बाल काटने से आगे सामाजिक भूमिका तक संवाद, गढ़वा में ‘कॉफी विद एसडीएम’ में सैलून संचालक बने खास मेहमान

बाल काटने से आगे सामाजिक भूमिका तक संवाद, गढ़वा में ‘कॉफी विद एसडीएम’ में सैलून संचालक बने खास मेहमान

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #प्रशासनिक_संवाद : एसडीएम संजय कुमार ने सैलून संचालकों से सामाजिक जिम्मेदारी और समस्याओं पर खुलकर की बातचीत।

गढ़वा सदर अनुमंडल में सप्ताहिक ‘कॉफी विद एसडीएम’ कार्यक्रम के तहत सैलून संचालकों और हेयर ड्रेसरों के साथ विशेष संवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर एसडीएम संजय कुमार ने की, जिसमें नाई समुदाय के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। संवाद का उद्देश्य समाज के इस महत्वपूर्ण वर्ग की भूमिका, समस्याओं और प्रशासनिक सहयोग पर चर्चा करना रहा। यह पहल प्रशासन और समाज के बीच विश्वास को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

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  • सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर सैलून संचालकों से सीधा संवाद।
  • नाई समुदाय की सामाजिक भूमिका और सम्मान पर विशेष चर्चा।
  • कौशल प्रशिक्षण, ई-श्रम कार्ड और ऋण सुविधा की मांग रखी गई।
  • नगर परिषद दुकान आवंटन में धांधली को लेकर शिकायतें सामने आईं।
  • कानून व्यवस्था में सहयोग के लिए सैलून संचालकों से अपील।

गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार द्वारा संचालित सप्ताहिक कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम के अंतर्गत इस सप्ताह गढ़वा अनुमंडल क्षेत्र के सैलून संचालकों एवं हेयर ड्रेसरों के साथ एक सौहार्दपूर्ण और विचारोत्तेजक संवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैलून संचालक शामिल हुए, जिनमें अधिकांश सदस्य नाई समुदाय से थे।

नाई समुदाय की ऐतिहासिक और सामाजिक भूमिका

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एसडीएम संजय कुमार ने सभी उपस्थित सैलून संचालकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नाई समुदाय सदियों से भारतीय समाज का अभिन्न हिस्सा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—

संजय कुमार ने कहा: “नाई समुदाय का कार्य केवल बाल काटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संवाद, जनभावनाओं और स्थानीय गतिविधियों से गहराई से जुड़ा हुआ है।”

उन्होंने कहा कि सैलून समाज के ऐसे स्थान हैं, जहां हर वर्ग, हर उम्र और हर सोच के लोग रोज़ आते-जाते हैं।

बाल काटने की दुकानें, सामाजिक संपर्क का केंद्र

एसडीएम ने कहा कि हेयर सैलून केवल व्यवसायिक स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद के केंद्र होते हैं। कई बार सैलून संचालक अनजाने में सामाजिक काउंसलर की भूमिका भी निभाते हैं।
उन्होंने सैलून संचालकों से आग्रह किया कि वे—

  • अपने कार्यस्थल को स्वच्छ और सुरक्षित रखें
  • सकारात्मक सोच और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दें
  • ग्राहकों के बीच सामाजिक सद्भाव और जिम्मेदारी का संदेश दें

सैलून संचालकों ने रखीं समस्याएं और सुझाव

संवाद के दौरान उपस्थित सैलून संचालकों ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव एसडीएम के समक्ष रखे। प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं—

कौशल और रोजगार से जुड़ी मांगें

  • कौशल उन्नयन योजना के तहत नाई और हेयर ड्रेसर ट्रेड को शामिल किया जाए।
  • इस क्षेत्र से जुड़े युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए।
  • सभी पात्र सैलून संचालकों को ई-श्रम कार्ड उपलब्ध कराया जाए।
  • व्यवसाय विस्तार के लिए कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा दी जाए।

नगर परिषद से जुड़ी शिकायतें

  • कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद की दुकान आवंटन प्रक्रिया में धांधली हुई है।
  • योग्य होने के बावजूद कई सैलून संचालकों को दुकान नहीं मिल पाई।
  • रंका मोड़ क्षेत्र में ठेले वालों द्वारा गंदगी फैलाने की शिकायत भी रखी गई।

एसडीएम संजय कुमार ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि—

संजय कुमार ने कहा: “आपकी हर शिकायत और सुझाव पर यथा संभव और नियमसंगत पहल की जाएगी।”

कानून व्यवस्था में सैलून संचालकों की भूमिका

एसडीएम ने कहा कि सैलून संचालक प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के संपर्क में रहते हैं, इसलिए वे समाज की नब्ज को अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने आग्रह किया कि—

  • यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्वों की जानकारी मिले
  • तो बिना डर प्रशासन को सूचना दें

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर

कार्यक्रम के दौरान एसडीएम ने सैलून संचालकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि—

  • बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे बड़ा निवेश है
  • मेहनत और ईमानदारी के साथ शिक्षा जुड़ जाए, तो आने वाली पीढ़ी मजबूत भविष्य बना सकती है

उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रगति की असली नींव परिवार और शिक्षा से ही पड़ती है।

आत्मीय और सम्मानजनक रहा माहौल

पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण अत्यंत सौहार्दपूर्ण और आत्मीय बना रहा। सैलून संचालकों ने भी अपने जीवन अनुभव साझा किए और कॉफी विद एसडीएम जैसे मंच की खुले दिल से सराहना की।
इस संवाद ने प्रशासन और समाज के एक महत्वपूर्ण वर्ग के बीच भरोसे और सहयोग को और मजबूत किया।

बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग

बैठक में विजय ठाकुर, गुप्तेश्वर ठाकुर, संजय ठाकुर, धर्मेंद्र ठाकुर, दीपक ठाकुर, मटुक बिहारी ठाकुर, उदय ठाकुर, विनोद ठाकुर, संजीव कुमार ठाकुर, गुलाब ठाकुर, आदित्य, रमेश ठाकुर, मोनू ठाकुर, संतोष ठाकुर, नंदू ठाकुर, मनोज ठाकुर सहित कई सैलून संचालकों ने अपने विचार रखे।

न्यूज़ देखो: प्रशासन और समाज के बीच संवाद की मजबूत कड़ी

‘कॉफी विद एसडीएम’ जैसे कार्यक्रम यह दिखाते हैं कि प्रशासन केवल आदेश देने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सुनने और साथ लेकर चलने की प्रक्रिया है। सैलून संचालकों जैसे जमीनी स्तर के पेशेवरों से संवाद प्रशासनिक नीतियों को और प्रभावी बना सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संवाद से समाधान तक की राह

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गढ़वा

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