खलारी पुलिस और डालसा रांची की तत्परता से लावारिस मिली किशोरी सकुशल परिजनों से मिली

खलारी पुलिस और डालसा रांची की तत्परता से लावारिस मिली किशोरी सकुशल परिजनों से मिली

author Jitendra Giri
8 Views Download E-Paper (3)
#खलारी #बाल_सुरक्षा : चूरी कोल माइंस क्षेत्र में भटकती किशोरी को सुरक्षित संरक्षण देकर परिवार को सौंपा गया।

खलारी थाना क्षेत्र के चूरी सीसीएल कोल माइंस इलाके में भटकती मिली एक नाबालिग किशोरी को खलारी पुलिस और डालसा रांची के संयुक्त प्रयास से सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया गया। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए किशोरी को तत्काल संरक्षण में लिया और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया। बाद में पहचान होने पर उसे सकुशल परिवार को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई बाल सुरक्षा और मानवीय जिम्मेदारी का सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई।

Join WhatsApp
  • 5 मई 2026 की शाम चूरी सीसीएल कोल माइंस क्षेत्र में मिली किशोरी।
  • ग्रामीणों की सूचना पर सक्रिय हुई खलारी थाना पुलिस
  • डालसा रांची और पीएलवी मुन्नु शर्मा ने संरक्षण प्रक्रिया में निभाई भूमिका।
  • किशोरी को माहेर आश्रम, करकट्ट गांव (बिजुपाड़ा) में सुरक्षित रखा गया।
  • पहचान होने के बाद बच्ची को उसके परिजनों को सौंपा गया।
  • किशोरी पिपरवार थाना क्षेत्र के कुटकी पुनादीह की रहने वाली बताई गई।

खलारी थाना पुलिस और डालसा रांची की तत्परता से एक नाबालिग किशोरी को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य सामने आया है। चूरी सीसीएल कोल माइंस क्षेत्र में भटकती हुई मिली किशोरी मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही है, जिसके कारण वह अपने घर से दूर निकल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए बच्ची को संरक्षण में लिया। इसके बाद डालसा रांची और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया तथा परिजनों की पहचान कर बच्ची को सकुशल परिवार को सौंप दिया गया। इस पूरी कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है।

चूरी कोल माइंस क्षेत्र में भटकती मिली किशोरी

जानकारी के अनुसार 5 मई 2026 की संध्या करीब 4 बजे खलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत चूरी सीसीएल कोल माइंस के समीप स्थित बरटांड़ गांव में एक अज्ञात किशोरी को भटकते हुए देखा गया। बच्ची की स्थिति सामान्य नहीं लगने पर ग्रामीणों को आशंका हुई और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना खलारी थाना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर किशोरी को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पुलिस द्वारा बच्ची को खलारी थाना लाया गया, जहां उससे आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि किशोरी मानसिक रूप से कमजोर है और संभवतः रास्ता भटककर यहां पहुंच गई थी।

पुलिस और डालसा रांची ने दिखाई संवेदनशीलता

बच्ची की सुरक्षा और सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए खलारी पुलिस ने डालसा रांची से संपर्क किया। इसके बाद डालसा रांची के पीएलवी मुन्नु शर्मा ने भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई। संयुक्त प्रयास से यह सुनिश्चित किया गया कि किशोरी को सुरक्षित वातावरण मिले और रात के समय उसे किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इसी क्रम में बच्ची को चान्हो थाना क्षेत्र के बिजुपाड़ा स्थित करकट्ट गांव के माहेर आश्रम में रात्रि संरक्षण दिलाया गया। वहां उसकी देखभाल और सुरक्षा की व्यवस्था की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्ची की मानसिक स्थिति को देखते हुए विशेष सावधानी बरती गई।

पीएलवी मुन्नु शर्मा ने कहा: “बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण होती है। पुलिस और डालसा ने मिलकर बच्ची को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया।”

परिजनों की तलाश के लिए चलाया गया प्रयास

खलारी पुलिस और डालसा रांची ने संयुक्त रूप से किशोरी की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए प्रयास शुरू किया। आसपास के थाना क्षेत्रों से संपर्क किया गया और आवश्यक सूचनाएं साझा की गईं। लगातार प्रयास के बाद बच्ची की पहचान हुई।

पुलिस जांच में सामने आया कि उक्त किशोरी पिपरवार थाना क्षेत्र के कुटकी पुनादीह गांव की रहने वाली है। बताया गया कि वह एक दिन पूर्व अपने घर से निकल गई थी और रास्ता भटकते हुए चूरी कोल माइंस क्षेत्र तक पहुंच गई थी।

परिजनों को सूचना दिए जाने के बाद उन्हें खलारी थाना बुलाया गया। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोरी को सकुशल उसके परिवार को सौंप दिया गया।

सुरक्षित संरक्षण के बाद परिवार को मिली राहत

जब परिजन खलारी थाना पहुंचे तो बच्ची को सुरक्षित देखकर उन्होंने राहत की सांस ली। परिवार के सदस्यों ने पुलिस और डालसा रांची के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की सक्रियता और मानवीय व्यवहार की सराहना की।

इस पूरी कार्रवाई में यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि यदि पुलिस और सामाजिक संस्थाएं संवेदनशीलता के साथ काम करें तो कई परिवारों को बड़ी परेशानियों से बचाया जा सकता है। समय पर सूचना और तत्पर कार्रवाई ने एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बाल सुरक्षा के मामलों में जागरूकता जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक रूप से कमजोर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए परिवारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। ऐसे मामलों में यदि कोई बच्चा भटकता हुआ मिले तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना देना आवश्यक होता है।

खलारी क्षेत्र में हुई इस घटना ने यह भी दिखाया कि ग्रामीणों की सजगता और प्रशासन की तत्परता मिलकर किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में समाज की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी प्रशासन की।

न्यूज़ देखो: संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल बनी यह कार्रवाई

खलारी पुलिस और डालसा रांची की यह कार्रवाई केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता का मजबूत उदाहरण है। एक मानसिक रूप से कमजोर किशोरी को सुरक्षित संरक्षण देना और उसे सकुशल परिवार तक पहुंचाना पुलिस की जिम्मेदार कार्यशैली को दर्शाता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और समन्वय कई संभावित खतरों को रोक सकता है। जरूरत इस बात की है कि बाल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समाज और प्रशासन मिलकर लगातार सतर्क रहें।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग समाज ही बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत

किसी भी भटके हुए बच्चे को नजरअंदाज करना एक बड़ी चूक साबित हो सकती है। समय पर दी गई छोटी सी सूचना किसी परिवार की खुशियां वापस ला सकती है। बच्चों और किशोरों की सुरक्षा केवल प्रशासन नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। यदि आपके आसपास कोई बच्चा असहाय या भटका हुआ दिखे तो तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसियों को जानकारी दें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 4 / 5. कुल वोट: 1

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

खलारी, रांची

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: