
#चंदवा #कृषि_विकास : आदर्श रविराज की मौजूदगी में किसानों को सिंचाई संसाधन देकर आत्मनिर्भर खेती को बढ़ावा।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में भूमि संरक्षण योजना के अंतर्गत किसानों को सिंचाई सुविधा मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की गई। मनरेगा से निर्मित कूप के लाभुक किसानों के बीच पंप सेट और 200 फीट डिलेवरी पाइप का वितरण किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि आदर्श रविराज की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने किसानों को संसाधन सौंपते हुए योजना के महत्व को रेखांकित किया। इस पहल से किसानों को वर्षा पर निर्भरता से राहत मिलने की उम्मीद है।
- विधायक प्रतिनिधि आदर्श रविराज ने किया पंप सेट वितरण।
- भूमि संरक्षण योजना के तहत किसानों को सिंचाई सुविधा।
- मनरेगा कूप से जुड़े किसानों को सीधा लाभ।
- 19 लाभुक किसानों के बीच पंप सेट और डिलेवरी पाइप।
- प्रखंड कृषि पदाधिकारी मनीष पाण्डेय की रही सहभागिता।
चंदवा प्रखंड में आयोजित यह कार्यक्रम किसानों के लिए केवल एक वितरण समारोह नहीं, बल्कि खेती को मजबूत आधार देने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। भूमि संरक्षण योजना के तहत मनरेगा से बने कूपों के साथ पंप सेट और डिलेवरी पाइप मिलने से किसानों को अब सिंचाई के लिए बाहरी संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में बतौर अतिथि उपस्थित विधायक प्रतिनिधि आदर्श रविराज ने स्वयं किसानों के बीच जाकर पंप सेट और 200 फीट डिलेवरी पाइप वितरित किए। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं भी सुनीं और भरोसा दिलाया कि कृषि से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा।
आदर्श रविराज का किसानों को भरोसा
पंप सेट वितरण के दौरान आदर्श रविराज ने कहा कि भूमि संरक्षण योजना किसानों के जीवन में बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
आदर्श रविराज ने कहा: “मनरेगा कूप के साथ पंप सेट और डिलेवरी पाइप मिलने से किसान अब समय पर सिंचाई कर सकेंगे। इससे उन्हें बारिश की अनिश्चितता से मुक्ति मिलेगी और फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। किसानों को आत्मनिर्भर बनाना ही सरकार की मंशा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल होती हैं, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इस दिशा में प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर कार्य कर रहे हैं।
तकनीकी खेती और जल संरक्षण पर जोर
इस अवसर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी मनीष पाण्डेय ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूमि संरक्षण योजना का उद्देश्य केवल पंप सेट वितरण नहीं है, बल्कि जल संरक्षण के साथ-साथ खेती को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।
मनीष पाण्डेय ने कहा: “कम लागत में अधिक उत्पादन इस योजना का लक्ष्य है। पंप सेट और डिलेवरी पाइप से किसान कम समय में अधिक क्षेत्र में सिंचाई कर पाएंगे, जिससे उनकी खेती अधिक व्यवस्थित होगी।”
उन्होंने किसानों को पंप सेट के सही उपयोग और रखरखाव की जानकारी भी दी, ताकि लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।
19 किसानों को मिला सीधा लाभ
कार्यक्रम में कुल 19 लाभुक किसानों के बीच पंप सेट और डिलेवरी पाइप वितरित किए गए। लाभुकों में रोजामत मियां, सतेंद्र यादव, बनवारी यादव सहित अन्य किसान शामिल हैं। सभी किसानों ने संसाधन पाकर खुशी जताई और कहा कि इससे उनकी खेती अब पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
किसानों ने बताया कि अब उन्हें सिंचाई के लिए निजी पंप किराए पर लेने या महंगे साधनों पर खर्च नहीं करना पड़ेगा। इससे खेती की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
चंदवा जैसे कृषि आधारित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मजबूत होने से केवल व्यक्तिगत किसान ही नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण क्षेत्र को लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर सिंचाई से किसान फसल चक्र में सुधार कर सकेंगे और नकदी फसलों की ओर भी बढ़ सकेंगे।
आदर्श रविराज ने इस अवसर पर कहा कि भविष्य में भी इस तरह की योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहयोग दिया जाएगा, ताकि कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाया जा सके।
कार्यक्रम में रही विभागीय उपस्थिति
इस वितरण कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी मनीष पाण्डेय के साथ जनसेवक लव पासवान की उपस्थिति भी रही। विभागीय अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए कृषि विभाग उनके साथ खड़ा है।
कार्यक्रम के अंत में लाभुक किसानों ने सरकार, प्रशासन और विधायक प्रतिनिधि आदर्श रविराज के प्रति आभार प्रकट किया।
न्यूज़ देखो: जब प्रतिनिधि मैदान में उतरें
चंदवा में पंप सेट वितरण कार्यक्रम यह दर्शाता है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं किसानों के बीच पहुंचते हैं, तो योजनाओं पर भरोसा बढ़ता है। आदर्श रविराज की सक्रिय भूमिका से यह संदेश गया है कि खेती और किसान उनकी प्राथमिकता में हैं। अब यह देखना अहम होगा कि आगे ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता कैसे बनी रहती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसान सशक्त तो खेती मजबूत
खेती को आगे बढ़ाने के लिए संसाधन और मार्गदर्शन दोनों जरूरी हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर मिले, यही असली विकास है।
किसानों की आवाज को मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
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