#ठेठईटांगर #सिमडेगा #ताइक्वांडो : संत पीटर स्कूल में 70 खिलाड़ियों की प्रतिभा का प्रदर्शन।
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड स्थित संत पीटर इंग्लिश मीडियम स्कूल में सिमडेगा जिला ताइक्वांडो संघ के तत्वाधान में बेल्ट परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में लगभग 70 बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न विद्यालयों के प्रतिभागियों ने किक, पंच, ब्लॉक और आत्मरक्षा तकनीक का प्रदर्शन किया। आयोजन में प्रशिक्षकों, संघ पदाधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- ठेठईटांगर प्रखंड के संत पीटर इंग्लिश मीडियम स्कूल में ताइक्वांडो बेल्ट परीक्षा का आयोजन।
- लगभग 70 बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने विभिन्न विद्यालयों से भाग लेकर प्रतिभा दिखाई।
- फॉरेस्ट वेल्ली इंग्लिश स्कूल, KGBV सिमडेगा, संत जेवियर उच्च विद्यालय सहित कई संस्थानों की भागीदारी।
- प्रशिक्षिका पद्मावती कुमारी एवं अमिता कुमारी ने आत्मरक्षा तकनीक और प्रशिक्षण कराया।
- जिला ताइक्वांडो संघ के जूनास डांग एवं अजय सिंह ने तकनीकी मूल्यांकन और बेल्ट प्रमोशन किया।
- विभिन्न बेल्ट स्तरों पर खिलाड़ियों को पीला, हरा, ब्लू, रेड बेल्ट में प्रमोशन दिया गया।
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड में आयोजित इस ताइक्वांडो बेल्ट परीक्षा ने खेल प्रतिभाओं को नया मंच प्रदान किया। संत पीटर इंग्लिश मीडियम स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 70 प्रतिभागियों ने आत्मरक्षा, अनुशासन और शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को खेल के माध्यम से आत्मनिर्भर और अनुशासित बनाना रहा। विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और परीक्षा में भाग लेकर बेल्ट प्रमोशन हासिल किया।
ताइक्वांडो बेल्ट परीक्षा का आयोजन और उद्देश्य
संत पीटर इंग्लिश मीडियम स्कूल ठेठईटांगर में आयोजित इस परीक्षा का आयोजन सिमडेगा जिला ताइक्वांडो संघ के तत्वाधान में किया गया। इसमें फॉरेस्ट वेल्ली इंग्लिश स्कूल भूकुमुंडा बांसजोर से 40 खिलाड़ी, KGBV सिमडेगा से 6 बालिकाएं, संत जेवियर उच्च विद्यालय बरवाडीह से मनीषा कुमारी सहित अन्य विद्यालयों के प्रतिभागी शामिल हुए।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मरक्षा कौशल विकसित करना, खेल के प्रति रुचि बढ़ाना और अनुशासन को बढ़ावा देना था।
प्रशिक्षण सत्र और तकनीकी मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षिका पद्मावती कुमारी और अमिता कुमारी ने प्रतिभागियों को किक, पंच, ब्लॉक, आत्मरक्षा तकनीक और ताइक्वांडो के पुम्से (फॉर्म्स) का प्रशिक्षण दिया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अभ्यास सत्र में भाग लिया।
जिला ताइक्वांडो संघ के संयुक्त सचिव सह नेशनल रेफरी अजय सिंह ने पुम्से की बारीकियों को समझाया और खिलाड़ियों को तकनीकी सुधार के टिप्स दिए।
बेल्ट परीक्षा और परिणाम
जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव सह मुख्य तकनीकी निदेशक जूनास डांग ने सभी प्रतिभागियों की बेल्ट परीक्षा ली। परीक्षा में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अलग-अलग बेल्ट स्तरों पर प्रमोट किया गया।
बेल्ट प्रमोशन सूची
- पीला बेल्ट: अरमान डांग, सृष्टि कुमारी, सोनाली डांग, स्नेहा हेमरोम
- हरा बेल्ट: आर्यन सोरेंग, रोहन खलखो, आतिश सोरेंग, राशी कुमारी, नेहा कुमारी
- ग्रीन वन बेल्ट: विकास तिर्की, सुशीला डूंगडूंग, अश्विन कुल्लू, अलेक्स टेटे
- नीला बेल्ट: रेशमा लुगुन, रीता लुगुन, सुलेमान डांग
- ब्लू वन बेल्ट: मनीषा कुमारी, यूजिन बिलुंग, साहिल हेरेंज, स्वीटी कुल्लू
- रेड बेल्ट: संदेश केरकेट्टा, अमन कुल्लू, प्रिंस केरकेट्टा, साक्षी इंदवार, निकिता डांग, मरथा कंडुलना, एजिल कंडुलना, विकास लकड़ा
आयोजकों और शिक्षकों की भूमिका
इस आयोजन में कई प्रशिक्षक और विद्यालय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य रूप से
जूनास डांग, अजय सिंह, पद्मावती कुमारी, अमिता कुमारी, साइमन डूंगडूंग (संत पीटर स्कूल निदेशक), अनिमा कुल्लू (शिक्षिका), सुकांत विशोई (फॉरेस्ट वेल्ली इंग्लिश स्कूल निदेशक) और रातरानी सिंह (शिक्षिका) उपस्थित रहे।
इसके अलावा KGBV सिमडेगा एवं कोलेबिरा के प्रशिक्षक और अन्य विद्यालयों के शिक्षक भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
खेल के माध्यम से आत्मनिर्भरता का संदेश
जूनास डांग ने कहा:
“बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण लेना जरूरी है, इससे अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ता है।”
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के लिए मजबूत मंच की जरूरत
ठेठईटांगर में आयोजित यह बेल्ट परीक्षा केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का अवसर है। ताइक्वांडो जैसे खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, अभी भी संसाधनों और नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता बनी हुई है। प्रशासन और खेल संघों को मिलकर इसे और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि प्रतिभाएं आगे बढ़ सकें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल, अनुशासन और आत्मरक्षा से सशक्त होते बच्चे, समाज की बनती मजबूत नींव
यह आयोजन दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उन्हें सही मंच की जरूरत है। बच्चों में आत्मविश्वास और अनुशासन विकसित करने के लिए ऐसे कार्यक्रम निरंतर होने चाहिए। समाज को भी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में आगे आना होगा।
अब समय है कि हम सभी मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए खेल और शिक्षा दोनों को समान महत्व दें।
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