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बाप की डंडे से पीटकर हत्या, बेटा फरार—सरकारी राशन के विवाद ने ली जान

#गुमला #हत्या_कांड : टेंगरिया पंचायत के खिजूर टोली में सरकारी राशन को लेकर हुए विवाद के बाद बेटे ने 70 वर्षीय पिता की डंडे से हत्या कर दी।
  • खिजूर टोली गांव, पालकोट थाना क्षेत्र में पिता की हत्या का मामला।
  • मृतक कृष्णा महली (70 वर्ष) की डंडे से मारकर हत्या।
  • आरोपी बेटा मारवाड़ी महली (40 वर्ष) घटना के बाद फरार।
  • विवाद का कारण बताया गया सरकारी राशन का बंटवारा
  • एसआई रामचंद्र यादव ने टीम के साथ घटनास्थल पहुंचकर जांच शुरू की।

पालकोट थाना क्षेत्र के टेंगरिया पंचायत अंतर्गत खिजूर टोली गांव में बीती रात्रि एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां पारिवारिक विवाद ने एक पिता की जान ले ली। मृतक कृष्णा महली, उम्र लगभग 70 वर्ष, की उनके ही बेटे मारवाड़ी महली ने डंडे से हमला कर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को खबर दी। पालकोट थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुआ विवाद: सरकारी राशन बना विवाद की जड़

पालकोट थाना के एसआई रामचंद्र यादव ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि हत्या की वजह परिवार में सरकारी राशन का बंटवारा था।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी मारवाड़ी महली अपने पिता से चावल के हिस्से को लेकर विवाद कर रहा था। उसका कहना था कि उसके दो बेटे हैं, जिससे उसे अधिक राशन की जरूरत है।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बढ़ती चली गई और देर रात मारवाड़ी महली ने गुस्से में डंडे से पिता पर वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपी फरार, पुलिस तलाश में

हत्या के बाद आरोपी बेटा गांव से फरार हो गया।
पुलिस ने तुरंत शव को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की।
एसआई रामचंद्र यादव ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है और आसपास के इलाकों में खोज अभियान चलाया जा रहा है।

गांव में मातम, परिवार में कोहराम

घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कृष्णा महली शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और कभी किसी से विवाद नहीं करते थे।
लेकिन सरकारी राशन को लेकर छोटा-सा विवाद इतनी बड़ी त्रासदी में बदल गया, जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।

न्यूज़ देखो: आर्थिक तनाव और राशन विवाद के मामले बढ़ रहे चिंताजनक संकेत

पालकोट की यह घटना बताती है कि गरीबी, सरकारी सुविधा की कमी और पारिवारिक दबाव कैसे तनाव का रूप लेकर हिंसक घटनाओं में बदल रहे हैं। प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में राशन वितरण की पारदर्शिता, जागरूकता और विवाद समाधान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

समाज में संवाद, संवेदना और संयम ही रोक सकते हैं ऐसी त्रासदियाँ

परिवारों को चाहिए कि वे विवाद से पहले बातचीत और समझदारी को प्राथमिकता दें।
गुस्से का एक पल किसी की जान ले सकता है और पूरी जिंदगी बदल सकता है।
सामाजिक स्तर पर भी हमें हिंसा के बजाय समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना होगा।
अपनी राय नीचे कमेंट में लिखें और इस खबर को साझा करें ताकि ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में समाज जागरूक हो सके।

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