
#बरवाडीह #विधानसभा_सत्र : अध्यक्ष की अनुपस्थिति में रामचंद्र सिंह ने सभापति के रूप में सफल संचालन किया।
लातेहार जिले के बरवाडीह से जुड़े मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह ने झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान अध्यक्ष की अनुपस्थिति में सभापति की भूमिका निभाई। बुधवार को उन्होंने सदन की कार्यवाही का संचालन शांत, संतुलित और नियमसम्मत तरीके से किया। संसदीय परंपराओं का पालन सुनिश्चित करते हुए विभिन्न मुद्दों पर सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। उनकी भूमिका को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने अध्यक्ष की अनुपस्थिति में संभाली सदन की कमान।
- बुधवार को झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान निभाई सभापति की भूमिका।
- संसदीय नियमों और परंपराओं का पालन कर कार्यवाही का संचालन।
- सदन की गरिमा बनाए रखते हुए चर्चा और बहस कराई संपन्न।
- शांत और संतुलित कार्यशैली की सदन में हुई सराहना।
लातेहार जिले के बरवाडीह क्षेत्र से जुड़े मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह एक बार फिर राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाते नजर आए। बुधवार को झारखंड विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उन्होंने सभापति के रूप में सदन की कार्यवाही का संचालन किया। पूरे सत्र के दौरान उनकी कार्यशैली संयमित, संतुलित और नियमों के अनुरूप रही, जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों से लेकर स्थानीय क्षेत्र तक हो रही है।
अध्यक्ष की अनुपस्थिति में संभाली जिम्मेदारी
बुधवार को झारखंड विधानसभा के सत्र के दौरान जब अध्यक्ष मौजूद नहीं थे, तब सभापति के रूप में रामचंद्र सिंह को सदन की कार्यवाही संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने संसदीय नियमों और परंपराओं का पालन सुनिश्चित करते हुए सदन को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया।
सदन में उठाए गए विभिन्न जनहित मुद्दों पर उन्होंने सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया। चर्चा के दौरान अनुशासन और गरिमा बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे कार्यवाही बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकी।
संसदीय मर्यादा और संतुलित नेतृत्व का प्रदर्शन
सभापति के रूप में रामचंद्र सिंह की भूमिका को संतुलित और प्रभावी बताया जा रहा है। उन्होंने सदन में बहस और विचार-विमर्श को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाया। बताया गया कि उन्होंने नियम पुस्तिका के अनुसार सदन की कार्यवाही संचालित की और सभी पक्षों को समान अवसर देने की कोशिश की।
सत्र के दौरान उनकी कार्यशैली को लेकर सदन में मौजूद कई सदस्यों ने भी सराहना की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की जिम्मेदारी निभाना किसी भी विधायक के लिए संसदीय अनुभव और नेतृत्व क्षमता का परिचायक होता है।
राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका
झारखंड विधानसभा के वर्तमान सत्र में रामचंद्र सिंह की सक्रिय भूमिका को राजनीतिक और संसदीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में सदन का संचालन करना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसमें नियमों की समझ, धैर्य और नेतृत्व कौशल की आवश्यकता होती है।
उनकी इस भूमिका ने यह स्पष्ट किया कि वे न केवल अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठाने में सक्रिय हैं, बल्कि सदन की गरिमा और व्यवस्था बनाए रखने में भी सक्षम हैं। इससे उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता और अनुभव का भी परिचय मिलता है।
क्षेत्र में दिखी खुशी और उत्साह
बरवाडीह और मनिका क्षेत्र में उनके समर्थकों और क्षेत्रवासियों के बीच इस खबर को लेकर खुशी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके क्षेत्र के विधायक का विधानसभा में इस तरह की जिम्मेदारी निभाना गौरव की बात है।
समर्थकों का मानना है कि यह दायित्व क्षेत्र के लिए सम्मानजनक है और इससे क्षेत्र की राजनीतिक पहचान मजबूत होती है। सोशल और स्थानीय स्तर पर भी उनकी भूमिका की चर्चा हो रही है।
न्यूज़ देखो: जिम्मेदारी निभाने की परीक्षा में खरे उतरे विधायक
विधानसभा जैसे उच्च लोकतांत्रिक मंच पर सभापति की भूमिका निभाना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए बड़ी परीक्षा होती है। रामचंद्र सिंह ने अध्यक्ष की अनुपस्थिति में जिस संयम और नियमसम्मत तरीके से सदन का संचालन किया, वह उनके संसदीय अनुभव को दर्शाता है। यह जिम्मेदारी बताती है कि लोकतंत्र में मर्यादा और संतुलन कितना महत्वपूर्ण है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी
सदन की कार्यवाही केवल राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की अभिव्यक्ति होती है।
जब जनप्रतिनिधि नियमों और परंपराओं का पालन करते हुए जिम्मेदारी निभाते हैं, तो लोकतंत्र मजबूत होता है।
ऐसे उदाहरण जनता के विश्वास को और सुदृढ़ करते हैं।
अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के कार्यों पर नजर रखना और सकारात्मक पहल की सराहना करना भी नागरिक कर्तव्य है।
इस खबर पर अपनी राय अवश्य साझा करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाएं।






