
#लोहरदगा #नाईसमाजसम्मेलन : कर्पूरी भवन में जुटे सैकड़ों लोग, संगठन और शिक्षा पर हुई व्यापक चर्चा।
लोहरदगा जिले के थाना चौक स्थित कर्पूरी भवन में 20 जनवरी 2026 को नाई समाज का जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। संयुक्त ठाकुर विकास मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस सम्मेलन में जिले भर से बड़ी संख्या में समाज के पुरुष और महिलाएं शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य नाई समाज को संगठित करना, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक अधिकारों को लेकर एकजुट आवाज तैयार करना रहा। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संगठित समाज ही अपने अधिकारों को प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकता है।
- लोहरदगा के कर्पूरी भवन में आयोजित हुआ जिला स्तरीय सम्मेलन।
- संयुक्त ठाकुर विकास मोर्चा के बैनर तले हुआ आयोजन।
- उषा ठाकुर रहीं मुख्य अतिथि, जगत प्रकाश ठाकुर विशिष्ट अतिथि।
- समाज की एकता, शिक्षा और संगठन पर दिया गया जोर।
- महिलाओं और युवाओं को सक्रिय भागीदारी का आह्वान।
लोहरदगा जिले में नाई समाज को संगठित करने और सामाजिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। 20 जनवरी 2026 को थाना चौक स्थित कर्पूरी भवन में आयोजित जिला स्तरीय सम्मेलन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए सैकड़ों नाई समाज के लोगों ने भाग लिया। सम्मेलन में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे समाज में बढ़ती जागरूकता और भागीदारी का स्पष्ट संकेत मिला।
यह सम्मेलन संयुक्त ठाकुर विकास मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी एकता को मजबूत करना, शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना और सामाजिक अधिकारों को लेकर सामूहिक रणनीति तैयार करना रहा।
दीपक नहीं, ओम उच्चारण से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पंकज शास्त्री द्वारा ओम के उच्चारण के साथ की गई। उन्होंने नाई समाज के ऐतिहासिक योगदान और सामाजिक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समाज हमेशा से सेवा, समर्पण और मेहनत के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से संगठित और जागरूक रहने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन लोहरदगा प्रखंड अध्यक्ष अजय ठाकुर ने किया, जिन्होंने पूरे सम्मेलन को सुव्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण ढंग से आगे बढ़ाया।
मंच पर मौजूद रहे कई प्रमुख चेहरे
सम्मेलन में संयुक्त ठाकुर विकास मोर्चा की अध्यक्ष उषा ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश महासचिव जगत प्रकाश ठाकुर उर्फ मामा ठाकुर, राजू ठाकुर उर्फ पलटा जी, पंकज शास्त्री, शिव शंकर ठाकुर एवं रवि पांडुरंगा मंचासीन रहे।
इन सभी वक्ताओं ने समाज के वर्तमान हालात, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से अपने विचार रखे।
एकता से ही मिलेगी ताकत: जगत प्रकाश ठाकुर
प्रदेश महासचिव जगत प्रकाश ठाकुर उर्फ मामा ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि नाई समाज का इतिहास संघर्षों और सामाजिक न्याय की लड़ाई से जुड़ा रहा है। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर सहित झारखंड के कई नाई समाज के महापुरुषों के योगदान को याद किया।
जगत प्रकाश ठाकुर ने कहा: “हमारे महापुरुषों ने समाज के हक और सम्मान के लिए संघर्ष किया है। आज जरूरत है कि हम सब संयुक्त ठाकुर विकास मोर्चा के बैनर तले एकजुट होकर उस संघर्ष को आगे बढ़ाएं।”
उन्होंने कहा कि बिखरा हुआ समाज कमजोर होता है, जबकि संगठित समाज अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन के समक्ष मजबूती से रख सकता है।
शिक्षा ही समाज की असली ताकत: उषा ठाकुर
मुख्य अतिथि उषा ठाकुर ने अपने संबोधन में शिक्षा को समाज की प्रगति की सबसे मजबूत नींव बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक समाज का हर बच्चा शिक्षित नहीं होगा, तब तक सशक्तिकरण की बात अधूरी रहेगी।
उषा ठाकुर ने कहा: “अपने बच्चों को अवश्य शिक्षित करें। जब बच्चे शिक्षित होंगे, तभी समाज शिक्षित और मजबूत बनेगा।”
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि समाज की आधी आबादी महिलाओं की है और जब तक महिलाएं संगठित होकर आगे नहीं आएंगी, तब तक समाज का संपूर्ण विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं से संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर जोर
सम्मेलन में वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि समाज को आगे बढ़ाने में महिलाओं और युवाओं की भूमिका निर्णायक है। युवाओं को शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के लिए तैयार करने की आवश्यकता बताई गई, वहीं महिलाओं को सामाजिक और संगठनात्मक निर्णयों में शामिल करने पर जोर दिया गया।
कई वक्ताओं ने कहा कि जब समाज संगठित होकर अपनी मांगें रखेगा, तभी सरकार उन्हें गंभीरता से सुनेगी।
समाजहित में मिलकर काम करने का संकल्प
सम्मेलन के दौरान उपस्थित लोगों ने संगठन को और मजबूत करने, आपसी भाईचारे को बढ़ाने और समाजहित में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। लोगों ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह के सम्मेलन और संवाद कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता, शिक्षा के प्रसार और अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
न्यूज़ देखो: संगठित समाज ही बदलाव की कुंजी
लोहरदगा में हुआ यह सम्मेलन साफ दिखाता है कि नाई समाज अब संगठित होकर अपनी पहचान और अधिकारों को लेकर गंभीर है। शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और संगठनात्मक मजबूती पर दिया गया जोर समाज के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। अब देखना होगा कि इस मंच से उठी आवाजें नीतिगत स्तर पर कितना असर डाल पाती हैं।
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शिक्षा और एकता से बनेगा मजबूत समाज
समाज की ताकत उसकी एकजुटता में छिपी होती है।
जब शिक्षा और संगठन साथ चलते हैं, तब बदलाव संभव होता है।
अपने बच्चों को शिक्षित करें, महिलाओं को आगे बढ़ाएं और संगठन से जुड़ें।
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