
#गिरिडीह #डीएमएफटी_बैठक : खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास हेतु योजनाओं की समीक्षा और स्वीकृति।
गिरिडीह समाहरणालय सभागार में 19 जनवरी 2026 को जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की शासी परिषद की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएमएफटी मद से संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर साझा रणनीति तय की। सभी प्रस्तुत प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति देते हुए पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
- समाहरणालय सभागार, गिरिडीह में डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक।
- बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त रामनिवास यादव ने की।
- लोकसभा सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद रहे उपस्थित।
- विधायक जयराम महतो और मंत्री प्रतिनिधि संजय सिंह ने रखे विचार।
- डीएमएफटी मद से संचालित सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति।
गिरिडीह जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच अहम सहमति बनी है। 19 जनवरी 2026 को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) शासी परिषद की बैठक में न केवल अब तक संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई, बल्कि आने वाले समय में संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्राथमिक विकास क्षेत्रों को लेकर भी स्पष्ट दिशा तय की गई। बैठक का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना रहा कि डीएमएफटी फंड का लाभ वास्तविक रूप से खनन प्रभावित आबादी तक पहुंचे।
बैठक की अध्यक्षता और उद्देश्य
शासी परिषद की इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जिला उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने की। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी का मूल उद्देश्य खनन से प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में ठोस सुधार लाना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर जमीन पर साफ दिखाई दे।
जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में जिले और राज्य स्तर के कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। इनमें लोकसभा सांसद श्री चंद्रप्रकाश चौधरी, राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद, विधायक श्री जयराम महतो और मंत्री प्रतिनिधि श्री संजय सिंह शामिल थे। सभी जनप्रतिनिधियों ने डीएमएफटी के तहत चल रही योजनाओं पर अपने-अपने सुझाव रखे और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान डीएमएफटी मद से संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आधारभूत संरचना और आजीविका से जुड़े कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कई योजनाओं में प्रगति संतोषजनक है, जबकि कुछ कार्यों में गति बढ़ाने की आवश्यकता है। उपायुक्त ने ऐसे मामलों में स्पष्ट समय-सीमा तय करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
खनन प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष फोकस
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास डीएमएफटी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
रामनिवास यादव ने कहा: “डीएमएफटी के तहत संचालित सभी योजनाएं खनन प्रभावित लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने के उद्देश्य से लागू की जानी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पेयजल और आजीविका के साधनों को मजबूत करना आवश्यक है, ताकि स्थानीय लोग आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति
शासी परिषद की बैठक में प्रस्तुत किए गए सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय इस बात का संकेत है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर एकमत हैं। स्वीकृत प्रस्तावों के तहत आने वाले समय में विभिन्न योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
बैठक में सभी कार्यकारी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करें। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य की प्राथमिकताएं तय
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि डीएमएफटी के तहत आने वाले समय में खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा संस्थानों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, पेयजल आपूर्ति, सड़क और अन्य आधारभूत संरचना तथा स्थानीय आजीविका के अवसरों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन कार्यों से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन का भरोसा
प्रशासन ने भरोसा जताया कि डीएमएफटी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से खनन प्रभावित इलाकों में विकास की गति तेज होगी। इससे न केवल बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
न्यूज़ देखो: विकास के लिए साझा जिम्मेदारी
डीएमएफटी शासी परिषद की यह बैठक दिखाती है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधि गंभीर हैं। सर्वसम्मति से लिए गए फैसले उम्मीद जगाते हैं, लेकिन असली कसौटी उनके समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन में होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि योजनाओं का लाभ कितनी तेजी से जरूरतमंदों तक पहुंचता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विकास तभी सार्थक, जब लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
खनन से प्रभावित क्षेत्रों के लोग लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं। डीएमएफटी जैसी योजनाएं तभी सफल होंगी, जब उनका असर जमीन पर साफ दिखे। सामूहिक प्रयास और सतत निगरानी से ही यह संभव है।
आप अपने क्षेत्र में चल रही योजनाओं पर नजर रखें और अनुभव साझा करें। इस खबर को आगे बढ़ाएं, अपनी राय कमेंट में दें और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर जागरूक संवाद का हिस्सा बनें।

