विश्रामपुर में छठ महापर्व का भव्य समापन, डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने की गंगा आरती और भक्ति जागरण का उद्घाटन

विश्रामपुर में छठ महापर्व का भव्य समापन, डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने की गंगा आरती और भक्ति जागरण का उद्घाटन

author Samim Ansari
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#विश्रामपुर #छठ_महापर्व : उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ चार दिवसीय लोक आस्था का पर्व – घाटों पर गूंजे छठ मैया के भजन
  • विश्रामपुर नगर परिषद व आसपास के क्षेत्रों में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा संपन्न हुई।
  • चार दिनों तक चले छठ महापर्व के दौरान पूरा इलाका भक्ति और आस्था में डूबा रहा।
  • सभी प्रमुख छठ घाटों पर गंगा आरती और भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
  • मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेता डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने आरती व उद्घाटन किया।
  • कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ आज विश्रामपुर नगर परिषद और उसके आसपास के इलाकों में उगते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ। पूरे क्षेत्र में छठी मईया के गीत और ढोल-मंजीरों की गूंज के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन दिखे। छठ घाटों पर उमड़ी भीड़ ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।

विश्रामपुर में आस्था और भक्ति का संगम

छठ पर्व के अवसर पर विश्रामपुर और आंचलिक क्षेत्र में गंगा आरती का विशेष आयोजन किया गया। रेहला कोयल नदी छठ घाट, पांडु छठ घाट, शिव छठ घाट और राजघाट पर सैकड़ों श्रद्धालु एकत्रित हुए। इन सभी घाटों पर गंगा आरती के दौरान दीपों की लौ और भक्तिमय संगीत ने मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी (भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह आरसीयू के कुलाधिपति) ने गंगा आरती में शामिल होकर श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व केवल पूजा नहीं, बल्कि स्वच्छता, अनुशासन और आस्था का प्रतीक है।

डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने कहा: “छठ महापर्व पर प्रत्यक्ष भगवान भास्कर की पूजा होती है। यह एक मात्र पर्व है, जिस पर हम उगते और डूबते हुए सूर्य दोनों को अर्घ्य देते हैं। यह पर्व समाज में स्वच्छता और समर्पण का संदेश देता है।”

भक्ति जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा क्षेत्र

गंगा आरती के बाद कई छठ घाटों पर भक्ति जागरण कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ, जिसका उद्घाटन डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में छठ गीतों और लोक भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।

भक्ति जागरण में शामिल लोगों ने कहा कि यह पर्व समाज को जोड़ने और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का सबसे बड़ा अवसर है। क्षेत्रीय कलाकारों ने भी मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।

स्थानीय प्रशासन और समाजसेवियों की रही सक्रिय भूमिका

कार्यक्रम के दौरान विश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार दुबे, सामाजिक सेवा समिति अध्यक्ष संजय पांडेय, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामचंद्र यादव, इदरीश हवारी, निवर्तमान वार्ड पार्षद सुनील कुमार चौधरी, समाजसेवी विजय कुमार रवि, सामाजिक कार्यकर्ता राजन पांडेय, विमल चंद्रवंशी, और वीरेंद्र पांडे सहित कई सम्मानित लोग मौजूद रहे।

इन सभी ने पर्व को सफल और शांतिपूर्ण बनाने में योगदान दिया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता की विशेष देखभाल की गई। घाटों पर महिलाओं और बच्चों के लिए अलग व्यवस्था की गई थी।

न्यूज़ देखो: विश्रामपुर में आस्था और एकता का सजीव उदाहरण

छठ पर्व ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आस्था और अनुशासन से समाज में एकता की भावना मजबूत होती है। स्थानीय प्रशासन, संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता ने इसे एक अनुकरणीय आयोजन बना दिया।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था से अनुशासन तक – छठ पर्व से मिली प्रेरणा

छठ महापर्व न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह सामाजिक एकता, स्वच्छता और आत्मसंयम का संदेश देता है। हमें इस प्रेरणा को जीवन में अपनाना चाहिए ताकि समाज और पर्यावरण दोनों शुद्ध रहें।
अब समय है कि हम सब इस सकारात्मक परंपरा को बनाए रखें, अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को साझा करें ताकि विश्रामपुर की यह आस्था पूरे झारखंड में प्रेरणा बने।

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Written by

उंटारी रोड, पलामू

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