
#सिमडेगा #फाइलेरिया_उन्मूलन : जिले में 11 से 25 फरवरी तक चलेगा व्यापक दवा सेवन अभियान।
सिमडेगा जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की औपचारिक शुरुआत कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में उपायुक्त कंचन सिंह ने की। 11 से 25 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में 1,84,020 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर दवा सेवन सुनिश्चित करेंगे। वर्ष 2027 तक जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया।
- उपायुक्त कंचन सिंह ने किया अभियान का शुभारंभ।
- 11 से 25 फरवरी तक चलेगा विशेष दवा सेवन कार्यक्रम।
- 1,84,020 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित।
- एएनएम, सहिया द्वारा घर-घर पहुंचकर दवा सेवन सुनिश्चित।
- वर्ष 2027 तक सिमडेगा को फाइलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य।
सिमडेगा जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, सिमडेगा में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर किया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सुन्दर मोहन सामाद, जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक राम, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
दीप प्रज्ज्वलन और दवा सेवन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त के साथ उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने भी फाइलेरिया की दवा का सेवन किया तथा विद्यालय की सभी छात्राओं को दवा खिलाई गई। बच्चों को फाइलेरिया रोग के कारण, इसके लक्षण, बचाव के उपाय और दवा सेवन की सही प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा:
“फाइलेरिया एक गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है और धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना देती है। सिमडेगा जंगलों से घिरा जिला है, जहां मच्छरों की संख्या अधिक होने के कारण खतरा भी ज्यादा रहता है, इसलिए इससे बचाव बेहद जरूरी है।”
उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं दवा का नियमित सेवन करें और अपने परिवार तथा आस-पड़ोस के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
दवा सेवन को लेकर जरूरी सावधानियां
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि दवा खाली पेट न लें और स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही उसका सेवन करें। दवा लेकर घर न जाएं, बल्कि मौके पर ही खाएं, ताकि अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने मच्छरदानी के नियमित उपयोग, साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव के अन्य उपाय अपनाने की सलाह दी।
सिविल सर्जन डॉ. सुन्दर मोहन सामाद ने कहा:
“पिछले 10–15 दिनों से व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। जिले भर में प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक किया गया है। 11 फरवरी से 25 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में 1,84,020 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है।”
उन्होंने बताया कि एएनएम, सहिया एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा सेवन सुनिश्चित करेंगे।
किन्हें नहीं दी जाएगी दवा
सिविल सर्जन ने दवा सेवन से संबंधित सावधानियों की जानकारी देते हुए बताया कि दवा भोजन करने के बाद ही ली जानी चाहिए। गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं तथा दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को यह दवा नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिले को वर्ष 2027 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यदि सभी लोग नियमित रूप से दवा का सेवन करें, तो यह लक्ष्य समय से पहले भी हासिल किया जा सकता है।
डॉ. सामाद ने पोलियो उन्मूलन अभियान का उदाहरण देते हुए कहा:
“जिस प्रकार सामूहिक प्रयास से देश पोलियो मुक्त हुआ, उसी तरह फाइलेरिया को भी जड़ से समाप्त किया जा सकता है।”
तीन प्रखंडों में विशेष फोकस
उपायुक्त ने जानकारी दी कि सिमडेगा, कोलेबिरा और पाकरटांड़ प्रखंडों में यह अभियान विशेष रूप से संचालित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में मच्छरों की अधिकता को देखते हुए दवा सेवन और जागरूकता गतिविधियों पर विशेष बल दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के समापन के बाद उपायुक्त ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय परिसर से फाइलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव और दवा सेवन के प्रति जागरूक करेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और दवा सेवन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

न्यूज़ देखो: सामूहिक भागीदारी से ही संभव होगा उन्मूलन
फाइलेरिया जैसी दीर्घकालिक बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ जनसहभागिता अनिवार्य है। लक्ष्य स्पष्ट है—2027 तक सिमडेगा को फाइलेरिया मुक्त बनाना। अब चुनौती यह है कि हर घर तक दवा पहुंचे और हर व्यक्ति उसे सही तरीके से ग्रहण करे। पोलियो की तरह यदि समाज एकजुट हुआ, तो यह लक्ष्य भी दूर नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
दवा लें, जागरूक बनें, जिला बचाएं
फाइलेरिया से बचाव संभव है—बस समय पर दवा लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें और अफवाहों से दूर रहें।
अपने परिवार, पड़ोस और गांव में जागरूकता फैलाएं।
आज लिया गया एक छोटा कदम, कल पूरे जिले को बीमारी से मुक्त कर सकता है।
अपनी जिम्मेदारी निभाएं, दूसरों को भी प्रेरित करें और इस अभियान को सफल बनाएं।
इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और स्वस्थ सिमडेगा के निर्माण में भागीदार बनें।







