#सिसई #जनजाति_बैठक : जनजाति पहला कट्टर हिन्दू, प्रार्थना सभा रूढ़िवादी कस्टमरी लॉ के खिलाफ, बंधन तिग्गा आदिवासियों को बांट रहे: सोमा उरांव।
गुमला के सिसई में जनजाति सुरक्षा मंच की बैठक आयोजित हुई, जिसमें दिल्ली में होने वाली गर्जना रैली को लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में विभिन्न जनजातीय मुद्दों और सामाजिक एकता पर चर्चा हुई। नेताओं ने अधिक भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
- सिसई में जनजाति सुरक्षा मंच की बैठक आयोजित।
- दिल्ली में होने वाली गर्जना रैली की तैयारी।
- सोमा उरांव और संदीप उरांव ने किया संबोधित।
- समुदाय के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा।
- सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति।
गुमला जिले के सिसई प्रखंड में जनजाति सुरक्षा मंच के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी 24 मई 2026 को दिल्ली के लालकिला मैदान में प्रस्तावित “गर्जना रैली” को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता विश्वभूषण खड़िया ने की और इसमें बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग शामिल हुए।
बैठक की शुरुआत भारत माता और बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई, जिससे कार्यक्रम को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व मिला।
गर्जना रैली को सफल बनाने का आह्वान
बैठक में प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों से अपील की गई कि वे सिसई प्रखंड से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
सोमा उरांव ने कहा: “दिल्ली में होने वाली गर्जना रैली में पूरे देश से जनजातीय समुदाय के लाखों लोग शामिल होंगे।”
सोमा उरांव का संबोधन
जनजाति सुरक्षा मंच के प्रदेश मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने अपने संबोधन में समुदाय की पहचान और एकता पर जोर दिया।
सोमा उरांव ने कहा: “हम अपनी परंपरा, संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए एकजुट हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि समाज को विभाजित करने की कोशिशों के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
धर्मांतरण और आरक्षण मुद्दे पर चर्चा
बैठक में धर्मांतरण और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस विषय पर जागरूकता और एकता बनाए रखने की बात कही।
संदीप उरांव का संदेश
जनजाति सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा—
“समाज की संस्कृति और परंपरा को बचाने के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।”
उन्होंने दिल्ली रैली से पहले सिसई में भी एक विशाल रैली आयोजित करने का आह्वान किया।
अन्य वक्ताओं के विचार
बैठक में सह संयोजक सचिदानंद उरांव, सुमित महली, दिनेश लकड़ा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए और समुदाय की मजबूती पर जोर दिया।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भागीदारी
इस बैठक में बालेश्वर उरांव, तीजा उरांव, चामू उरांव, कलेश्वर उरांव, जीतू लोहरा, भूपेंद्र बड़ाइक, बसंत उरांव, पूर्णिमा देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सामाजिक एकता का संदेश
बैठक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जनजातीय समुदाय को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहना होगा।

न्यूज़ देखो: संगठन से मजबूत होता समाज
सिसई की यह बैठक दिखाती है कि जब समाज अपने मुद्दों को लेकर एकजुट होता है, तो उसकी आवाज मजबूत होती है। अब देखना होगा कि आगामी रैली का क्या प्रभाव पड़ता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकजुटता ही ताकत है
समाज की मजबूती एकता में होती है।
जरूरी है कि हम अपनी पहचान और अधिकारों के प्रति सजग रहें।
संगठन से ही बदलाव संभव है।
आइए, हम मिलकर आगे बढ़ें।
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