#गढ़वा #सामाजिक_पहल : प्रचंड गर्मी में पनशाला शुरू कर राहगीरों और पशु-पक्षियों को मिली राहत।
गढ़वा में प्रचंड गर्मी को देखते हुए जायंट्स ग्रुप ऑफ गढ़वा सहेली ने शहर के प्रमुख स्थानों पर पनशाला शुरू की है। इस पहल के तहत राहगीरों को ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पशु-पक्षियों के लिए भी जल की व्यवस्था की गई है। यह कदम सामाजिक सेवा और मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण बनकर सामने आया है।
- गढ़वा शहर में दो स्थानों पर पनशाला की शुरुआत।
- जायंट्स ग्रुप ऑफ गढ़वा सहेली की सराहनीय पहल।
- राहगीरों के लिए ठंडे पानी और प्याऊ की व्यवस्था।
- पशु-पक्षियों के लिए भी अलग जल की सुविधा।
- रीमा स्वरूप, रीना सोनी सहित कई सदस्य सक्रिय।
- सामाजिक पहल की शहरभर में हो रही सराहना।
गढ़वा जिले में भीषण गर्मी के बीच सामाजिक सरोकार का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। हर वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी जायंट्स ग्रुप ऑफ गढ़वा सहेली ने शहर के व्यस्त इलाकों में पनशाला की शुरुआत कर लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है।
व्यस्त स्थानों पर पनशाला की शुरुआत
इस पहल के तहत शहर के प्रमुख मेन रोड, रितु जायसवाल एवं स्वर्गीय डॉ. एस कुमार के निवास के पास, घड़ा पट्टी क्षेत्र में विमला केशरी के पास और ॐ मेडिकल प्रतिष्ठान के समीप दो पनशालाएं शुरू की गई हैं।
इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहां दिनभर राहगीरों की भारी आवाजाही रहती है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
गर्मी में राहत का सहारा
तेज धूप और तपती गर्मी के बीच यह पनशाला राहगीरों के लिए राहतभरी साबित हो रही है। ठंडा पानी और प्याऊ की व्यवस्था से लोगों को तत्काल राहत मिल रही है।
साथ ही, खुले में भटक रहे पशु-पक्षियों के लिए भी शीतल जल की अलग व्यवस्था कर मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण पेश किया गया है।
सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म
जायंट्स सहेली की अध्यक्ष रीमा स्वरूप ने इस पहल पर कहा:
रीमा स्वरूप ने कहा: “मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। गर्मी के इस कठिन समय में जरूरतमंदों को शीतल जल उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
समाज को सकारात्मक दिशा
संस्था की प्रशासनिक निदेशक रीना सोनी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा:
रीना सोनी ने कहा: “जायंट्स सहेली हमेशा समाज हित में कार्य करती रही है। यह पहल लोगों को राहत देने के साथ-साथ समाज को सकारात्मक दिशा भी देती है।”
सेवा से मिलता है आत्मिक संतोष
पूर्व अध्यक्ष रितु जायसवाल ने कहा:
रितु जायसवाल ने कहा: “गर्मी के मौसम में प्यासे राहगीरों को पानी पिलाना सबसे बड़ी सेवा है, इससे आत्मिक संतोष मिलता है।”
वहीं रंजना जायसवाल ने इसे सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यों को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सदस्यों की सक्रिय भागीदारी
इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में संस्था की कई सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहीं। इनमें लता गुप्ता, माला केसरी, प्रीति सोनी, रीना केसरी, विमला केसरी और वार्ड पार्षद मीरा केसरी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।
इन सभी के सहयोग से यह सेवा कार्य सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
समाज में सराहना का माहौल
इस पहल की शहर भर में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।
यह प्रयास न केवल जरूरतमंदों की सहायता करता है, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।

न्यूज़ देखो: सेवा से बनता है संवेदनशील समाज
गढ़वा में जायंट्स सहेली की यह पहल दिखाती है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। गर्मी में पानी जैसी मूलभूत जरूरत को पूरा करना मानवता की सच्ची सेवा है। ऐसे कार्य समाज को संवेदनशील बनाते हैं और दूसरों को प्रेरित करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा का संकल्प लें, समाज को बेहतर बनाएं
भीषण गर्मी में एक गिलास पानी किसी के लिए जीवनदान जैसा होता है। ऐसे में हर व्यक्ति को अपने स्तर पर सेवा का भाव रखना चाहिए।
आइए हम भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
अगर यह खबर आपको प्रेरित करती है, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें। अपनी राय कमेंट में दें और सेवा के इस अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।

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