#चंदवा #पेयजल_संकट : खराब नल-जल योजना से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत कामता पंचायत के दामोदर स्थित परहैया टोला में पेयजल संकट गंभीर हो गया है। गांव में लगे दो नल-जल योजना खराब होने से आदिम जनजाति परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण मजबूरी में कुएं के दूषित पानी का उपयोग कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
- परहैया टोला में दो नल-जल योजना खराब होने से संकट गहराया।
- दर्जनभर से अधिक आदिम जनजाति परिवार प्रभावित।
- ग्रामीण दूषित कुएं के पानी पर हुए निर्भर।
- भीषण गर्मी में महिलाओं और बच्चों की बढ़ी परेशानी।
- पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने किया गांव का दौरा।
- उपायुक्त संदीप कुमार से जल्द समाधान की मांग।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड स्थित कामता पंचायत के ग्राम दामोदर अंतर्गत परहैया टोला में इन दिनों पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। गांव में लगाए गए दो नल-जल योजना खराब हो जाने के कारण आदिम जनजाति परिवारों के सामने पानी की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत से दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
गांव के लोगों ने बताया कि नल-जल योजना बंद होने के कारण अब उन्हें कुएं के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कुएं का पानी पूरी तरह स्वच्छ नहीं है, लेकिन मजबूरी में उसी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों के लिए करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि दूषित पानी के उपयोग से बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
एक योजना शुरू से बंद, दूसरी महीनों से खराब
ग्रामीणों ने जानकारी दी कि गांव में लगाए गए दो नल-जल योजनाओं में से एक योजना शुरू से ही बंद पड़ी है।
वहीं दूसरी योजना पिछले तीन से चार महीनों से खराब है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पंचायत समिति सदस्य ने सुनी ग्रामीणों की समस्या
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी जैसी बुनियादी जरूरत का अभाव बेहद चिंताजनक है।
अयुब खान ने कहा: “भीषण गर्मी में मासूम बच्चों और महिलाओं को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल होनी चाहिए।”
उन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
उपायुक्त से की गई हस्तक्षेप की मांग
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार से खराब पड़ी नल-जल योजनाओं को शीघ्र दुरुस्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान सुनिश्चित करेगा।
गर्मी में बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि बढ़ती गर्मी के कारण पानी की जरूरत और अधिक बढ़ गई है। ऐसे में पेयजल संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
न्यूज़ देखो: पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही चिंताजनक
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट आज भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। विशेषकर आदिम जनजाति बहुल इलाकों में मूलभूत सुविधाओं की कमी लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करती है। सरकार की योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक लगातार और सुचारु रूप से पहुंचे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी बचाएं और समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाएं
पानी जीवन की सबसे जरूरी जरूरत है और इसकी उपलब्धता हर व्यक्ति का अधिकार भी। गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं को सामने लाना और समाधान की मांग करना सामाजिक जिम्मेदारी है।
अपने क्षेत्र की समस्याओं को जागरूकता के साथ उठाएं, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और स्थानीय मुद्दों पर अपनी राय जरूर रखें।

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