
#मेदिनीनगर #अवैधशराबबरामदगी : शहर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई की।
मेदिनीनगर के शहर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात पुलिस ने करोड़ों रुपये की अवैध शराब की खेप जब्त की। बिहार सीआईडी से मिली सूचना के आधार पर सादिक चौक के पास संदिग्ध ट्रक को रोका गया। तलाशी में पोटाश की बोरियों के बीच छिपाकर रखी गई सैकड़ों पेटी शराब बरामद हुई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
- बिहार सीआईडी की सूचना पर शहर थाना पुलिस की कार्रवाई।
- सादिक चौक के पास ट्रक BR HGC 3084 से सैकड़ों पेटी शराब बरामद।
- पोटाश की बोरियों के बीच छिपाकर लाई जा रही थी अवैध खेप।
- दो ट्रक चालक व एक सह चालक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार।
- जब्त शराब की कीमत करोड़ों में, नेटवर्क की जांच जारी।
मेदिनीनगर शहर में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य की शराब की खेप जब्त की है। यह कार्रवाई शहर थाना क्षेत्र अंतर्गत सादिक चौक के पास देर रात वाहन जांच अभियान के दौरान की गई। पुलिस को पहले से ही बिहार सीआईडी की ओर से गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब से अवैध शराब लेकर एक ट्रक शहर की ओर आ रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच अभियान तेज किया और संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली।
गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार सीआईडी ने शहर थाना पुलिस को अवैध शराब की खेप के संबंध में इनपुट दिया था। इसके बाद पुलिस ने बुधवार रात्रि करीब 2 बजे विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। सादिक चौक के पास पुलिस को संदिग्ध ट्रक (नंबर BR HGC 3084) दिखाई दिया, जिसे रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान पुलिस ने पाया कि ट्रक में ऊपर और नीचे खेती में उपयोग होने वाला पोटाश लोड किया गया था, जबकि बीच में बड़ी संख्या में शराब की पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। इस तरीके से शराब को छिपाकर लाने की कोशिश की गई थी ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
सैकड़ों पेटी शराब बरामद
जांच के दौरान ट्रक से सैकड़ों पेटी अवैध शराब बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, जब्त शराब की कुल कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। फिलहाल बरामद शराब की गिनती और मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है।
मौके से पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें दो ट्रक चालक और एक सह चालक शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि गिरफ्तार व्यक्तियों में से दो बिहार के निवासी हैं, जबकि एक हरियाणा का रहने वाला है।
नगर निगम क्षेत्र में खपाने की थी आशंका
पुलिस को आशंका है कि शराब की इस बड़ी खेप को नगर निगम क्षेत्र में खपाने की योजना थी। अवैध शराब की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस अब गहन जांच में जुट गई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका स्थानीय स्तर पर किससे संपर्क था।
शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार ने कहा: “जब्त शराब की कुल कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। फिलहाल गिनती जारी है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश जारी है।”
अवैध तस्करी नेटवर्क पर पुलिस की नजर
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि पंजाब से लाई गई इस शराब की खेप का अंतिम गंतव्य क्या था और किन रास्तों से इसे शहर में प्रवेश कराया गया। साथ ही, ट्रक के मालिक, आपूर्ति श्रृंखला और संभावित रिसीवर की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
हाल के दिनों में जिले में अवैध शराब की तस्करी पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि इससे जन स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।
इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि समय रहते बड़ी मात्रा में शराब की खेप को जब्त कर लिया गया।
न्यूज़ देखो: तस्करी के खिलाफ सख्ती का संकेत
मेदिनीनगर में करोड़ों की अवैध शराब की बरामदगी यह दिखाती है कि तस्करी का नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा है। हालांकि, समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने बड़ी आपूर्ति को रोक दिया। अब जरूरी है कि इस मामले की तह तक जाकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए। सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी खेप बिना स्थानीय सहयोग के कैसे लाई गई।
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कानून के साथ खड़े रहें, अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाएं
अवैध शराब केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य के लिए खतरा है। ऐसे मामलों में नागरिकों की सतर्कता और सूचना साझा करना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
यदि आपके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन के साथ सहयोग करें।
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