
#गोइलकेरा #दोहरे_हत्याकांड : रात में घर में सो रहे दंपति पर कुल्हाड़ी से हमला।
पश्चिमी सिंहभूम के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के दोड़बो गांव में एक दंपति की कुल्हाड़ी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि की है, जब पति-पत्नी घर में सो रहे थे। अज्ञात अपराधियों ने सिर पर वार कर दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसमें इलाज के दौरान पत्नी की भी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
- दोड़बो गांव के वनग्राम चुरुदा में दंपति की निर्मम हत्या।
- मृतकों की पहचान सोमा अंगरिया (45) और जसमनी अंगरिया (48) के रूप में।
- घर में सोते समय कुल्हाड़ी से सिर पर हमला कर वारदात को अंजाम।
- पुलिस ने खून से सना हथियार बरामद, जांच जारी।
- घटना के समय दूसरे कमरे में सो रहे बच्चों को नहीं लगी भनक।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत दोड़बो गांव के वनग्राम चुरुदा में पति-पत्नी की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि हुई इस वारदात ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। अज्ञात अपराधियों ने घर में घुसकर सो रहे दंपति पर कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में दोनों की मौत हो गई।
रात में सोते समय किया गया हमला
पुलिस के अनुसार मृतक सोमा अंगरिया (45 वर्ष) और उनकी पत्नी जसमनी अंगरिया (48 वर्ष) अपने घर के एक कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान देर रात अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर दोनों के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। हमला इतना घातक था कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
हैरानी की बात यह रही कि घर के दूसरे कमरे में सो रहे उनके बच्चों को इस घटना की कोई जानकारी नहीं हो सकी। सुबह जब बच्चों ने माता-पिता को खून से लथपथ देखा, तब घटना का खुलासा हुआ।
सुबह ग्रामीणों को दी गई सूचना
घटना की जानकारी सबसे पहले बच्चों द्वारा आसपास के ग्रामीणों को दी गई। इसके बाद ग्रामीण मुंडा डेबरा सिद्धू ने पुलिस को इस दोहरे हत्याकांड की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
पुलिस पहुंची तो जिंदा थी महिला
घटना की सूचना मिलने के बाद करीब दोपहर एक बजे पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। उस समय तक जसमनी अंगरिया की सांसें चल रही थीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत गोइलकेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
हालांकि, गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। वहीं सोमा अंगरिया की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक और भय का माहौल पैदा कर दिया है।
जंगल क्षेत्र होने से बचाव में हुई देरी
बताया जा रहा है कि दंपति जिस वनग्राम चुरुदा में रहते थे, वह मुख्य गांव से काफी दूर और जंगल क्षेत्र में स्थित है। इसी कारण समय पर उन्हें अस्पताल पहुंचाने में देरी हो गई, जिससे महिला की जान नहीं बचाई जा सकी।
हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद
घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस ने खून से सना कुल्हाड़ी बरामद किया है, जिससे हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गोइलकेरा थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की छानबीन में जुट गए हैं। फिलहाल अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा ने कहा: “हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।”
दोनों की थी दूसरी शादी
मृतक दंपति के पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी सामने आई है। बताया गया कि सोमा अंगरिया और जसमनी अंगरिया दोनों की यह दूसरी शादी थी।
सोमा के बड़े बेटे कुदराय ने बताया कि उनकी मां की मृत्यु के बाद करीब 10 वर्ष पहले उनके पिता ने विधवा जसमनी से विवाह किया था। जसमनी के पहले पति की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और उसकी एक संतान भी थी।
दोनों के कुल पांच बच्चे हैं। सोमा की पहली पत्नी के बच्चे अलग-अलग गांवों में रहते हैं। इस पारिवारिक स्थिति को भी पुलिस जांच के एक पहलू के रूप में देख रही है।
पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच
पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हत्या के पीछे आपसी विवाद, पारिवारिक कारण या कोई अन्य साजिश है।
ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और आसपास के संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: जंगल गांव में सुरक्षा और जांच पर उठे सवाल
गोइलकेरा का यह दोहरा हत्याकांड कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जंगल क्षेत्र में बसे गांवों की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की पहुंच को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन अपराधियों तक जल्द पहुंचना बड़ी चुनौती होगी। क्या इस मामले का जल्द खुलासा हो पाएगा और ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा लौटेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, सुरक्षित समाज के लिए आगे आएं
ऐसी घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि समाज में सुरक्षा और सतर्कता कितनी जरूरी है। हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखे और किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तुरंत प्रशासन को दे।
ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी सहयोग और सतर्कता ही बड़ी घटनाओं को रोक सकती है। मिलजुल कर रहने और एक-दूसरे का ध्यान रखने से ही सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।
अगर आपको यह खबर महत्वपूर्ण लगी हो, तो इसे जरूर साझा करें। अपनी राय कमेंट में बताएं और जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।






