
#पांकी #अवैधपोस्ताखेती : लावाबार और परसावाँ के जंगली क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई।
पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। 5 फरवरी 2026 को लावाबार और परसावाँ गांव के जंगली इलाके में वन भूमि पर अवैध रूप से लगी अफीम पोस्ता की फसल को विनष्ट किया गया। यह कार्रवाई पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र को नशा मुक्त बनाना और कानून व्यवस्था को मजबूत करना है।
- पांकी थाना क्षेत्र के लावाबार और परसावाँ गांव में कार्रवाई।
- करीब 2.5 एकड़ वन भूमि में लगी अवैध पोस्ता फसल नष्ट।
- पांकी थाना, ताल पिकेट और वन विभाग की संयुक्त टीम शामिल।
- अवैध खेती में संलिप्त लोगों की पहचान और सत्यापन शुरू।
- दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया।
पलामू जिले में अवैध नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लावाबार एवं परसावाँ के जंगली इलाके में वन भूमि पर अवैध रूप से की जा रही अफीम पोस्ता की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। यह अभियान आज दिनांक 05 फरवरी 2026 को चलाया गया, जिसमें करीब 2.5 एकड़ क्षेत्रफल में लगी फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
संयुक्त अभियान में कई विभाग शामिल
इस विनष्टीकरण अभियान में पांकी थाना के पदाधिकारी, ताल पिकेट के पदाधिकारी, पांकी थाना एवं ताल पिकेट के जवानों के साथ-साथ वन विभाग की टीम संयुक्त रूप से शामिल रही। सभी टीमों ने समन्वय के साथ जंगली और दुर्गम इलाके में पहुंचकर अवैध पोस्ता की फसल को नष्ट किया। अभियान के दौरान सुरक्षा और सतर्कता के विशेष इंतजाम किए गए थे।
वन भूमि पर अवैध खेती का मामला
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह अवैध खेती वन भूमि में की जा रही थी, जो कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। अफीम पोस्ता की खेती न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे समाज में नशे की समस्या को भी बढ़ावा मिलता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई।
संलिप्त लोगों पर कानूनी शिकंजा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अवैध खेती में शामिल लोगों के नाम-पता का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के बाद दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि अवैध नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
नशा मुक्त क्षेत्र बनाने की पहल
पलामू जिला प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाकर अवैध अफीम, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की खेती को नष्ट किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से नशे के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
स्थानीय स्तर पर प्रशासन की सख्ती
स्थानीय ग्रामीणों को भी प्रशासन द्वारा अवैध खेती की सूचना देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति अवैध पोस्ता या अन्य नशीली फसल की खेती की जानकारी देता है, तो उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इससे सामुदायिक सहयोग के माध्यम से अपराध पर नियंत्रण आसान होगा।

न्यूज़ देखो: नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
पांकी क्षेत्र में की गई यह कार्रवाई प्रशासन की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। वन भूमि पर अवैध खेती न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि समाज को भी खोखला करती है। अब आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शेष नेटवर्क पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशा मुक्त समाज की दिशा में मजबूत कदम
अवैध नशीली फसलों के खिलाफ प्रशासन की यह पहल समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। आम नागरिकों की जागरूकता और सहयोग से ही ऐसे अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और नशा मुक्त समाज की इस मुहिम को आगे बढ़ाएं।







