#लातेहार #जनभागीदारी_अभियान : जिले में जनजातीय समुदायों को योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष सप्ताह शुरू हुआ।
लातेहार समाहरणालय में उपायुक्त संदीप कुमार ने दीप प्रज्वलित कर ‘सबसे दूर, सबसे पहले’ जनभागीदारी अभियान का शुभारंभ किया। यह विशेष अभियान 18 से 25 मई 2026 तक चलाया जाएगा। इसके तहत जिले के 422 गांवों में विशेष शिविर आयोजित कर आदिम जनजातीय परिवारों को योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाएगा।
- लातेहार समाहरणालय सभागार में उपायुक्त संदीप कुमार द्वारा जनभागीदारी सप्ताह का विधिवत शुभारंभ।
- “सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत 18 मई से 25 मई 2026 तक चलेगा विशेष संतृप्ति अभियान।
- पीएम जनमन योजना के 153 और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के 269 गांवों में लगेंगे शिविर।
- शिविरों में आदिम जनजातीय (PVTG) परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का ऑन-द-स्पॉट लाभ मिलेगा।
- ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और विद्युत सहित कई प्रमुख विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई।
झारखंड के लातेहार जिले में सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के विकास के लिए एक महा-अभियान की शुरुआत की गई है। सोमवार को जिला समाहरणालय सभागार में ‘सबसे दूर, सबसे पहले’ जनभागीदारी सप्ताह का औपचारिक शुभारंभ हुआ। उपायुक्त संदीप कुमार ने दीप प्रज्वलित कर इस सात दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े आदिम जनजातीय परिवारों तक प्रशासनिक पहुंच बनाना और उन्हें सभी बुनियादी सरकारी योजनाओं से जोड़ना है।
अभियान की रूपरेखा और विशेष लाभार्थी शिविरों का आयोजन
उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि जिले में कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए इस बार व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। 19 मई से 25 मई तक लातेहार के सभी प्रखंडों में विशेष बेनेफिशियरी सैचुरेशन कैंप लगाए जाएंगे। यह अभियान मुख्य रूप से पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आने वाले 153 गांवों और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के 269 गांवों को लक्षित करेगा। इन चिन्हित 422 गांवों में प्रशासन खुद चलकर जनता के पास पहुंचेगा।
शिविरों का मुख्य ध्यान केवल कागजी कार्रवाई पर नहीं, बल्कि मौके पर ही पात्र लाभुकों को चिन्हित कर उन्हें ऑन-द-स्पॉट (On-the-spot) लाभ मुहैया कराने पर होगा। अभियान को सफल बनाने के लिए ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, विद्युत, समाज कल्याण और कल्याण विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों के समन्वय से काम किया जा रहा है।
सात दिवसीय कार्यक्रमों का विस्तृत शेड्यूल
इस जनभागीदारी सप्ताह के तहत प्रतिदिन की गतिविधियों का एक ठोस और विस्तृत खाका तैयार किया गया है। अभियान के पहले दिन यानी 18 मई को कार्यक्रम का शुभारंभ करने के साथ-साथ जिले के सभी स्तर के अधिकारियों का ओरिएंटेशन (Orientation) संपन्न हुआ, ताकि सभी विभागों में आपसी सामंजस्य बना रहे।
इसके बाद 19 से 25 मई तक गांवों में सघन रूप से सैचुरेशन एवं प्लांटेशन ड्राइव (Saturation and Plantation Drive) चलाया जाएगा। आगामी 20 मई का दिन पूरी तरह से ग्राम भ्रमण, जनसंपर्क और व्यापक जन-जागरूकता के लिए आरक्षित रहेगा, जहां अधिकारी और कर्मचारी सीधे ग्रामीणों से संवाद करेंगे। वहीं, 21 से 23 मई तक जनसुनवाई कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन करना और पुराने लंबित मामलों का समाधान ढूंढना है। इसके पश्चात 24 मई को पूरे अभियान के दस्तावेजीकरण और प्रगति प्रतिवेदन तैयार करने का कार्य किया जाएगा। अंत में, 25 मई को एक उच्चस्तरीय डी-ब्रीफिंग (De-briefing) कार्यक्रम के जरिए अभियान के परिणामों की गहन समीक्षा की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया है कि वे केवल कार्यालयों में न बैठें, बल्कि फील्ड में उतरकर आम जनता की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें।
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों एवं अन्य पात्र लाभुकों को सरकार की योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करना है। सभी विभागीय पदाधिकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं और आमजनों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें।”
बैठक में जिले के आला अधिकारियों की उपस्थिति
समाहरणालय सभागार में आयोजित इस गरिमामयी और महत्वपूर्ण ओरिएंटेशन कार्यक्रम में लातेहार जिले के तमाम प्रशासनिक महकमे के आला अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने और इसके धरातलीय क्रियान्वयन को लेकर सभी ने अपने-अपने विचार और योजनाएं साझा कीं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आईटीडीए निदेशक प्रवीण कुमार गगराई, अपर समाहर्ता रामा रविदास, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा श्रेयांश और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपनी विभागीय जिम्मेदारियों को समय सीमा के भीतर पूरा करने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: आदिम जनजातियों के विकास के लिए प्रशासन का सराहनीय कदम
लातेहार प्रशासन द्वारा शुरू किया गया ‘सबसे दूर, सबसे पहले’ अभियान वास्तव में सराहनीय है, क्योंकि आदिम जनजातीय (PVTG) परिवार आज भी भौगोलिक दुर्गमता और जागरूकता के अभाव में मुख्यधारा से कटे हुए हैं। पीएम जनमन और धरती आबा योजना जैसी केंद्रीय व राज्यीय योजनाओं का लाभ सीधे गांवों में कैंप लगाकर देना एक बेहतरीन प्रशासनिक पहल है। हालांकि, इस तरह के विशेष अभियानों की सफलता केवल सात दिनों की सक्रियता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके बाद भी योजनाओं की निरंतरता और निगरानी बनी रहनी चाहिए। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कैंप में मिले आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई हो और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो।
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सुदूर गांवों तक पहुंचाएं विकास की रोशनी जागरूक नागरिक बनकर बढ़ाएं कदम
किसी भी जिले या राज्य का वास्तविक विकास तब तक अधूरा है, जब तक हमारे समाज का सबसे कमजोर और अंतिम व्यक्ति बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहता है। ‘सबसे दूर, सबसे पहले’ का नारा तभी साकार होगा जब हम और आप मिलकर अपने आस-पास के जनजातीय परिवारों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे। सरकारी शिविरों की जानकारी सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना और योग्य लोगों को लाभ दिलाने में मदद करना हमारा सामाजिक दायित्व है। आइए, एक सजग और सक्रिय नागरिक की भूमिका निभाएं और विकास की इस बयार को लातेहार के हर घर तक पहुंचाने में भागीदार बनें।
लातेहार जिला प्रशासन के इस संतृप्ति अभियान को लेकर आपकी क्या राय है? क्या आपके गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच पा रहा है? अपने बहुमूल्य विचार और सुझाव नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें। इस महत्वपूर्ण जानकारी को लातेहार के सभी ग्रुप्स और मित्रों के साथ अधिक से अधिक शेयर करें ताकि हर पात्र व्यक्ति इस विशेष शिविर का पूरा लाभ उठा सके और जागरूक बन सके।

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