
#हुसैनाबाद #पलामू #फुटबॉल_टूर्नामेंट : पोलडीह मैदान में खेले गए फाइनल में मिर्जापुर की शानदार जीत।
हुसैनाबाद प्रखंड के पोलडीह उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल रविवार को अमही और मिर्जापुर के बीच खेला गया। मुकाबले में बिहार के मिर्जापुर ने झारखंड के अमही को 5-0 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। मैच का उद्घाटन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से किया। आयोजन में खिलाड़ियों, दर्शकों और कमेटी की सक्रिय भागीदारी रही।
- पोलडीह उच्च विद्यालय मैदान, हुसैनाबाद में फाइनल मुकाबला संपन्न।
- मिर्जापुर (बिहार) ने अमही (झारखंड) को 5-0 से हराया।
- उद्घाटन विधायक संजय कुमार सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधियों ने किया।
- विजेता और उपविजेता टीम को कप व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
- आयोजन में कमेटी के सदस्यों व स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका।
हुसैनाबाद प्रखंड के आदर्श गांव पोलडीह में आयोजित नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेल प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। पोलडीह उच्च विद्यालय के खेल मैदान में रविवार को झारखंड के अमही और बिहार के मिर्जापुर के बीच खेले गए इस मुकाबले में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। मैच का वातावरण उत्साह और रोमांच से भरा रहा।
जनप्रतिनिधियों ने किया उद्घाटन
फाइनल मैच का उद्घाटन स्थानीय विधायक संजय कुमार सिंह यादव, जिला परिषद उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह उर्फ टूटू सिंह, प्रखंड प्रमुख राजकुमारी देवी, एजाज हुसैन उर्फ छेदी खाँ, निवर्तमान उपाध्यक्ष गयासुद्दीन सिद्दीकी, थाना प्रभारी चंदन कुमार सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन विंध्याचल सिंह ने किया। मैच में रेफरी की भूमिका वरुण सिंह ने निभाई, जबकि लाइन रेफरी के रूप में मंटू सिंह और अक्षय सिंह सक्रिय रहे।
रोमांचक मुकाबले में मिर्जापुर का दबदबा
फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। हालांकि मिर्जापुर की टीम ने बेहतर तालमेल और आक्रमण क्षमता का परिचय देते हुए मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा।
निर्धारित समय तक चले मुकाबले में मिर्जापुर ने अमही को 5-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की और टूर्नामेंट की ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। दर्शकों ने खिलाड़ियों के हर गोल पर तालियों और नारों से मैदान को गुंजायमान कर दिया।
खिलाड़ियों का सम्मान
मुकाबले के बाद अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को कप और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। खिलाड़ियों के उत्साह और खेल भावना की सराहना की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक संजय कुमार सिंह यादव ने कहा:
“कमेटी द्वारा आयोजित यह टूर्नामेंट सराहनीय है। खिलाड़ियों ने खेल भावना से शानदार प्रदर्शन किया। खेल में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं, जरूरत है मेहनत और समर्पण की।”
जिला परिषद उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह उर्फ टूटू सिंह ने कहा:
“कमेटी के लोगों ने फुटबॉल को पुनर्जीवित करने का काम किया है। इस तरह के आयोजन से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलता है।”
प्रखंड प्रमुख राजकुमारी देवी ने कहा:
“शांतिपूर्ण आयोजन के लिए कमेटी, खिलाड़ी और दर्शक सभी बधाई के पात्र हैं।”
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
मौके पर गुप्तेश्वर सिंह, सुरेंद्र सिंह, देवनाथ राम, प्रेम सिंह, भृगुनाथ सिंह, विजय सिंह, कलामुद्दीन खां सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजक एवं पूर्व मुखिया अभय कुमार सिंह उर्फ टुन्ना सिंह, अध्यक्ष मनीष सिंह, सचिव शशि सिंहा, देवनाथ राम, सतेंद्र ठाकुर, हेमंत कुमार, बलबीर सिंह, कमलेश कुमार सिंह, छोटू सिंह, शशि कुमार सिंहा, बबलू कुमार सिंह, राहुल कुमार, मंटू कुमार सिंह, वरुण कुमार सिंह, संजित कुमार सिंह, विंध्यांचल सिंह, भोला कुमार सिंह, मंटू कुमार सिंह आदि की सक्रिय भूमिका रही।
अंत में आयोजक व पूर्व मुखिया अभय कुमार सिंह उर्फ टुन्ना सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया और सभी खिलाड़ियों, अतिथियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण खेल आयोजनों से निखरती प्रतिभा
पोलडीह में आयोजित यह फुटबॉल टूर्नामेंट बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है। ऐसे आयोजन स्थानीय युवाओं को मंच देने के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करते हैं। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से यह संकेत मिलता है कि खेल को प्रोत्साहन देने की जरूरत समझी जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या इन प्रतिभाओं को आगे जिला और राज्य स्तर पर भी उचित अवसर मिलेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल को बनाएं गांव की पहचान, युवाओं को दें नई उड़ान
मैदान में पसीना बहाने वाले खिलाड़ी ही भविष्य के सितारे बनते हैं।
जरूरत है कि गांव-गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए।
युवाओं को नशे और भटकाव से दूर रखने का सबसे बेहतर माध्यम खेल है।
स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान और अवसर मिलना चाहिए।
क्या आपके क्षेत्र में भी ऐसे खेल आयोजन होते हैं?
अपनी राय कमेंट में लिखें, इस खबर को साझा करें और खेल को बढ़ावा देने की मुहिम में भागीदार बनें।







