
#हुसैनाबाद #विद्यालय_सम्मान : पूर्व छात्र के सम्मान से भावुक हुआ विद्यालय परिसर और छात्र।
पलामू के हुसैनाबाद स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में पूर्व छात्र एवं नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी को सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए विद्यालय के प्रति भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह आयोजन शिक्षा और संस्कार के महत्व को दर्शाता है।
- सुनील कुमार चौधरी का विद्यालय में हुआ भव्य सम्मान।
- राजकीयकृत मध्य विद्यालय हुसैनाबाद में आयोजित कार्यक्रम।
- समाजसेवी प्रदीप पटेल को भी किया गया सम्मानित।
- विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तरी व सामान्य ज्ञान में लिया हिस्सा।
- पेयजल समस्या समाधान का भरोसा दिया गया।
हुसैनाबाद के राजकीयकृत मध्य विद्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रार्थना सभा एक विशेष अवसर में तब्दील हो गई, जब विद्यालय के पूर्व छात्र एवं नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उनके आगमन पर विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। माला, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया गया, जिससे पूरे विद्यालय में उत्साह का माहौल बन गया।
कार्यक्रम की शुरुआत और गतिविधियां
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना, राष्ट्रगान और संविधान की प्रस्तावना के पाठ के साथ हुई। इसके बाद सामान्य ज्ञान, समाचार व प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
शिक्षकों ने बच्चों को साहित्य, विज्ञान, भाषा और सामान्य ज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी। इससे छात्रों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि देखने को मिली।
पूर्व छात्र के रूप में लौटे सुनील चौधरी
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब सुनील कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि इसी विद्यालय से उन्हें जीवन की दिशा और संस्कार मिले।
सुनील कुमार चौधरी ने कहा: “इस विद्यालय से मिले संस्कार ही मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। यहां के गुरुओं की शिक्षा आज भी मेरे जीवन का मार्गदर्शन करती है।”
उन्होंने आगे कहा कि वे इस विद्यालय में उपाध्यक्ष के रूप में नहीं, बल्कि एक छात्र के रूप में आए हैं और आज भी खुद को इसी विद्यालय का हिस्सा मानते हैं। उनके इस भावुक संबोधन ने उपस्थित लोगों को भी भावुक कर दिया।
समाजसेवी प्रदीप पटेल का भी हुआ सम्मान
इस अवसर पर समाजसेवी प्रदीप पटेल को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने उनके सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति-चिह्न प्रदान किया।
इस सम्मान समारोह ने यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक कार्य करने वालों को पहचान और सम्मान मिलना जरूरी है।
विद्यालय विकास को लेकर आश्वासन
सुनील चौधरी ने अपने संबोधन में विद्यालय में पेयजल समस्या का उल्लेख करते हुए उसके समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए और इसके लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।
शिक्षकों की रही सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक कन्हैया प्रसाद सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। शिक्षकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विद्यार्थियों को प्रेरित करने का कार्य किया।
इस आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों को प्रेरित किया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया कि मेहनत और संस्कार के बल पर कोई भी व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ सकता है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा और संस्कार का जीवंत उदाहरण
यह आयोजन इस बात का उदाहरण है कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का आधार भी होता है। पूर्व छात्र का सम्मान वर्तमान छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों में आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण बढ़ता है। सवाल यह है कि क्या हर विद्यालय में ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपने विद्यालय से जुड़ाव बनाए रखें
विद्यालय केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि जीवन की नींव है। जब पूर्व छात्र अपने विद्यालय से जुड़कर योगदान देते हैं, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।
आइए, हम भी अपने स्कूल और समाज से जुड़े रहें और सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनें।
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