डॉन वास्को एकेडमी का शानदार प्रदर्शन: मयंक मणि ने 99.2 प्रतिशत अंक लाकर बनाया नया रिकॉर्ड

डॉन वास्को एकेडमी का शानदार प्रदर्शन: मयंक मणि ने 99.2 प्रतिशत अंक लाकर बनाया नया रिकॉर्ड

author Jitendra Giri
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#मैकलुस्कीगंज #आईसीएसई_परिणाम : सिल्वर जुबली बैच में सभी छात्र प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए।

रांची जिले के मैकलुस्कीगंज स्थित डॉन वास्को एकेडमी ने आईसीएसई 2026 दसवीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम दर्ज किया है। विद्यालय के सभी 107 छात्र प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए, जबकि मयंक मणि ने 99.2 प्रतिशत अंक हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया। यह विद्यालय का 25वां बैच था, जिसने इस सफलता से शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण दिया। पूरे क्षेत्र में इस उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है।

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  • डॉन वास्को एकेडमी, मैकलुस्कीगंज का शानदार आईसीएसई परिणाम।
  • कुल 107 विद्यार्थी, सभी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण।
  • मयंक मणि ने 99.2% अंक लाकर रचा इतिहास।
  • विद्यालय का कुल औसत परिणाम 83.36 प्रतिशत रहा।
  • कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए।
  • प्राचार्य जोशी टी.डी. ने सफलता पर जताई खुशी।

मैकलुस्कीगंज स्थित डॉन वास्को एकेडमी ने एक बार फिर अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन से क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। आईसीएसई 2026 के परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर से लेकर विद्यार्थियों के घरों तक खुशी का माहौल बन गया। इस वर्ष विद्यालय का 25वां यानी सिल्वर जुबली बैच था, जिसने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया।

सभी विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में मारी बाजी

विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल 107 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें 81 छात्र और 26 छात्राएं थीं। खास बात यह रही कि सभी छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की।

विद्यालय का कुल औसत परिणाम 83.36 प्रतिशत रहा, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन को दर्शाता है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।

मयंक मणि ने बनाया नया रिकॉर्ड

इस वर्ष के टॉपर मयंक मणि ने 500 में से 496 अंक (99.2%) प्राप्त कर विद्यालय के इतिहास में सबसे अधिक अंक हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया।

मयंक का विषयवार प्रदर्शन बेहद शानदार रहा:

  • कंप्यूटर – 100 अंक
  • भूगोल – 100 अंक
  • अंग्रेजी – 99 अंक
  • हिंदी – 98 अंक
  • एसएसटी – 99 अंक

मयंक मणि के पिता आदर्श हाई स्कूल, मैकलुस्कीगंज में साइंस के पूर्व शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता संजू वर्मा गृहिणी हैं। उनकी बड़ी बहन नीति और साक्षी भी पूर्व में टॉपर रह चुकी हैं, जिससे यह परिवार लगातार शैक्षणिक उत्कृष्टता का उदाहरण बना हुआ है।

अन्य टॉपर्स ने भी किया शानदार प्रदर्शन

मयंक के अलावा कई अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया:

  • आयुष राज – 97.4%
  • कुमार सौरभ – 97.2%
  • अंशु राज – 96.6%
  • अग्रणी राज – 95.8%
  • रौशन कुमार – 95.4%
  • शुभम कुमार गुप्ता – 95.2%
  • अभिषेक कुमार – 95%
  • निशिता कुमारी – 94.8%
  • प्रणव कुमार भारती – 94.6%

इसके अलावा भी कई विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्राचार्य ने दी बधाई

विद्यालय के प्राचार्य जोशी टी.डी. ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा:

जोशी टी.डी. ने कहा: “यह हमारे विद्यालय का 25वां वर्ष है और इस बैच का प्रदर्शन हमारे लिए गर्व का विषय है। विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह संभव हो पाया है।”

उन्होंने मयंक मणि की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता ने विद्यालय, परिवार और पूरे मैकलुस्कीगंज का नाम रोशन किया है।

घर-घर में जश्न का माहौल

रिजल्ट घोषित होते ही विद्यार्थियों के घरों में खुशी का माहौल देखने को मिला। अभिभावकों ने बच्चों को मिठाई खिलाकर उनकी सफलता का जश्न मनाया।

विद्यालय के शिक्षक और अभिभावकों ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शिक्षा में निरंतर उत्कृष्टता की परंपरा

डॉन वास्को एकेडमी का यह परिणाम यह दर्शाता है कि विद्यालय लगातार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। सिल्वर जुबली वर्ष में इस तरह का प्रदर्शन संस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

यह सफलता अन्य विद्यालयों और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

न्यूज़ देखो: मेहनत और मार्गदर्शन का संगम बना सफलता की कुंजी

डॉन वास्को एकेडमी का यह परिणाम दिखाता है कि जब विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग एक साथ मिलता है, तो सफलता निश्चित होती है। यह सिर्फ एक स्कूल का रिजल्ट नहीं, बल्कि एक मजबूत शिक्षा प्रणाली का उदाहरण है। अब सवाल यह है कि क्या अन्य संस्थान भी इस मॉडल को अपनाकर बेहतर परिणाम ला पाएंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सपनों को उड़ान दें — मेहनत ही सफलता की असली पहचान है

हर छात्र के अंदर कुछ बड़ा करने की क्षमता होती है, बस जरूरत है सही दिशा और निरंतर मेहनत की।
मयंक और उनके साथियों ने यह साबित कर दिया कि लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

अगर आप भी अपने जीवन में सफलता पाना चाहते हैं, तो आज से ही अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हो जाएं।
शिक्षा को अपनी ताकत बनाएं और हर चुनौती को अवसर में बदलें।

अपनी राय कमेंट में जरूर दें, इस प्रेरणादायक खबर को शेयर करें और दूसरों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।

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Written by

खलारी, रांची

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