पलामू में हाईवे और रेलवे स्टेशन पर रील बनाने के बढ़ते चलन पर नाराजगी, वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने सख्त कार्रवाई की मांग उठाई

पलामू में हाईवे और रेलवे स्टेशन पर रील बनाने के बढ़ते चलन पर नाराजगी, वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने सख्त कार्रवाई की मांग उठाई

author News देखो Team
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#पलामू #सड़क_सुरक्षा : खतरनाक स्थानों पर रील बनाने की प्रवृत्ति पर संस्था ने चिंता जताई।

पलामू में हाईवे, फ्लाईओवर, रेलवे स्टेशन और व्यस्त सड़कों पर रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संस्था का कहना है कि सोशल मीडिया के लिए बनाए जा रहे ऐसे वीडियो सड़क और रेल सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। ट्रस्ट ने प्रशासन से निगरानी बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।

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  • पलामू में हाईवे, फ्लाईओवर और रेलवे स्टेशन पर रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की गई।
  • वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने इसे सड़क और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
  • संस्था की सचिव शर्मिला वर्मा ने इस चलन को गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया।
  • मन्नत सिंह बग्गा ने सोशल मीडिया स्टंट संस्कृति को बड़ी चुनौती करार दिया।
  • प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
  • स्कूलों और कॉलेजों में नियमित सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया गया।

पलामू जिले में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ के बीच सार्वजनिक स्थानों पर रील बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हाल के दिनों में कई युवाओं और महिलाओं को फ्लाईओवर, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे स्टेशन, ओवरब्रिज और व्यस्त सड़कों पर वीडियो बनाते देखा गया है। इस प्रवृत्ति को लेकर सामाजिक संस्था वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने गंभीर चिंता जताई है। संस्था का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत जोखिम का मामला नहीं है, बल्कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।

सोशल मीडिया रील संस्कृति बन रही चिंता का विषय

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने और अधिक लाइक्स तथा व्यूज पाने की प्रतिस्पर्धा के कारण कई लोग ऐसे स्थानों पर वीडियो बनाने लगे हैं जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। हाईवे और फ्लाईओवर जैसे स्थान तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए बनाए गए हैं, जहां थोड़ी सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

संस्था का कहना है कि कई मामलों में लोग वीडियो शूट करते समय अचानक सड़क के बीच पहुंच जाते हैं या लंबे समय तक सड़क किनारे रुककर रिकॉर्डिंग करते रहते हैं। इससे वाहन चालकों का ध्यान भटक सकता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

सड़क सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बनता जा रहा रील ट्रेंड

वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की सचिव शर्मिला वर्मा ने इस प्रवृत्ति पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

शर्मिला वर्मा ने कहा: “सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को नजरअंदाज कर सोशल मीडिया के लिए इस तरह के स्टंट वीडियो बनाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। सड़क सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बनता जा रहा यह रील ट्रेंड समाज के लिए चिंता का विषय है।”

उन्होंने कहा कि सड़कें और फ्लाईओवर मनोरंजन या वीडियो शूटिंग के लिए नहीं बनाए गए हैं। ऐसे स्थानों पर लापरवाही बरतने से न केवल वीडियो बनाने वाले व्यक्ति बल्कि अन्य राहगीर और वाहन चालक भी खतरे में पड़ सकते हैं।

रेलवे स्टेशन और ट्रैक के आसपास खतरा अधिक

संस्था ने विशेष रूप से रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक के आसपास वीडियो बनाने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। ट्रस्ट का मानना है कि रेलवे परिसर में छोटी सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है।

रेलवे स्टेशनों पर लगातार यात्रियों और ट्रेनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में वीडियो शूटिंग के दौरान ध्यान भटकने या सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने से गंभीर हादसे होने की आशंका रहती है। कई बार सोशल मीडिया कंटेंट के लिए लोग खतरनाक स्थानों के बेहद करीब पहुंच जाते हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है।

वर्षों से सड़क सुरक्षा अभियान चला रहा है ट्रस्ट

वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट लंबे समय से पलामू में सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संस्था हेल्मेट उपयोग, यातायात नियमों के पालन, दुर्घटना रोकथाम और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित व्यवहार के लिए प्रेरित करती रही है।

संस्था का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं बल्कि लोगों की जान बचाना और दुर्घटनाओं को कम करना है। इसी उद्देश्य के तहत ट्रस्ट लगातार विभिन्न सामाजिक अभियानों का संचालन करता रहा है।

युवाओं में बढ़ती स्टंट संस्कृति पर चिंता

संस्था से जुड़े मन्नत सिंह बग्गा ने युवाओं में बढ़ती सोशल मीडिया स्टंट संस्कृति को सड़क सुरक्षा अभियानों के सामने बड़ी चुनौती बताया।

मन्नत सिंह बग्गा ने कहा: “सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान सबसे बड़ी चुनौती युवाओं में बढ़ती सोशल मीडिया स्टंट संस्कृति है, जो नियमों से ज्यादा लाइक्स और व्यूज को प्राथमिकता देती है।”

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन लोकप्रियता की चाह में अपनी और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालना उचित नहीं है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि हाईवे, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए। संस्था का मानना है कि ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है।

संस्था ने सुझाव दिया कि सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थानों पर अनधिकृत वीडियो शूटिंग और खतरनाक स्टंट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए।

स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता अभियान की जरूरत

सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान से जुड़े युवा सदस्य लक्ष्य श्रेष्ठ ने कहा कि युवाओं को जिम्मेदार सोशल मीडिया उपयोग के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।

लक्ष्य श्रेष्ठ ने कहा: “रील बनाना गलत नहीं है लेकिन अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर मनोरंजन करना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हो सकता।”

उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि युवा सुरक्षा नियमों के महत्व को समझ सकें।

न्यूज़ देखो: वायरल ट्रेंड से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत

यह मामला केवल सोशल मीडिया कंटेंट का नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार का भी है। लोकप्रियता की दौड़ में यदि लोग सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने लगें तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा उठाई गई चिंता एक गंभीर सामाजिक मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित करती है। प्रशासन, शिक्षण संस्थानों और अभिभावकों को मिलकर युवाओं को जागरूक करने की दिशा में ठोस पहल करनी होगी। आखिरकार, एक वायरल वीडियो कुछ क्षणों की प्रसिद्धि दे सकता है, लेकिन एक दुर्घटना पूरे जीवन को प्रभावित कर सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुरक्षित जीवन ही सबसे बड़ा ट्रेंड है

सोशल मीडिया पर पहचान बनाना गलत नहीं है, लेकिन हर सफलता की नींव सुरक्षा और जिम्मेदारी पर टिकी होती है। एक क्षण की लापरवाही पूरे परिवार के लिए जीवनभर का दुख बन सकती है। सड़क, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थान सभी की साझा जिम्मेदारी हैं।

आज जरूरत इस बात की है कि युवा सकारात्मक और रचनात्मक कंटेंट बनाएं, लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी कभी न करें। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव रखते हैं।

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