#सिमडेगा #युवा_प्रेरणा : सावरकर विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ।
सिमडेगा जिले में मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में श्री गुरुकुल कैरियर इंस्टीट्यूट में विनायक दामोदर सावरकर विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों से प्रेरित करने का उद्देश्य रखा गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।
- श्री गुरुकुल कैरियर इंस्टीट्यूट, सिमडेगा में निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित।
- कार्यक्रम का आयोजन मेरा युवा भारत एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में हुआ।
- मुख्य अतिथि प्रीतम कुमार सर, अभिजीत कुमार दास एवं लेखा अधिकारी सोरिना टेटे द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
- प्रतियोगिता में सोफिया किंडो (प्रथम), अंजीर बड़ाईक (द्वितीय), दीपिका किंडो (तृतीय) रहे विजेता।
- टॉप 10 प्रतिभागियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया।
- कार्यक्रम में निलेश कुमार, जूही कुमारी, रिया कुमारी, पूजा कुमारी, नैना कुमारी, शिवम केसरी की भूमिका रही।
सिमडेगा जिले में युवाओं को राष्ट्र निर्माण और विचारशीलता की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्री गुरुकुल कैरियर इंस्टीट्यूट में “मेरा युवा भारत” और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय विनायक दामोदर सावरकर पर आधारित निबंध लेखन प्रतियोगिता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत एवं उद्देश्य
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रीतम कुमार सर, अभिजीत कुमार दास एवं लेखा अधिकारी सोरिना टेटे द्वारा सावरकर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक निलेश कुमार एवं जूही कुमारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से जोड़ना और उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना था। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के मानसिक और वैचारिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विचारशीलता और राष्ट्रभक्ति पर जोर
कार्यक्रम के संचालन एवं देखरेख में लेखा अधिकारी सोरिना टेटे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पण ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।
सोरिना टेटे ने कहा: “हमें अपने जीवन में स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों को अपनाकर समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार बनना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
निबंध प्रतियोगिता और विद्यार्थियों का प्रदर्शन
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सावरकर के जीवन, विचारधारा एवं उनके योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में छात्रों की रचनात्मकता और लेखन क्षमता देखने को मिली।
परिणामस्वरूप:
- सोफिया किंडो ने प्रथम स्थान प्राप्त किया
- अंजीर बड़ाईक ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया
- दीपिका किंडो ने तृतीय स्थान प्राप्त किया
इसके साथ ही टॉप 10 प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
आयोजन में स्वयंसेवकों की भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में कई स्वयंसेवकों ने सक्रिय योगदान दिया। इनमें रिया कुमारी, पूजा कुमारी, नैना कुमारी एवं शिवम केसरी प्रमुख रूप से शामिल रहे। उनकी भूमिका आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण रही।
समापन संदेश
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रेरणादायक संदेश के साथ किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं और यदि उन्हें सही दिशा मिले तो वे समाज और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
न्यूज़ देखो: युवाओं को विचारशीलता और राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने की पहल
यह आयोजन दर्शाता है कि शिक्षा संस्थान अब केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे युवाओं में सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना विकसित करने का भी कार्य कर रहे हैं। सावरकर जैसे महान व्यक्तित्व पर आधारित प्रतियोगिताएं छात्रों को इतिहास और विचारधारा से जोड़ती हैं। हालांकि ऐसे आयोजनों की निरंतरता और व्यापकता आवश्यक है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो सकें। प्रशासन और संस्थानों की यह संयुक्त पहल सराहनीय है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
राष्ट्रनिर्माण की दिशा में युवा सबसे बड़ी शक्ति
युवा ही समाज और देश की असली ताकत हैं, जिन्हें सही दिशा और अवसर मिलना आवश्यक है।
ऐसे कार्यक्रम न केवल ज्ञान बढ़ाते हैं बल्कि सोचने और समझने की क्षमता भी विकसित करते हैं।
आइए हम सभी मिलकर शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति को बढ़ावा दें।
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