
#डुमरी #बिजली_समस्या : नाथडीह में झुके तारों से हादसे का खतरा — ग्रामीणों ने त्वरित सुधार की मांग की।
गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड में जर्जर बिजली व्यवस्था के कारण ग्रामीणों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। नाथडीह गांव में बिजली पोल नहीं होने से तार नीचे झुक गए हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है। यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विभाग से तत्काल कार्रवाई कर स्थायी समाधान की मांग की है।
- नाथडीह गांव में बिजली पोल नहीं, तार जमीन के करीब लटक रहे।
- लक्ष्मण टुंडा और खेरा टुंडा पंचायत में बढ़ा हादसे का खतरा।
- ग्रामीणों ने लकड़ी के खुटों से अस्थायी सहारा देकर संभाला तार।
- गंगाधर महतो ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण।
- बिजली विभाग से तत्काल कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग।
- यूनियन पदाधिकारियों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश।
गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड के लक्ष्मण टुंडा और खेरा टुंडा पंचायत अंतर्गत नाथडीह गांव में बिजली व्यवस्था की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों की जान-माल पर खतरा मंडरा रहा है। गांव में कई जगहों पर बिजली पोल नहीं होने के कारण तार काफी नीचे झुक गए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने अस्थायी तौर पर लकड़ी के खुटों का सहारा लेकर तार को संभाल रखा है, जो बेहद जोखिम भरा है।
झुके तारों से बढ़ा खतरा
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कई स्थानों पर बिजली के तार जमीन के काफी करीब लटक रहे हैं। इससे खासकर बच्चों और पशुओं के लिए खतरा और अधिक बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
एक ग्रामीण ने कहा: “हम लोग मजबूरी में लकड़ी के सहारे तार को संभाल रहे हैं, लेकिन यह कब तक सुरक्षित रहेगा, कहना मुश्किल है।”
यूनियन ने किया मौके का निरीक्षण
ग्रामीणों के आग्रह पर मंगलवार को झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और इसे अत्यंत चिंताजनक बताया।
विभाग से की गई तत्काल कार्रवाई की मांग
निरीक्षण के दौरान ही गंगाधर महतो ने बिजली विभाग के एसडीओ से दूरभाष पर संपर्क कर पूरी स्थिति की जानकारी दी और अविलंब कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
गंगाधर महतो ने कहा: “जल्द से जल्द पक्के बिजली पोल लगाए जाएं और झुके हुए तारों को दुरुस्त किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।”
ग्रामीणों में आक्रोश, दी चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि लंबे समय से इस समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कई पदाधिकारी और ग्रामीण रहे मौजूद
इस मौके पर यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष भगतु रविदास उर्फ रवि कुमार, केंद्रीय महासचिव रवींद्र कुमार, प्रखंड महासचिव भुवनेश्वर रविदास, प्रखंड कोषाध्यक्ष सुरेश ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की जरूरत
इस मामले ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली जैसी आवश्यक सेवा में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है, जिसे जल्द से जल्द दूर करना जरूरी है।
न्यूज़ देखो: लापरवाही कब तक बनेगी खतरा?
डुमरी का यह मामला साफ दिखाता है कि बुनियादी ढांचे की अनदेखी किस तरह लोगों की जान पर बन सकती है। बिजली विभाग की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे खतरनाक हालात को तुरंत सुधारें। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह एक बड़ी दुर्घटना में बदल सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी
जब बुनियादी सुविधाएं ही खतरा बन जाएं, तब चुप रहना सही नहीं होता। डुमरी के ग्रामीणों ने जिस तरह अपनी समस्या उठाई है, वह दूसरों के लिए भी एक उदाहरण है।
आइए, हम भी अपने आसपास की समस्याओं को नजरअंदाज न करें और समय रहते संबंधित विभाग तक अपनी आवाज पहुंचाएं। मिलकर प्रयास करेंगे, तभी सुरक्षित और बेहतर समाज का निर्माण होगा।
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