जोन्हा फॉल में डीपीएस रांची के म्यूजिक टीचर माइकल घोष बहे, तीन दिन की मूसलाधार बारिश के बीच हादसा

जोन्हा फॉल में डीपीएस रांची के म्यूजिक टीचर माइकल घोष बहे, तीन दिन की मूसलाधार बारिश के बीच हादसा

author News देखो Team
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#रांची #जोन्हाफॉलदुर्घटना — तेज बारिश के बीच फॉल में बह गए डीपीएस शिक्षक, सर्च ऑपरेशन जारी
  • डीपीएस रांची के म्यूजिक टीचर माइकल घोष जोन्हा फॉल में बह गए
  • बारिश के दौरान पत्थर पर फोटो खिंचाते वक्त पैर फिसला
  • पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, अब तक नहीं मिला सुराग
  • तेज बारिश और बहाव के कारण सर्च ऑपरेशन में दिक्कतें
  • तीन दिनों से झारखंड में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

फोटो खिंचाने के दौरान फिसला पैर, तेज बहाव में बह गए शिक्षक

रांची: झारखंड में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गुरुवार शाम को एक बड़ा हादसा जोन्हा फॉल में घटित हुआ। दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) रांची के म्यूजिक टीचर माइकल घोष (उम्र 40 वर्ष), जो मूल रूप से धनबाद निवासी थे, अपने दोस्तों पंकज श्रीवास्तव और ऋतिक सामाद के साथ घूमने आए थे।

तीनों दोस्त बारिश के बीच जोन्हा फॉल में पत्थर पर चढ़कर फोटो खिंचवा रहे थे, तभी अचानक माइकल घोष का पैर फिसल गया और वे तेज बहाव वाले पानी में गिरकर बह गए।

आंखों के सामने बह गया दोस्त, नहीं बचा पाए लोग

घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव बहुत तेज था। माइकल घोष देखते-ही-देखते पानी में ओझल हो गए और किसी को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला।

पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर, खोज अभियान जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल जोन्हा फॉल पहुंचा। तलाश अभियान तेजी से चलाया गया, लेकिन अब तक माइकल घोष का कोई सुराग नहीं मिला है। बचाव कार्य में लगातार बारिश और बहाव के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में बारिश का कहर

राज्यभर में मूसलधार बारिश ने कहर मचाया है। स्वर्णरेखा और सपही नदी उफान पर हैं। कांके डैम भी खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। कई इलाकों में जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

न्यूज़ देखो: चेतावनी को नज़रअंदाज़ करना पड़ सकता है भारी

जोन्हा फॉल जैसी जगहों पर बारिश के दौरान सुरक्षा को लेकर हमेशा विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। माइकल घोष की दुर्घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि प्राकृतिक स्थलों पर सावधानी की छोटी चूक भी जानलेवा हो सकती है। प्रशासन को चाहिए कि तेज बारिश के दौरान पर्यटक स्थलों पर सख्त चेतावनी बोर्ड और गाइडलाइन लागू करे ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बारिश के मौसम में सतर्कता ही सुरक्षा

लोगों से अपील है कि वे भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के समय अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। पर्यटक स्थलों पर जोखिम न लें और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
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