
#लातेहार #जन_शिकायत : उपायुक्त ने भूमि विवाद आवेदनों पर दिए निर्देश।
लातेहार समाहरणालय में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण कार्यक्रम आयोजित हुआ। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों ने भूमि विवाद और लगान रसीद से जुड़ी समस्याएँ रखीं। उपायुक्त ने सभी मामलों की समयबद्ध जांच और भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। प्रशासन ने त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता बताया।
- उत्कर्ष गुप्ता, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजन।
- शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे शिकायतकर्ता।
- भूमि विवाद और लगान रसीद से जुड़े आवेदन प्रमुख।
- विभागीय अधिकारियों को भौतिक सत्यापन के निर्देश।
- हर मंगलवार व शुक्रवार को होता है जन शिकायत निवारण।
लातेहार जिला मुख्यालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में आयोजित साप्ताहिक जन शिकायत निवारण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आमजन अपनी समस्याएँ लेकर पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी उत्कर्ष गुप्ता ने की। इस दौरान जिले के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएँ प्रशासन के समक्ष रखीं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भूमि विवाद, लगान रसीद निर्गत करने, राजस्व अभिलेखों के सुधार और अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त ने सभी शिकायतकर्ताओं की समस्याएँ क्रमवार सुनीं और प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से संज्ञान लिया।
एक-एक शिकायत की हुई सुनवाई
जन शिकायत निवारण कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों का भौतिक सत्यापन कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने कहा:
“जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।”
भूमि और राजस्व मामलों पर विशेष जोर
कार्यक्रम में सबसे अधिक आवेदन भूमि विवाद एवं लगान रसीद निर्गत करने से संबंधित प्राप्त हुए। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें भूमि अभिलेखों के अद्यतन और रसीद निर्गत करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश भी दिया गया।
नियमित रूप से हो रहा आयोजन
उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर जन शिकायत निवारण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य है कि आमजनों की समस्याओं को सीधे सुनकर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए और लंबित मामलों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।
प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर
जन शिकायत निवारण कार्यक्रम केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का महत्वपूर्ण मंच है। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक विभाग को अपने-अपने स्तर पर प्राप्त शिकायतों की जांच कर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र होगा। कई शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि सीधे उपायुक्त के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिलने से उन्हें विश्वास और संतोष की अनुभूति हुई है।
न्यूज़ देखो: जनता की सीधी सुनवाई से मजबूत होता भरोसा
लातेहार में नियमित जन शिकायत निवारण कार्यक्रम प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम है। यदि भौतिक सत्यापन और समयबद्ध निष्पादन ईमानदारी से लागू होता है, तो राजस्व और भूमि विवाद जैसे जटिल मामलों में भी राहत मिल सकती है। अब देखने वाली बात होगी कि निर्देशों का क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक बनें, अपनी आवाज उठाएँ
समस्याओं को दबाकर रखना समाधान नहीं देता। प्रशासन ने मंच दिया है, अब जिम्मेदारी हमारी भी है कि सही जानकारी और दस्तावेजों के साथ अपनी बात रखें।
यदि आपके क्षेत्र में भी कोई लंबित समस्या है, तो जन शिकायत निवारण कार्यक्रम का लाभ उठाएँ। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और दूसरों को भी जागरूक बनाएं, ताकि हर जरूरतमंद तक यह जानकारी पहुंचे।







