गिरिडीह: सोबरनपुर में पानी को लेकर मचा हाहाकार, हर रोज होता विवाद पर समाधान से कोसों दूर है प्रशासन

गिरिडीह: सोबरनपुर में पानी को लेकर मचा हाहाकार, हर रोज होता विवाद पर समाधान से कोसों दूर है प्रशासन

author News देखो Team
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#गिरिडीह #सोबरनपुर #जलसंकट – पानी के लिए मची लूट, जलमीनार की व्यवस्था चरमराई

  • पीरटांड़ के सोबरनपुर गांव में हर दिन पानी को लेकर विवाद
  • दो जलमीनार होने के बावजूद पाइप छेड़छाड़ से गहराया संकट
  • ड्रम और बाल्टी लेकर दौड़ते हैं लोग, कई बार आपस में भिड़ते भी हैं
  • पंचायत के तीन दौर की बैठक के बावजूद नहीं निकला समाधान
  • अधिकारियों को जानकारी, लेकिन स्थिति जस की तस

पाइप में छेड़छाड़, नल तोड़कर बिछाए निजी पाइप

गिरिडीह जिला अंतर्गत पीरटांड़ प्रखंड के सोबरनपुर गांव में पानी को लेकर संकट गहराता जा रहा है। गांव के वार्ड संख्या चार में स्थित दो जलमीनारों के बावजूद लोगों को नियमित और बराबर पानी नहीं मिल रहा है। कारण है – जल आपूर्ति की पाइपलाइन में स्थानीय लोगों द्वारा की गई निजी छेड़छाड़।

सुबह 8 बजे जैसे ही पानी आता है, गांव में भगदड़ मच जाती है। कोई ड्रम लेकर दौड़ता है, कोई बाल्टी लेकर लाइन में लगता है। इसी दौरान झगड़े और मारपीट की नौबत भी आ जाती है।

महिलाओं की पीड़ा – “पहले घर-घर आता था पानी, अब मचा हाहाकार”

गांव की महिलाओंबन्दनी देवी, देवंती देवी और यशोदा देवी ने बताया कि जब जलमीनार बना था, तब हर घर में पानी पहुंचता था। लेकिन अब कुछ लोग नल तोड़कर बड़े पाइप बिछा लेते हैं और घरों के अंदर तक पानी ले जाकर ड्रम भर लेते हैं। इससे जलमीनार जल्दी खाली हो जाता है और बाकी लोगों को पानी नहीं मिल पाता।

“अब तो हर दिन पानी के लिए लड़ाई झगड़ा हो जाता है। पाइप जगह-जगह से छेड़ दिया गया है। अधिकारी आते ही नहीं। तीन पंचायत बैठक हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं।”

अधिकारियों के अलग-अलग दावे

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के समन्वयक गिरीश कुमार ने कहा कि उन्हें सोबरनपुर की समस्या की जानकारी है। कई बार मामला सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन लोग उनकी बात नहीं मानते।

वहीं पंचायत सचिव सीताराम महतो ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अब मामला पता चल गया है, तो समस्या का समाधान जल्द करेंगे।

न्यूज़ देखो – अब समाधान जरूरी, नहीं तो बिगड़ेगा माहौल

न्यूज़ देखो’ मानता है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत पर जब भीड़ जुटे और रोज झगड़े हों, तो यह प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट संकेत है। जलमीनार योजना के निरीक्षण, पाइपलाइन मरम्मत और सार्वजनिक जल वितरण प्रणाली की निगरानी के लिए अब त्वरित और सख्त कदम उठाने होंगे। प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाल कर जनता को राहत दे।

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