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रॉयल प्रोग्रेसिव स्कूल डकरा में स्थापना दिवस और दसवीं के विद्यार्थियों का भव्य विदाई समारोह संपन्न

#खलारी #विद्यालय_समारोह : मोहननगर डकरा स्थित विद्यालय में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह के साथ स्थापना दिवस व दसवीं के छात्रों को दी गई भावभीनी विदाई।

खलारी के मोहननगर डकरा स्थित रॉयल प्रोग्रेसिव स्कूल में मंगलवार को स्थापना दिवस और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों का विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एनके एरिया के महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह के बीच 39 विद्यार्थियों को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई। अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बनाया।

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  • मुख्य अतिथि दिनेश कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को सैश पहनाकर सम्मानित किया।
  • कुल 39 छात्र-छात्राओं को दी गई औपचारिक विदाई।
  • भारत की पहली महिला डॉक्टर आनंदीबाई जोशी पर आधारित नाटक आकर्षण का केंद्र रहा।
  • विद्यालय प्राचार्य रामबली चौहान ने अनुशासन और आत्मविश्वास पर दिया जोर।
  • कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि और अभिभावक रहे उपस्थित।

खलारी, रांची स्थित रॉयल प्रोग्रेसिव स्कूल मोहननगर डकरा में मंगलवार को विद्यालय का स्थापना दिवस और दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं का विदाई समारोह संयुक्त रूप से उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का माहौल सुबह से ही उल्लासपूर्ण रहा। विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

समारोह में एनके एरिया के महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशेष अतिथियों में भाजपा नेता प्रीतम साहू, कृष्णा चौहान, निखिल अखौरी, विधायक प्रतिनिधि रमेश चौहान, ओम प्रकाश शर्मा, मुखिया प्रतिनिधि राजकुमार उरांव, नंदलाल चौहान, अवधेश चौहान, नसीब चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।

दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा फीता काटकर की गई। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।

विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विशेष रूप से भारत की पहली महिला डॉक्टर आनंदीबाई जोशी के जीवन पर आधारित नाटक ने उपस्थित दर्शकों को भावुक कर दिया। नाटक के माध्यम से छात्राओं ने शिक्षा, संघर्ष और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।

इसके अलावा गीत, नृत्य और समूह प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। अभिभावकों और अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की।

दसवीं के विद्यार्थियों को सम्मान

समारोह का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब दसवीं कक्षा के कुल 39 छात्र-छात्राओं को औपचारिक रूप से विदाई दी गई। मुख्य अतिथि दिनेश कुमार गुप्ता ने सभी विद्यार्थियों को सैश पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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अपने संबोधन में उन्होंने कहा:

“छात्र परीक्षा की तैयारी पूरे मनोयोग से करें। केवल अंकों के पीछे न भागें, बल्कि सभी विषयों पर अच्छी पकड़ बनाएं। मेहनत के अनुसार ही सफलता प्राप्त होती है।”

उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन और निरंतर प्रयास को अपनाने की सलाह दी।

प्राचार्य का मार्गदर्शन

विद्यालय के प्रिंसिपल रामबली चौहान ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा:

“अनुशासन, निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास से ही लक्ष्य की प्राप्ति संभव है।”

उन्होंने दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं और आगे की पढ़ाई में निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।

बड़ी संख्या में अभिभावक रहे उपस्थित

इस अवसर पर प्रदीप नायक, अभिषेक सिंह, एमडी मेताज, रितिका, सुभम वर्मा, रेणु, मनीष कुमार, अरुण चौहान, शारदा आचार्या, नीतू विश्वकर्मा, संजू कुमारी, अनुप्रित कौर, मधु मुंडा, अरुण कुमार धनंजय, रोशन, मनिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के अभिभावक उपस्थित रहे।

अभिभावकों ने विद्यालय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

समारोह के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। स्थापना दिवस और विदाई समारोह का यह संयुक्त आयोजन विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया।

न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ संस्कार की परंपरा

विद्यालय केवल पाठ्यपुस्तकों का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं। रॉयल प्रोग्रेसिव स्कूल का यह आयोजन दर्शाता है कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को भी महत्व दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को सम्मानपूर्वक विदाई देना उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है। ऐसे प्रयास शिक्षा को उत्सव में बदल देते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सपनों की उड़ान यहीं से शुरू होती है

विद्यालय से विदा लेना अंत नहीं, नई शुरुआत है।
दसवीं के विद्यार्थी अब जीवन की अगली सीढ़ी पर कदम रखने जा रहे हैं।
मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही उन्हें नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

अभिभावक और शिक्षक मिलकर बच्चों का हौसला बढ़ाते रहें।
आप भी अपने आसपास के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करें, उनकी उपलब्धियों को सराहें।
खबर को साझा करें और शिक्षा के ऐसे सकारात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाने में भागीदार बनें।

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Jitendra Giri

खलारी, रांची

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