
#सिमडेगा #बजट_समीक्षा : अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में विभागवार व्यय और लक्ष्य प्रगति की समीक्षा हुई।
सिमडेगा जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत बजटीय आवंटन और उसके विरुद्ध किए गए खर्च की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी और अंचल अधिकारी शामिल हुए। समीक्षा का उद्देश्य बजट के समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना रहा। बैठक में लंबित मदों और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया।
- बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र ने की।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजटीय आवंटन व व्यय की समीक्षा।
- आपूर्ति, परिवहन, पंचायती राज, खनन सहित कई विभाग शामिल।
- लंबित मदों के शीघ्र निष्पादन पर जोर।
- शत-प्रतिशत और पारदर्शी व्यय सुनिश्चित करने का निर्देश।
- नियमित अनुश्रवण व्यवस्था लागू करने के निर्देश।
सिमडेगा जिले में विकास योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन और बजटीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट खर्च की व्यापक समीक्षा की गई। इस क्रम में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों को प्राप्त बजटीय आवंटन और उसके विरुद्ध अब तक किए गए व्यय की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सरकारी योजनाओं के लिए आवंटित राशि का सही उपयोग हो और इसका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता तक पहुंचे।
बैठक की अध्यक्षता और सहभागिता
बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र ने की। इसमें जिला आपूर्ति, परिवहन, भू-अर्जन, पंचायती राज, खनन, मत्स्य, सामाजिक सुरक्षा, उत्पाद, क्रीड़ा, नगर परिषद समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जिले के सभी अंचल अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए, जिससे समीक्षा प्रक्रिया को व्यापक और व्यावहारिक बनाया जा सका।
विभागवार बजटीय व्यय की समीक्षा
समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता ने विभागवार यह जानकारी ली कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में किस मद में कितनी राशि आवंटित की गई है और अब तक कितना व्यय किया गया है। जिन विभागों में अपेक्षाकृत कम खर्च हुआ है, वहां कारणों की जानकारी लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट का उपयोग केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका वास्तविक असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए।
शत-प्रतिशत और समयबद्ध व्यय पर जोर
अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त बजटीय आवंटन का शत-प्रतिशत, पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बजट खर्च में अनावश्यक विलंब न हो, क्योंकि देरी से विकास योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक समय पर नहीं पहुंच पाता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबित मदों पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान उन मदों पर विशेष चर्चा की गई, जो लंबे समय से लंबित हैं। अपर समाहर्ता ने निर्देश दिया कि लंबित योजनाओं और मदों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निष्पादन किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से कार्य अटका हुआ है, तो उसे समय रहते उच्च स्तर पर संज्ञान में लाया जाए, ताकि समाधान निकाला जा सके।
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता
समीक्षा बैठक में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। अपर समाहर्ता ने कहा कि सभी विभाग खर्च करते समय निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करें। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी व्ययों का सही दस्तावेजीकरण और समय पर रिपोर्टिंग आवश्यक है। इससे न केवल प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में ऑडिट और मूल्यांकन की प्रक्रिया भी सरल होगी।
नियमित अनुश्रवण के निर्देश
बजट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपर समाहर्ता ने नियमित अनुश्रवण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि प्रगति की निरंतर निगरानी हो सके। इससे समय रहते कमियों की पहचान कर सुधार किया जा सकेगा।
विकास योजनाओं को गति देने की पहल
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि बजट का सही उपयोग जिले के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चाहे वह आधारभूत संरचना का विकास हो, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं हों या ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से जुड़ी योजनाएं—सभी का उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: बजट अनुशासन से ही विकास संभव
सिमडेगा में आयोजित यह समीक्षा बैठक दर्शाती है कि जिला प्रशासन बजटीय अनुशासन और जवाबदेही को लेकर गंभीर है। योजनाओं का समय पर और पारदर्शी क्रियान्वयन ही सरकारी नीतियों की सफलता तय करता है। अब देखना होगा कि दिए गए निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदार बजट उपयोग से मजबूत होगा जिला
सरकारी बजट जनता की भलाई के लिए होता है और उसका सही उपयोग सभी की जिम्मेदारी है। समयबद्ध और पारदर्शी खर्च से ही विकास का भरोसा बनता है। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, लेख को आगे बढ़ाएं और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने में सहभागी बनें।







