
#गिरिडीह #सांस्कृतिक_आयोजन : ईद के अवसर पर भंडारीडीह में संगीत और भाईचारे का भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा।
गिरिडीह के भंडारीडीह में ईद के अवसर पर एकता कल्चरल फाउंडेशन द्वारा भव्य ‘ईदी नगमा’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह फाउंडेशन का 41वां आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न कलाकार हिस्सा लेंगे। कोलकाता से अलाउंसर संजय मिश्रा के आने की भी पुष्टि हुई है। आयोजन को लेकर प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी गई।
- भंडारीडीह, गिरिडीह में ईद पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- एकता कल्चरल फाउंडेशन का 41वां आयोजन ‘ईदी नगमा’।
- कोलकाता से संजय मिश्रा होंगे कार्यक्रम के अलाउंसर।
- फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी।
- कलाकारों को मंच देने और भाईचारे का संदेश देने की पहल।
- बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना।
गिरिडीह जिले में ईद के पावन अवसर पर इस बार भंडारीडीह में एकता कल्चरल फाउंडेशन द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘ईदी नगमा’ का आयोजन किया जा रहा है। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता के माध्यम से इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की और बताया कि यह उनका 41वां आयोजन होगा। कार्यक्रम को लेकर शहर के कलाकारों और आम लोगों में उत्साह देखा जा रहा है।
प्रेस वार्ता में दी गई विस्तृत जानकारी
प्रेस वार्ता के दौरान फाउंडेशन के अध्यक्ष बबलू सानू ने बताया कि ईद के शुभ अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश देगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा।
इस मौके पर फाउंडेशन के कई प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें राजेश सिन्हा (चेयरमैन), पंकज शर्मा (महासचिव), कासिम खान (सचिव), तैयब बाबू (कोषाध्यक्ष), ताहिर इमाम (मैनेजर), संदीप अग्रवाल, नवाजिश, रिनटु, मुन्ना, कादिर, शेखू सहित अन्य लोग शामिल थे।
कोलकाता से आएंगे अलाउंसर संजय मिश्रा
कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें कोलकाता से प्रसिद्ध अलाउंसर संजय मिश्रा विशेष रूप से शामिल होंगे। उनके आने से कार्यक्रम में और भी आकर्षण बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है कि इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और दर्शकों के लिए बेहतरीन प्रस्तुतियां पेश की जाएंगी।
फाउंडेशन का विस्तार और भविष्य की योजना
फाउंडेशन के अध्यक्ष बबलू सानू ने संगठन के विस्तार को लेकर भी अपनी योजना साझा की।
बबलू सानू ने कहा: “हम गिरिडीह जिला ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड में अपने संगठन का विस्तार करेंगे और कलाकारों को मंच देंगे।”
वहीं, सचिव संजू खान और महासचिव पंकज शर्मा ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में एकता कल्चरल फाउंडेशन की पहचान पूरे देश में बनेगी।
पंकज शर्मा ने कहा: “एक दिन फाउंडेशन की चर्चा पूरे भारत में होगी और हम कलाकारों को नई पहचान देंगे।”
कलाकारों को मिलेगा मंच, भाईचारे का संदेश
फाउंडेशन के चेयरमैन राजेश सिन्हा ने सभी शहरवासियों को ईद की बधाई देते हुए कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस मंच से गिरिडीह के स्थानीय कलाकारों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के माध्यम से समाज में भाईचारे और एकता का संदेश देने की भी पहल की जा रही है। आयोजकों ने बताया कि ईद की शाम को यह कार्यक्रम एक सकारात्मक संदेश के साथ शुरू होगा।
मुख्य संरक्षक ने दी ईद की मुबारकबाद
फाउंडेशन के मुख्य संरक्षक हकीम अंसारी ने इस अवसर पर सभी संगीत प्रेमियों और गिरिडीह शहरवासियों को ईद की मुबारकबाद दी। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की।
बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
न्यूज़ देखो: सांस्कृतिक मंच से भाईचारे का संदेश देने की पहल
ईद जैसे त्योहार पर इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। एकता कल्चरल फाउंडेशन का यह प्रयास स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देता है। ऐसे आयोजनों से शहर की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है। अब देखना होगा कि यह पहल आगे किस स्तर तक पहुंचती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
त्योहारों पर एकता का संदेश, संस्कृति से जुड़े समाज
त्योहार केवल उत्सव का अवसर नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम भी होते हैं। ऐसे आयोजनों से लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और एक-दूसरे से जुड़ने का मौका मिलता है। हमें चाहिए कि हम इस तरह के सकारात्मक प्रयासों में भाग लें और समाज में एकता का संदेश फैलाएं। आप भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनें, अपनी राय कमेंट में साझा करें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर भाईचारे की मिसाल कायम करें।





