#गुमला #शिक्षा_नियंत्रण : शुल्क निर्धारण समिति बनी—अवैध बढ़ोतरी पर कार्रवाई के निर्देश जारी।
गुमला में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों की फीस व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए जिला स्तरीय समिति गठित की गई। शुल्क बढ़ोतरी पर निगरानी और नियमों के पालन के निर्देश दिए गए। उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।
- जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति का गठन।
- प्रेरणा दीक्षित (उपायुक्त) की अध्यक्षता में बैठक।
- 10% से अधिक शुल्क वृद्धि पर समिति की अनुमति अनिवार्य।
- नियम उल्लंघन पर दंड और मान्यता रद्द करने की चेतावनी।
- नामांकन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई निर्णय लिए गए।
गुमला जिले में निजी विद्यालयों की फीस संरचना और शुल्क संग्रहण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की बैठक में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम 2017 के तहत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में फीस वसूली की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत देना था।
जिला स्तरीय शुल्क समिति का गठन
बैठक में उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति का गठन किया गया। इस समिति में—
जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला लेखा पदाधिकारी
के साथ-साथ विभिन्न संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
इस समिति को निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित शुल्क की निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई है।
फीस बढ़ोतरी पर सख्ती
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि कोई निजी विद्यालय 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि करता है, तो उसे अनिवार्य रूप से जिला समिति की अनुमति लेनी होगी।
प्रेरणा दीक्षित ने कहा: “फीस वृद्धि पूरी तरह नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए।”
नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अधिनियम का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- पहली बार उल्लंघन पर आर्थिक दंड
- बार-बार उल्लंघन पर कठोर दंड
- गंभीर स्थिति में मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई
की जा सकती है।
निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि वे अधिनियम और विभागीय दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर उनका पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।
नामांकन प्रक्रिया को गति
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, झारखंड आवासीय विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय की नामांकन सूची को अनुमोदित किया गया।
साथ ही शेष रिक्त सीटों पर जल्द नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया।
जोन निर्धारण प्रस्ताव को मंजूरी
माध्यमिक विद्यालयों के जोन निर्धारण से संबंधित प्रस्तावों को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई।
अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी पालकोट, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी, झारखंड शिक्षा परियोजना के अधिकारी सहित जिले के सभी वार्डेन उपस्थित रहे।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल
यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
न्यूज़ देखो: फीस नियंत्रण से मिलेगा राहत
गुमला में लिया गया यह निर्णय दिखाता है कि प्रशासन निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए गंभीर है। लेकिन असली असर तभी दिखेगा जब इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, अपने अधिकार पहचानें
शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है।
जरूरी है कि अभिभावक अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें।
अनावश्यक शुल्क के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
आइए, हम बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए साथ आएं।
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