लमटा में सुंडी समाज की अहम बैठक, एक सप्ताह के भीतर नई प्रखंड कमिटी गठन का फैसला

लमटा में सुंडी समाज की अहम बैठक, एक सप्ताह के भीतर नई प्रखंड कमिटी गठन का फैसला

author Binod Kumar
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#लावालौंग #सुंडी_समाज : संगठन विस्तार और सामाजिक सुधार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड अंतर्गत लमटा स्थित सामाजिक भवन में सुंडी समाज की प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज को संगठित और मजबूत बनाने के साथ नई प्रखंड कमिटी के गठन पर व्यापक चर्चा हुई। सर्वसम्मति से एक सप्ताह के भीतर नई प्रखंड स्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया। साथ ही शिक्षा, सामाजिक एकता और दहेज प्रथा उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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  • लमटा सामाजिक भवन में सुंडी समाज की प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित हुई।
  • एक सप्ताह के भीतर नई प्रखंड कमिटी के गठन का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
  • समाज के बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
  • दहेज प्रथा समाप्त करने और सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।
  • समाज में एकजुटता और आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील की गई।
  • विभिन्न गांवों से पहुंचे समाज के लोगों ने बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई।

लावालौंग प्रखंड के लमटा स्थित सामाजिक भवन में आयोजित सुंडी समाज की बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और समाज के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता बैजनाथ साहू ने की, जबकि संचालन शिक्षक रूपलाल साहू ने किया। समाज के विभिन्न गांवों से आए लोगों ने संगठन की वर्तमान स्थिति, सामाजिक चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर अपने विचार रखे।

बैठक में यह महसूस किया गया कि समाज की मजबूती के लिए एक सक्रिय और प्रभावी प्रखंड स्तरीय समिति का गठन आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई कमिटी के गठन का निर्णय लिया गया।

एक सप्ताह में नई प्रखंड समिति बनाने का निर्णय

बैठक का मुख्य एजेंडा नई प्रखंड स्तरीय कमिटी का गठन रहा। उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी एक सप्ताह के भीतर नई समिति का गठन कर संगठन को और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि मजबूत संगठन ही समाज की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सकता है और समाज के विकास के लिए योजनाबद्ध कार्य कर सकता है। नई समिति समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने का कार्य करेगी।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह के भीतर नई प्रखंड कमिटी का गठन कर संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूत किया जाएगा।

शिक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर

बैठक में समाज के बच्चों और युवाओं की शिक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में शिक्षा ही समाज के विकास और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है।

सदस्यों ने इस बात पर बल दिया कि समाज के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचनी चाहिए। इसके लिए अभिभावकों को भी जागरूक होने और बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

वक्ताओं ने कहा: “शिक्षा के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”

दहेज प्रथा के खिलाफ लिया गया संकल्प

बैठक में सामाजिक सुधार से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

सदस्यों ने निर्णय लिया कि समाज में दहेज प्रथा का विरोध किया जाएगा और विवाह समारोहों को सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक बुराइयों को समाप्त किए बिना समाज की वास्तविक प्रगति संभव नहीं है।

एकजुटता और सहयोग की भावना बढ़ाने का आह्वान

बैठक में समाज की एकता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए आपसी मतभेदों को भुलाने की अपील की गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज के प्रत्येक सदस्य को एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए।

जरूरतमंद परिवारों की सहायता, सामाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता और सामूहिक विकास की दिशा में मिलकर कार्य करने पर भी सहमति बनी। वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही अपने अधिकारों और विकास के मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ा सकता है।

बड़ी संख्या में समाज के लोग हुए शामिल

बैठक में लमटा से विनय कुमार, रंजीत प्रसाद, शिक्षक सह समाजसेवी राकेश प्रसाद, पच्चू प्रसाद, विनोद प्रसाद और वीरेंद्र प्रसाद उपस्थित रहे।

आतमपुर से सुनील कुमार, गणेश प्रसाद, शिक्षक सह समाजसेवी नंदकिशोर प्रसाद, डॉ. सुनील प्रसाद, पंकज प्रसाद, मंटू कुमार, राहुल प्रसाद, उदय प्रसाद, निलेश प्रसाद एवं उमेश प्रसाद शामिल हुए।

इसके अलावा शिवराजपुर से अवध प्रसाद, रखेद से नवीन प्रसाद और राहुल प्रसाद उपस्थित रहे। बैठक में दिन्नू प्रसाद, मुकेश प्रसाद समेत समाज के कई प्रबुद्ध एवं सम्मानित लोगों ने भी भाग लिया और अपने विचार साझा किए।

न्यूज़ देखो: सामाजिक संगठन ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत

लमटा में आयोजित यह बैठक केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने का प्रयास भी है। शिक्षा, सामाजिक एकता और दहेज प्रथा जैसी समस्याओं पर खुलकर चर्चा होना सकारात्मक संकेत है। यदि प्रस्तावित नई समिति इन संकल्पों को धरातल पर उतारने में सफल होती है तो इसका लाभ पूरे समाज को मिलेगा। अब देखना होगा कि एक सप्ताह के भीतर बनने वाली नई कमिटी समाज के विकास के लिए क्या नई पहल करती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संगठित समाज ही बनाता है मजबूत भविष्य

समाज की ताकत उसकी एकता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता में छिपी होती है।

जब लोग मिलकर सकारात्मक बदलाव का संकल्प लेते हैं, तब विकास की नई राहें खुलती हैं।

दहेज मुक्त समाज, बेहतर शिक्षा और आपसी सहयोग जैसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

आप भी अपने समाज और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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Written by

लावालोंग, चतरा

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