बरवाडीह प्लस टू विद्यालय में मनाई गई डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि

बरवाडीह प्लस टू विद्यालय में मनाई गई डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि

author News देखो Team
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#बरवाडीह #शिक्षा : मिसाइल मैन की प्रेरणा से सजी श्रद्धांजलि सभा
  • बरवाडीह प्लस टू विद्यालय परिसर में कलाम साहब की पुण्यतिथि पर आयोजन।
  • मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर की उपस्थिति।
  • प्रधानाध्यापिका सुनीता खलखो ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
  • शिक्षक और छात्र प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
  • कलाम साहब की शिक्षा और सेवाओं को बताया युवाओं के लिए प्रेरणादायक।

बरवाडीह प्रखंड के प्लस टू विद्यालय परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के योगदान और प्रेरक जीवन को याद किया गया। शिक्षकों और छात्रों ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। जिला परिषद सदस्य और विद्यालय प्रधानाध्यापिका ने उनके संघर्ष, शिक्षा के प्रति समर्पण और राष्ट्र निर्माण में योगदान को प्रेरणादायक बताया।

श्रद्धा और संकल्प के साथ हुआ कार्यक्रम का आगाज

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में स्थापित डॉ कलाम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और माल्यार्पण कर की गई। इस दौरान प्रधानाध्यापिका सुनीता खलखो ने कहा कि डॉ कलाम ने शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा हथियार माना और अपने जीवन के अंतिम दिन तक समाज को शिक्षित करने का काम करते रहे।

जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने कहा: “डॉ कलाम साहब ने साबित किया कि कठिन परिस्थितियां भी बड़े सपनों को रोक नहीं सकतीं। उनका जीवन युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।”

कलाम साहब की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है कि सपने देखने वाले ही बदलाव लाते हैं। उनकी सोच और उनके वैज्ञानिक योगदान ने भारत को मिसाइल तकनीक में विश्व पटल पर स्थापित किया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों को उनके सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प दिलाया।

न्यूज़ देखो: शिक्षा से बदलता भारत का भविष्य

इस कार्यक्रम ने एक बार फिर याद दिलाया कि समाज को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा ही सबसे बड़ा साधन है। डॉ कलाम का संदेश हमें यह सिखाता है कि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार और अवसर मिलना चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा ही असली शक्ति, आइए इसे साझा करें

अब समय है कि हम सब कलाम साहब के सपनों को आगे बढ़ाएं। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिले और शिक्षा का महत्व हर घर तक पहुंचे।

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