सिमडेगा में झामुमो ने वीर शहीद सिद्धो कान्हू की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई

सिमडेगा में झामुमो ने वीर शहीद सिद्धो कान्हू की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई

author Satyam Kumar Keshri
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#सिमडेगा #शहीद_जयंती : अल्बर्ट एक्का स्टेडियम परिसर में सिद्धो-कान्हू को माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि।

सिमडेगा में झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा वीर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। अल्बर्ट एक्का स्टेडियम परिसर स्थित स्थल पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में उनके बलिदान को याद करते हुए युवाओं को प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।

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  • झामुमो जिला सिमडेगा ने मनाई सिद्धो-कान्हू जयंती।
  • अल्बर्ट एक्का स्टेडियम परिसर में आयोजित कार्यक्रम।
  • जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना के नेतृत्व में आयोजन।
  • नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी
  • युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलने का आह्वान

सिमडेगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला सिमडेगा द्वारा वीर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन सिमडेगा स्थित अल्बर्ट एक्का स्टेडियम परिसर में बने वीर सिद्धो-कान्हू स्थल पर किया गया।

इस अवसर पर झामुमो जिला अध्यक्ष अनिल कंडुलना के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वीर शहीद सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में जिला, प्रखंड और नगर स्तर के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।

शहीदों के बलिदान को किया गया याद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना ने वीर शहीद सिद्धो-कान्हू के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला।

अनिल कंडुलना ने कहा: “सिद्धो-कान्हू ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।”

उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है।

युवाओं से प्रेरणा लेने की अपील

झामुमो जिला सचिव मो सफीक खान ने भी अपने संबोधन में शहीदों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

मो सफीक खान ने कहा: “युवाओं को चाहिए कि वे वीर शहीदों के संघर्ष से प्रेरणा लेकर समाज और राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।”

उन्होंने कहा कि शहीदों का जीवन त्याग, संघर्ष और समर्पण का उदाहरण है।

बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे उपस्थित

कार्यक्रम में झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना, जिला सचिव मो सफीक खान, जिला उपाध्यक्ष मो सिराजुद्दीन, जिला उपाध्यक्ष रितेश बड़ा इक, केंद्रीय समिति सदस्य फिरोज अली, नोवास केरकेट्टा, नुसरत खातून, सुनील खेस, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष वसीम खान, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष शकील अहमद, जिला सचिव मो अहमद राजा, नगर अध्यक्ष मो अनस आलम, नगर उपाध्यक्ष बीरबल महतो, नगर संगठन सचिव कुंदन रजक, वरिष्ठ नेता जाफर खान, मो शहीद, किशोर डांग, सिमडेगा प्रखंड सचिव मिन्हाज राजन, कोलेबिरा प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश बागे, मो अनुयारुल हक, मो खलील खान, दिवाकर प्रसाद, हाफिज अमानुल्लाह, मारवाड़ी नायक सहित कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।

न्यूज़ देखो: इतिहास से जुड़ाव ही पहचान की मजबूती

ऐसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि समाज अपने इतिहास और शहीदों के बलिदान को याद रखकर ही आगे बढ़ सकता है। सिद्धो-कान्हू जैसे वीरों का योगदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की प्रेरणा है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शहीदों के सपनों को करें साकार

शहीदों का सम्मान केवल शब्दों से नहीं, उनके आदर्शों को अपनाने से होता है।
युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
क्या हम उनके बलिदान के अनुरूप समाज बना पा रहे हैं?
अपनी राय साझा करें और इस खबर को आगे बढ़ाएं।

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Written by

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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