जारी आवासीय विद्यालय में छात्राओं को मिला सुरक्षा और कानून का पाठ, एसडीपीओ श्रुति ने बढ़ाया हौसला

जारी आवासीय विद्यालय में छात्राओं को मिला सुरक्षा और कानून का पाठ, एसडीपीओ श्रुति ने बढ़ाया हौसला

author Aditya Kumar
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#चैनपुर #छात्रा_सुरक्षा : जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को कानून, हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी।

चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र के झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, जारी में छात्राओं के लिए विशेष सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसडीपीओ श्रुति ने छात्राओं को कानून, साइबर सुरक्षा, डायल 112 और आत्मसुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने छात्राओं से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या भय की स्थिति में चुप न रहने की अपील की। पुलिस प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान बच्चियों को मानसिक और कानूनी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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  • झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, जारी में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम।
  • एसडीपीओ श्रुति ने छात्राओं को कानून और सुरक्षा के अधिकार बताए।
  • छात्राओं को डायल 112, साइबर सुरक्षा और आत्मरक्षा की जानकारी दी गई।
  • कार्यक्रम में यौन अपराधों से संरक्षण कानून पर विशेष चर्चा हुई।
  • छात्राओं को अनजान लोगों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह।
  • पुलिस प्रशासन द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में लगातार चलाया जा रहा अभियान।

चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र के झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, जारी में छात्राओं के बीच सुरक्षा और जागरूकता को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व चैनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रुति ने किया। इस दौरान छात्राओं को उनके अधिकारों, कानून और आत्मसुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक और कानूनी रूप से जागरूक बनाना था, ताकि वे किसी भी प्रकार की समस्या या अपराध की स्थिति में बिना डरे उचित कदम उठा सकें। कार्यक्रम में छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे।

छात्राओं को बताए गए सुरक्षा और कानून से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकार

कार्यक्रम के दौरान एसडीपीओ श्रुति ने बेहद सरल और व्यवहारिक भाषा में छात्राओं को कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों से संरक्षण संबंधी कानूनों और उनसे बचाव के उपायों पर चर्चा की।

उन्होंने छात्राओं को बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, धमकी, डराने या गलत व्यवहार की स्थिति में चुप रहना समस्या को और बढ़ा सकता है। इसलिए समय रहते परिवार, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी देना बेहद जरूरी है।

एसडीपीओ श्रुति ने कहा: “बेटियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। यदि आपके साथ कुछ गलत होता है, तो बिना डरे पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें। एक जागरूक छात्रा ही सुरक्षित समाज की नींव होती है।”

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को डर के रूप में नहीं, बल्कि मित्र और सहयोगी के रूप में देखना चाहिए।

डायल 112 और साइबर सुरक्षा पर विशेष जानकारी

कार्यक्रम में आपातकालीन सेवा डायल 112 के बारे में विस्तार से बताया गया। छात्राओं को समझाया गया कि किसी भी संकट या खतरे की स्थिति में इस हेल्पलाइन नंबर का उपयोग कर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है।

इसके साथ ही इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को देखते हुए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष चर्चा की गई। एसडीपीओ ने छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, अनजान लोगों से चैटिंग और निजी जानकारी साझा करने के खतरों के बारे में जागरूक किया।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अभिभावकों या पुलिस को दें।

अनजान लोगों के प्रलोभन से बचने की दी सलाह

जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को यह भी बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे, लालच या बहकावे में न आएं। उन्होंने छात्राओं से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करने की अपील की।

एसडीपीओ ने कहा कि जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और यदि छात्राएं खुद सजग रहेंगी, तो कई अपराधों को होने से पहले रोका जा सकता है।

विद्यालयों में लगातार चलाया जा रहा अभियान

पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले के विभिन्न विद्यालयों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बच्चियों को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक बनाना है।

प्रशासन का मानना है कि यदि छात्राएं अपने अधिकारों और कानून की जानकारी रखेंगी, तो वे न केवल खुद को सुरक्षित रख पाएंगी, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकेंगी।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सुरक्षा, साइबर अपराध और हेल्पलाइन से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा विस्तार से जवाब दिया गया। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता दोनों बढ़ी।

शिक्षा के साथ सुरक्षा जागरूकता भी जरूरी

विद्यालय प्रबंधन और उपस्थित शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि आज के समय में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चियों को सुरक्षा और कानूनी जानकारी देना भी उतना ही आवश्यक हो गया है।

इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं के मन से भय को दूर करते हैं और उन्हें खुलकर अपनी बात रखने का साहस देते हैं।

न्यूज़ देखो: जागरूक बेटियां ही बनेंगी सुरक्षित समाज की मजबूत नींव

चैनपुर पुलिस की यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आज के दौर में साइबर अपराध, छेड़छाड़ और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी घटनाओं के बीच छात्राओं को जागरूक बनाना बेहद जरूरी हो गया है। यदि बच्चियां अपने अधिकारों और कानून की जानकारी रखेंगी, तो वे न केवल खुद सुरक्षित रहेंगी, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनेंगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत

हर बेटी को यह विश्वास होना चाहिए कि वह अकेली नहीं है।
सही जानकारी, आत्मविश्वास और जागरूकता किसी भी डर से लड़ने की सबसे बड़ी शक्ति है।
समाज तभी सुरक्षित बनेगा, जब बच्चियां निर्भय होकर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
आइए, हम सभी मिलकर ऐसा वातावरण बनाएं जहां हर बेटी खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।

अपने बच्चों और आसपास की बच्चियों को सुरक्षा और कानून की जानकारी जरूर दें।
इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और जागरूक समाज बनाने की इस पहल में सहभागी बनें।

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Written by

डुमरी, गुमला

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