#बसिया #हाथी_आतंक : बाघधरा जंगल में घटना—महिला की मौके पर मौत, वन विभाग ने जारी की चेतावनी।
गुमला के बसिया प्रखंड में जंगली हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गई। महुआ चुनने गई बिरसमुनि उराइन को हाथी ने कुचल दिया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
- बिरसमुनि उराइन (56 वर्ष) की हाथी हमले में मौत।
- घटना बाघधरा जंगल, महाराजगंज क्षेत्र की।
- हाथी ने पीछे से हमला कर कुचल दिया।
- वन विभाग ने ₹25,000 की तत्काल सहायता दी।
- ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी।
गुमला जिले के बसिया प्रखंड अंतर्गत महाराजगंज कारालोया क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां जंगली हाथी के हमले में 56 वर्षीय बिरसमुनि उराइन की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना बाघधरा जंगल में हुई, जहां महिला महुआ चुनने गई थी।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण भयभीत हैं।
पीछे से किया हमला, नहीं मिला संभलने का मौका
जानकारी के अनुसार, बिरसमुनि उराइन जंगल में महुआ बीन रही थीं, तभी झुंड से बिछड़ा एक अकेला हाथी अचानक उनके पीछे से आ गया।
एक ग्रामीण ने बताया: “महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला, हाथी ने सीधे हमला कर दिया।”
हाथी ने महिला को अपने पैरों से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही फॉरेस्टर शेखर सिंह और थाना प्रभारी कृष्ण कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
फॉरेस्टर शेखर सिंह ने कहा: “वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है।”
परिजनों को दी गई सहायता
वन विभाग ने मृतका के परिजनों को तत्काल ₹25,000 की सहायता राशि प्रदान की है।
शेखर सिंह ने कहा: “कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष मुआवजा भी जल्द दिया जाएगा।”
जंगल में अब भी मौजूद है हाथी
वन विभाग के अनुसार, हाथी अभी भी महाराजगंज के जंगल में ही मौजूद है और उसे रिहायशी इलाकों से दूर भगाने का प्रयास किया जा रहा है।
शेखर सिंह ने अपील की: “ग्रामीण हाथी के पास न जाएं और किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें।”
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
बसिया थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों में भय का माहौल
घटना के बाद क्षेत्र के लोग डरे हुए हैं और जंगल जाने से बच रहे हैं।
एक महिला ने कहा: “अब जंगल जाने में डर लग रहा है।”
वन्यजीव-मानव संघर्ष पर सवाल
यह घटना एक बार फिर जंगल से सटे क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को उजागर करती है।
न्यूज़ देखो: जंगल का खतरा गांव तक
बसिया की यह घटना दिखाती है कि वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बन रही है। अब स्थायी समाधान की जरूरत है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्कता ही सुरक्षा
जंगल क्षेत्र में हमेशा सावधान रहें।
अकेले जंगल जाने से बचें।
वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
आइए, हम सुरक्षित रहने का संकल्प लें।
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