
#बुढ़मू #खलारी #महारैली_तैयारी : संगठन मजबूती और रांची महारैली की सफलता पर विस्तृत रणनीति बनी।
रांची जिले के खलारी क्षेत्र अंतर्गत बुढ़मू प्रखंड के जमगाई में खरवार भोगता समाज विकास संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन विस्तार, नई कमिटी गठन और 28 मार्च को रांची के मोरहाबादी में होने वाली महारैली को सफल बनाने पर विशेष चर्चा हुई। केंद्रीय व जिला स्तर के पदाधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को अहम बना दिया। यह बैठक समाजिक एकजुटता और सामूहिक नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- जमगाई, बुढ़मू प्रखंड में आयोजित हुई संगठन की अहम बैठक।
- 28 मार्च, मोरहाबादी रांची महारैली को सफल बनाने का लक्ष्य तय।
- नई प्रखंड कमिटी का गठन, बसारत गंझु बने अध्यक्ष।
- केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन गंझु सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे उपस्थित।
- गांव-गांव प्रचार कर हजारों लोगों को रांची पहुंचाने की रणनीति बनी।
खलारी प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत बुढ़मू प्रखंड के जमगाई गांव में खरवार भोगता समाज विकास संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन को मजबूत बनाने और आगामी सामाजिक कार्यक्रमों को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता बालकिसुन गंझु ने की, जबकि संचालन अजय गंझु द्वारा किया गया। इस बैठक में केंद्रीय, जिला और युवा संघ के कई प्रमुख पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।
बैठक का आयोजन और उद्देश्य
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक मजबूती, समाजिक एकजुटता और आगामी कार्यक्रमों की सफल रणनीति तय करना था। जमगाई में आयोजित इस बैठक में समाज के विभिन्न स्तरों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और संगठन के विस्तार को लेकर अपने विचार रखे।
अध्यक्षता कर रहे बालकिसुन गंझु ने संगठन की एकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए सामूहिक प्रयास और मजबूत नेतृत्व अत्यंत आवश्यक है। वहीं संचालन कर रहे अजय गंझु ने बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सभी एजेंडों पर क्रमवार चर्चा कराई।
महारैली को सफल बनाने पर विशेष जोर
बैठक में आगामी 28 मार्च को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले नीलाम्बर पीताम्बर शाही भोगता खरवार के शहादत दिवस सह महारैली को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई। इस अवसर पर बुढ़मू प्रखंड से हजारों की संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
बैठक में यह सहमति बनी कि महारैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांव-गांव जाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। समाज के प्रत्येक परिवार तक सूचना पहुंचाने और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि यह महारैली केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज की पहचान और एकता का प्रतीक है।
नई प्रखंड कमिटी का गठन
बैठक के दौरान संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के उद्देश्य से खरवार भोगता समाज विकास संघ बुढ़मू प्रखंड कमिटी का विधिवत गठन किया गया।
नवगठित कमिटी में बसारत गंझु को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। उपाध्यक्ष के रूप में बहुरा गंझु एवं मुनिया कुमारी को नियुक्त किया गया। सचिव पद की जिम्मेदारी मदन गंझु को दी गई, जबकि सह सचिव के रूप में हजारी प्रसाद गंझु एवं रूपा देवी को दायित्व सौंपा गया।
इसके अलावा कोषाध्यक्ष पद के लिए बीरेंद्र गंझु को चुना गया, जिन पर संगठन के आर्थिक प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी। नई कमिटी के गठन को संगठन के विस्तार और प्रभावी संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय और जिला पदाधिकारियों की अहम मौजूदगी
बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ और केंद्रीय पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनमें केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन गंझु, केंद्रीय सलाहकार झलकु गंझु, युवा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष उमेश सिंह भोगता, रांची जिला अध्यक्ष अमृत भोगता, लातेहार जिला अध्यक्ष प्रेम गंझु, युवा संघ के केंद्रीय कोषाध्यक्ष संजय प्रधान तथा युवा केंद्रीय शैक्षणिक सलाहकार संजय भोगता प्रमुख रूप से शामिल हुए।
इन सभी पदाधिकारियों ने संगठन की मजबूती, सामाजिक जागरूकता और युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया तथा समाज के लोगों से एकजुट होकर कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी
इस बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली। कार्यक्रम में संजीव कुमार भोगता, अरविंद कुमार गंझु, संजय गंझु, भीमदेव गंझु, पवन कुमार गंझु, हरिलाल गंझु, बुधन गंझु, बिरजू गंझु, सुमन कुमार गंझु, सूरज गंझु, शंकर गंझु और सूरजदेव गंझु सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और आगामी महारैली को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहयोग का भरोसा जताया।
संगठन मजबूती और सामाजिक एकजुटता पर चर्चा
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा। इसके लिए प्रखंड स्तर से लेकर गांव स्तर तक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
सामाजिक विकास, शिक्षा, जागरूकता और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब संगठन मजबूत हो और हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो।
न्यूज़ देखो: सामाजिक एकता की दिशा में रणनीतिक पहल
बुढ़मू में आयोजित यह बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता का स्पष्ट संकेत है। महारैली की तैयारी को लेकर बनाई गई रणनीति दर्शाती है कि संगठन अपने समुदाय को संगठित करने के प्रति गंभीर है। नई कमिटी का गठन भविष्य की योजनाओं को गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तय लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर किस तरह लागू किया जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समाज की एकता ही विकास की सबसे बड़ी ताकत
ऐसी बैठकें समाज को दिशा देने का काम करती हैं और नई पीढ़ी को नेतृत्व से जोड़ती हैं।
यदि हर व्यक्ति अपने समाज के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाए, तो सामूहिक शक्ति कई सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
संगठन की मजबूती ही सामाजिक सम्मान और पहचान की नींव होती है।
अपने क्षेत्र के सामाजिक कार्यक्रमों से जुड़े रहें, जागरूक बनें और एकजुटता को बढ़ावा दें।
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