
#सिमडेगा #हॉकी_टूर्नामेंट : रेंगारीह में आयोजित प्रतियोगिता में युवाओं ने दिखाया उत्साह।
सिमडेगा जिले के रेंगारीह स्थित संत पीयूष इंटर कॉलेज मैदान में शनिवार को जिला स्तरीय इंटर कॉलेज हॉकी टूर्नामेंट का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में जिले के सात इंटर कॉलेजों की बालक एवं बालिका टीमों ने भाग लिया। उद्घाटन विधायक भूषण बाड़ा और जोसिमा खाखा ने किया। यह आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- रेंगारीह, सिमडेगा में जिला स्तरीय हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन।
- विधायक भूषण बाड़ा और जोसिमा खाखा ने किया उद्घाटन।
- सात इंटर कॉलेजों की बालक-बालिका टीमों ने लिया हिस्सा।
- संत डोमनिक इंटर कॉलेज ने उद्घाटन मैच 5-0 से जीता।
- बालिका वर्ग में संत उर्सलाईन इंटर कॉलेज का शानदार प्रदर्शन।
सिमडेगा जिले के रेंगारीह में शनिवार को खेल भावना और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला, जब संत पीयूष इंटर कॉलेज मैदान में जिला स्तरीय इंटर कॉलेज हॉकी टूर्नामेंट का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न इंटर कॉलेजों की बालक एवं बालिका टीमों ने भाग लिया। उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी खास बना दिया। खिलाड़ियों में जोश और जीत की ललक साफ नजर आई।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का मनोबल
टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथि विधायक भूषण बाड़ा एवं विशिष्ट अतिथि जोसिमा खाखा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर और उनका उत्साहवर्धन कर किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और खेल के महत्व पर जोर दिया।
विधायक भूषण बाड़ा ने कहा: “सिमडेगा की पहचान हॉकी की धरती के रूप में देश-विदेश में बनी हुई है। यहां के युवाओं में प्रतिभा, जुनून और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा है।”
उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी, ताकि वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकें।
जोसिमा खाखा ने कहा: “ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही मंच और अवसर देने की।”
उनका यह संदेश ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा को निखारने में लगे हैं।
रोमांचक मुकाबलों से गूंजा मैदान
टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में संत डोमनिक इंटर कॉलेज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए संत अन्ना इंटर कॉलेज को 5-0 से हराकर दमदार शुरुआत की। यह मुकाबला पूरी तरह एकतरफा रहा, जिसमें विजेता टीम ने अपने खेल कौशल और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
वहीं संत पीयूष इंटर कॉलेज ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। मैच के दौरान खिलाड़ियों की गति, पासिंग और गोल करने की क्षमता ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
बालिका वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोचक रहे, जहां संत उर्सलाईन इंटर कॉलेज की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत हासिल की। खिलाड़ियों के समर्पण और टीमवर्क ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इस आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके प्रदर्शन की सराहना की। इस तरह के आयोजन न केवल खिलाड़ियों को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि जिले में खेल के प्रति जागरूकता और रुचि भी बढ़ाते हैं।
सिमडेगा लंबे समय से हॉकी के लिए जाना जाता है और यहां से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। ऐसे में इस तरह के टूर्नामेंट नए खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करते हैं।
युवाओं के लिए अवसर और प्रेरणा का मंच
इस प्रतियोगिता ने यह साबित कर दिया कि यदि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले, तो वे अपनी प्रतिभा से बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट एक बड़ा अवसर है, जहां वे अपनी क्षमता को पहचान सकते हैं और आगे बढ़ने का रास्ता तय कर सकते हैं।
न्यूज़ देखो: सिमडेगा में खेल प्रतिभाओं को निखारने की सशक्त पहल
यह आयोजन सिमडेगा जिले की खेल परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। स्थानीय स्तर पर इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं को न केवल मंच देती हैं, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करती हैं। अब सवाल यह है कि क्या इन प्रतिभाओं को आगे जिला और राज्य स्तर पर निरंतर अवसर मिल पाएंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल से बनता है भविष्य, बढ़ाएं कदम आगे
युवाओं के लिए खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन और जीवन मूल्यों को सीखने का माध्यम है। ऐसे आयोजनों में भाग लेना आत्मविश्वास बढ़ाता है और नई दिशा देता है। यदि समाज और प्रशासन मिलकर ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाएं, तो आने वाले समय में कई राष्ट्रीय खिलाड़ी इसी धरती से निकल सकते हैं।
आज जरूरत है कि हर युवा अपनी रुचि को पहचानकर उसमें मेहनत करे और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाए। खेल के जरिए न केवल व्यक्तिगत विकास संभव है, बल्कि समाज और देश का नाम भी रोशन किया जा सकता है।






