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राज्यपाल संतोष गंगवार ने बाबा बैद्यनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना की, देश और राज्य की समृद्धि की कामना

#देवघर #राज्यपाल_दौरा : देवघर आगमन पर द्वादश ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक कर लिया बाबा बैद्यनाथ का आशीर्वाद।

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार शुक्रवार को देवघर पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच द्वादश ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक कर उन्होंने देश और राज्य की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। राज्यपाल के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुदृढ़ रहीं। इस धार्मिक दौरे को आध्यात्मिक आस्था और प्रशासनिक सजगता के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।

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  • राज्यपाल संतोष गंगवार का 02 जनवरी 2026 को देवघर आगमन।
  • बाबा बैद्यनाथ धाम में वैदिक विधि से पूजा-अर्चना व जलाभिषेक।
  • द्वादश ज्योतिर्लिंग में शामिल बाबा बैद्यनाथ का दर्शन-पूजन।
  • देश-राज्य की सुख-शांति, समृद्धि और उन्नति की कामना।
  • पूजा उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार शुक्रवार को देवघर पहुंचे, जहां उन्होंने भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। 02 जनवरी 2026 को देवघर आगमन के बाद राज्यपाल सीधे मंदिर परिसर पहुंचे, जहां मंदिर के तीर्थ पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा संपन्न कराई गई। इस दौरान उन्होंने बाबा बैद्यनाथ से देश और राज्य की उन्नति, सुख-शांति तथा समृद्धि की प्रार्थना की।

राज्यपाल के मंदिर पहुंचते ही परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बन गया। मंदिर प्रबंधन एवं प्रशासन की ओर से दर्शन-पूजन की सभी व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित की गई थीं, ताकि पूजा कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संकल्प और जलाभिषेक

पूजा-अर्चना के दौरान तीर्थ पुरोहितों ने राज्यपाल को विधिवत संकल्प कराया। इसके पश्चात उन्होंने द्वादश ज्योतिर्लिंग में शामिल बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर दर्शन-पूजन किया। मंत्रोच्चार और धार्मिक विधियों के बीच राज्यपाल ने शांत भाव से पूजा संपन्न की, जिसे श्रद्धालुओं और मंदिर कर्मियों ने भी आस्था के साथ देखा।

बाबा बैद्यनाथ धाम देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में एक है और इसकी धार्मिक मान्यता अत्यंत प्राचीन है। ऐसे में राज्यपाल का यहां आकर पूजा करना राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

देश की प्रगति को लेकर राज्यपाल का संदेश

पूजा-अर्चना के उपरांत राज्यपाल संतोष गंगवार ने संक्षिप्त बातचीत में कहा कि भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा:

संतोष गंगवार ने कहा: “भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूत कदम उठा चुका है और आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। इससे आम लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।”

राज्यपाल ने यह भी कहा कि आध्यात्मिक स्थलों पर आकर मन को शांति मिलती है और इससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है, जो जनसेवा और राष्ट्र निर्माण में सहायक होती है।

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं रहीं चाक-चौबंद

राज्यपाल के देवघर आगमन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी, ताकि दर्शन-पूजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

दर्शन-पूजन के बाद मौके पर मौजूद एसपी सौरभ, डीडीसी पीयूष सिन्हा और एसडीओ रवि कुमार ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह और बाबा बैद्यनाथ का प्रसाद भेंट किया। यह औपचारिक सम्मान प्रशासनिक परंपरा और धार्मिक आस्था का संगम माना गया।

मंदिर प्रबंधन की भूमिका

राज्यपाल के दौरे के दौरान मंदिर प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने पूजा-अर्चना की पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आवागमन को भी नियंत्रित रखा गया, ताकि राज्यपाल के दर्शन के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं को भी किसी प्रकार की परेशानी न हो।

धार्मिक पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण

राज्यपाल का बाबा बैद्यनाथ धाम आगमन धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे देवघर की धार्मिक पहचान को और मजबूती मिलती है और राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा बढ़ती है। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि इस तरह के दौरे धार्मिक स्थलों के विकास और सुविधाओं पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

आस्था और प्रशासन का संतुलन

पूरे कार्यक्रम में यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखा गया। राज्यपाल ने जहां श्रद्धा भाव से पूजा की, वहीं प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित की।

न्यूज़ देखो: आस्था के साथ संदेश

राज्यपाल संतोष गंगवार का बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करना न केवल व्यक्तिगत आस्था का प्रतीक है, बल्कि इससे राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी सम्मान मिलता है। साथ ही, देश की आर्थिक प्रगति को लेकर दिया गया उनका संदेश यह दर्शाता है कि आध्यात्म और विकास दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। अब यह देखना होगा कि ऐसे दौरों से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को कितनी गति मिलती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

श्रद्धा से विकास तक का संदेश

धार्मिक आस्था समाज को जोड़ती है और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है।
जब जनप्रतिनिधि और संवैधानिक पदों पर बैठे लोग संस्कृति से जुड़ते हैं, तो उसका प्रभाव व्यापक होता है।
अपने धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण के लिए सजग रहें।
इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और समाज में सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाएं।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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