प्राथमिकता दी गई। उपायुक्त ने कई विभागों को मौके पर निर्देश भी दिए।
योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
शिविर का मुख्य उद्देश्य था कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन सैचुरेशन अप्रोच के तहत काम कर रहा है, ताकि योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ योग्य परिवारों तक पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों को आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने का निर्देश दिया।
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा: “जिला प्रशासन इस दिशा में कार्य कर रहा है कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं से वंचित न रहे।”
ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं
शिविर के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क और आजीविका से जुड़ी कई समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इस दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र और आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया।
गांव-गांव पहुंचकर लिया फीडबैक
शिविर के बाद उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ और अंबाटोली गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं को समझा।
मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि समस्याओं का समाधान कागजों तक सीमित न रहे।
आवास, जल संरक्षण और आजीविका पर फोकस
गनीदारा गांव में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने लाभुकों से बातचीत की। उन्होंने स्वरोजगार और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया।
जल संरक्षण के तहत कुओं और अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण कर उनके संरक्षण और बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। साथ ही भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा लाभुकों को कृषि यंत्र देकर मत्स्य पालन से जोड़ने की बात कही गई।
उपायुक्त ने कहा: “कृषि, जल संरक्षण और मत्स्य पालन के समन्वय से ग्रामीण आय बढ़ाई जा सकती है।”
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की तैयारी
उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि आधारित गतिविधियां सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।
यदि किसान आधुनिक तकनीक, सिंचाई और सरकारी योजनाओं से जुड़ें, तो गांवों की आर्थिक स्थिति तेजी से सुधर सकती है।
स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की समीक्षा
उपायुक्त ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण सेवा देने का निर्देश दिया गया। आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि बच्चों और माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें।
डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और एमटीसी सेंटर का भी निरीक्षण किया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण को जल्द शुरू कराने के लिए संबंधित विभाग को पत्राचार करने की बात कही गई।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने का संदेश
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई का स्तर जांचा। शिक्षकों को नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा: “शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।”
टांगीनाथ धाम को मिलेगा बढ़ावा
क्षेत्र भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने प्रसिद्ध टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण किया और पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस धार्मिक स्थल को और विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही।
यह संकेत क्षेत्रीय पर्यटन और धार्मिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अन्य क्षेत्रों में भी लगेंगे विशेष शिविर
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जानकारी दी कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्रों में भी जल्द विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।
इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: जब प्रशासन गांव पहुंचे तभी बदलेगी तस्वीर
डुमरी के दूरस्थ पीवीटीजी गांवों में उपायुक्त का पहुंचना केवल औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का संकेत है। जब अधिकारी गांवों में जाकर लोगों की बात सुनते हैं, तभी योजनाओं की असली स्थिति सामने आती है। जरूरत इस बात की है कि ऐसे शिविर नियमित हों और निर्देशों का पालन समय पर दिखे। अब देखना होगा कि इन गांवों में घोषित सुधार कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक गांव ही मजबूत समाज की पहचान
सरकारी योजनाओं की जानकारी लें और पात्र लोगों तक पहुंचाएं।
दस्तावेज बनवाएं, योजनाओं से जुड़ें और अधिकारों के प्रति सजग रहें।
गांव का विकास केवल सरकार नहीं, जनता की भागीदारी से होता है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर मिलकर ध्यान दें।
यदि आपके क्षेत्र में भी समस्या है तो आवाज उठाएं और समाधान मांगें।
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