
#सिमडेगा #आवासकर्मीहड़ताल : ग्रेड पे, भत्ता और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन।
सिमडेगा जिले में राज्य आवास कर्मी संघ के बैनर तले प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कर्मियों ने चार दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मी ग्रेड पे निर्धारण, क्षेत्र भ्रमण भत्ता और सेवा सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल में जिला और प्रखंड स्तर के कई पदाधिकारी शामिल हुए। कर्मियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
- राज्य आवास कर्मी संघ के बैनर तले चार दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़े कर्मी बड़ी संख्या में शामिल।
- प्रमुख मांगों में ग्रेड पे, क्षेत्र भ्रमण भत्ता और सेवा अवधि 60 वर्ष तक बढ़ाने की मांग।
- सेवा से हटाने की स्थिति में अपील का अधिकार देने की भी मांग।
- मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
सिमडेगा जिले में राज्य आवास कर्मी संघ के बैनर तले प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़े कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चार दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल में जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारी तथा कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
हड़ताल के दौरान कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। आंदोलन में शामिल कर्मियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उनमें असंतोष बढ़ता जा रहा है।
प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन
हड़ताल कर रहे कर्मियों की प्रमुख मांगों में ग्रेड पे का निर्धारण, क्षेत्र भ्रमण भत्ता लागू करना और सेवा अवधि को 60 वर्ष तक बढ़ाना शामिल है।
इसके अलावा कर्मियों ने यह भी मांग की है कि यदि किसी कर्मचारी को अकारण सेवा से हटाया जाता है, तो उसे अपील करने का अधिकार दिया जाए।
एक कर्मी ने कहा: “हम लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।”
बड़ी संख्या में कर्मियों की भागीदारी
इस हड़ताल में जिले के विभिन्न प्रखंडों से जुड़े कर्मियों और पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
आंदोलन में जिला समन्वयक अनमोल समद, प्रशिक्षण समन्वयक शिवशरण पांडे, प्रखंड समन्वयक कुरडेग रोशन रंजन वर्मा, ऑपरेटर लखन गुप्ता, अमरेंद्र कुमार, सलिल डांग सहित कई कर्मी शामिल हुए।
इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों के समन्वयक, लेखापाल सह कंप्यूटर ऑपरेटर और जिला स्तरीय पदाधिकारी भी हड़ताल में शामिल रहे।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
आवास कर्मियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
कर्मियों का कहना है कि वे केवल अपने अधिकारों और सेवा सुरक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करे।
योजनाओं के कामकाज पर असर की आशंका
कर्मियों की इस हड़ताल से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्यों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
यदि हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है, तो योजना के तहत चल रहे कई कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिससे लाभार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
न्यूज़ देखो: मांगों पर फैसला नहीं तो बढ़ेगा आंदोलन
सिमडेगा में आवास कर्मियों की यह हड़ताल सरकारी योजनाओं के संचालन में लगे कर्मचारियों की समस्याओं को उजागर करती है। यदि समय रहते सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर पहल नहीं करते हैं, तो इसका असर योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ सकता है। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी
किसी भी व्यवस्था में कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। जब उनकी समस्याएं सुनी जाती हैं, तभी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है।
समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर ऐसी परिस्थितियों का समाधान निकालना चाहिए।
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