लातेहार में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा बैठक में उपायुक्त सख्त: योग्य लाभुकों को पेंशन से जोड़ने का दिया निर्देश

लातेहार में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा बैठक में उपायुक्त सख्त: योग्य लाभुकों को पेंशन से जोड़ने का दिया निर्देश

author Ravikant Kumar Thakur
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#लातेहार #सामाजिक_सुरक्षा : उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेंशन योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा कोषांग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला स्तर पर संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं की प्रगति और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा हुई। उपायुक्त ने सभी योग्य लाभुकों को शत-प्रतिशत योजनाओं से जोड़ने और लंबित आधार सी़डिंग को प्राथमिकता से पूरा करने का सख्त निर्देश दिया।

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  • लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा कोषांग की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई।
  • बैठक में राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन की समीक्षा की गई।
  • उपायुक्त ने जिले के सभी योग्य लाभुकों को शत-प्रतिशत पेंशन योजनाओं से आच्छादित करने का कड़ा निर्देश दिया।
  • योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए लंबित आधार सीडिंग कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने को कहा।
  • बैठक में आईटीडीए निदेशक प्रवीण कुमार गगराई सहित सभी प्रखंडों के बीडीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।

लातेहार जिला मुख्यालय में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को धरातल पर उतारने और अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। जिले के उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा कोषांग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान प्रगति का आकलन करना और सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार लाना था। उपायुक्त ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर देते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय की है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी मदद पहुंच सके।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की व्यापक समीक्षा और वर्तमान स्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उपायुक्त संदीप कुमार ने सामाजिक सुरक्षा कोषांग के तहत जिले में चल रही एक-एक योजना की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS), झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, वृद्धा अवस्था पेंशन योजना, विधवा सम्मान पेंशन योजना, और दिव्यांग पेंशन योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के तहत अब तक लाभान्वित हो चुके लाभुकों की कुल संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।

बैठक में राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस) के तहत मिलने वाली एकमुश्त सहायता राशि के लंबित मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि घर के मुख्य कमाऊ सदस्य की मृत्यु के बाद मिलने वाली इस सहायता में तनिक भी देरी परिवारों को भारी संकट में धकेल सकती है, इसलिए इसकी फाइलों का निपटारा तत्काल प्रभाव से होना चाहिए। इसी प्रकार, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली सम्मान राशि के सुचारू हस्तांतरण की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन के मामलों को लेकर उपायुक्त ने कड़े लहजे में कहा कि किसी भी दिव्यांग या वृद्ध व्यक्ति को अपने हक की राशि के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए पूरी व्यवस्था को सुगम बनाया जाए।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि लोक कल्याणकारी राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन समाज के सबसे असहाय और गरीब तबके की आजीविका का मुख्य साधन होती है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से प्रखंड और पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रह सके।

शत-प्रतिशत आच्छादन और आधार सीडिंग पर विशेष जोर

समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कुछ तकनीकी कारणों और डेटा मिसमैच की वजह से कई लाभुकों की पेंशन प्रक्रिया में देरी हो रही है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर काम करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जितने भी नए आवेदन प्राप्त हुए हैं, उनकी पात्रता की तुरंत जांच कर उन्हें जल्द से जल्द स्वीकृत किया जाए ताकि जिले का कोई भी योग्य व्यक्ति पेंशन सूची से बाहर न छूटे।

इसके साथ ही, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी भुगतान प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से लंबित आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) के कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि बैंक खातों के साथ आधार नंबर को लिंक करना अत्यंत अनिवार्य है ताकि बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभुकों के खातों में पेंशन राशि भेजी जा सके (Direct Benefit Transfer)। उन्होंने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय सीमा के भीतर पूरा करने की समय-सारणी निर्धारित की।

उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “जिले के सभी योग्य लाभुकों को शत-प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से आच्छादित किया जाए। इसके साथ ही लंबित आधार सीडिंग कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि सरकारी सहायता और पेंशन योजनाओं का लाभ सभी वास्तविक लाभुकों को समय पर और बिना किसी बाधा के मिल सके।”

प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति और प्रखंड स्तरीय समन्वय

लातेहार समाहारणालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे, जबकि सुदूर क्षेत्रों के अधिकारियों को जोड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया। बैठक में भौतिक रूप से आईटीडीए (ITDA) निदेशक प्रवीण कुमार गगराई और प्रभारी पदाधिकारी सामाजिक सुरक्षा कोषांग सह उप निर्वाचन पदाधिकारी मेरी मड़की उपस्थित रहीं। उन्होंने उपायुक्त को कोषांग की वर्तमान उपलब्धियों और आ रही तकनीकी समस्याओं से अवगत कराया।

इसके अतिरिक्त, जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से इस उच्चस्तरीय बैठक से सीधे जुड़े हुए थे। उपायुक्त ने सभी बीडीओ को अपने-अपने प्रखंडों में व्यक्तिगत रूप से योजनाओं की निगरानी करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों और रोजगार सेवकों के माध्यम से गांवों में सर्वेक्षण कराया जाए ताकि वृद्ध, विधवा और दिव्यांग जनों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन खुद उनके द्वार तक पहुंचे। जो अधिकारी इसमें कोताही बरतेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ देखो: प्रशासनिक सक्रियता से ही सफल होंगी कल्याणकारी योजनाएं

लातेहार जिला प्रशासन द्वारा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की यह व्यापक समीक्षा अत्यंत समयोचित और सराहनीय कदम है। अक्सर देखा जाता है कि कागजों पर योजनाएं बेहतर होने के बावजूद जमीनी स्तर पर लालफीताशाही और तकनीकी जटिलताओं के कारण गरीब लाभुकों को महीनों तक अपनी पेंशन के लिए भटकना पड़ता है। उपायुक्त संदीप कुमार द्वारा शत-प्रतिशत आच्छादन और आधार सीडिंग को अनिवार्य बनाना यह दर्शाता है कि प्रशासन पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रति गंभीर है। बीडीओ स्तर पर जवाबदेही तय होने से प्रखंड कार्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा, जिससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के आदिम जनजातीय और पिछड़े परिवारों को उनका हक समय पर मिल सकेगा। उम्मीद है कि यह कड़े निर्देश केवल बैठक तक सीमित न रहकर धरातल पर जल्द परिणाम दिखाएंगे।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग जनभागीदारी से मजबूत होगी सामाजिक सुरक्षा की बुनियाद

कल्याणकारी योजनाओं की सफलता केवल प्रशासनिक आदेशों पर निर्भर नहीं होती, बल्कि इसमें समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। हमारे आस-पास कई ऐसे असहाय बुजुर्ग, दिव्यांग भाई-बहन या विधवा महिलाएं होती हैं, जिन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं होती या वे फॉर्म भरने में असमर्थ होते हैं। एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमारा यह फर्ज बनता है कि हम ऐसे जरूरतमंद लोगों की पहचान करें और उन्हें नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या प्रखंड कार्यालय तक पहुंचाने में मदद करें। जब समाज का हर व्यक्ति इस जिम्मेदारी को समझेगा, तभी लातेहार का कोई भी पात्र नागरिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर नहीं रहेगा।

यदि आप भी मानते हैं कि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी पेंशन का लाभ बिना किसी देरी के पहुंचना चाहिए, तो इस विषय पर अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें। क्या आपके क्षेत्र में वृद्धों और दिव्यांगों को समय पर पेंशन मिल रही है? हमें लिखकर बताएं। इस महत्वपूर्ण और जानकारी से भरपूर लेख को अपने लातेहार के सभी वाट्सएप ग्रुप्स, मित्रों और परिजनों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि जागरूकता फैले और हर योग्य व्यक्ति को उसका वैधानिक अधिकार मिल सके। आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी बेसहारा का संबल बन सकती है।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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