खेत बचाओ अभियान में किसानों को सूखा प्रबंधन और संतुलित उर्वरक उपयोग के बताए गए उपाय

खेत बचाओ अभियान में किसानों को सूखा प्रबंधन और संतुलित उर्वरक उपयोग के बताए गए उपाय

author Akram Ansari
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#लातेहार #कृषिजागरूकता : बरवाडीह में किसानों को वैज्ञानिक खेती और मौसम प्रबंधन की जानकारी दी गई।

लातेहार के बरवाडीह प्रखंड के मुरू गांव में कृषि विभाग ने खेत बचाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण और संभावित सूखे से निपटने के उपाय बताए गए। अधिकारियों ने बदलते मौसम के अनुसार कृषि तकनीक अपनाने की सलाह दी। अभियान 30 जून तक चलाया जाएगा।

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  • बरवाडीह प्रखंड के मुरू गांव में कृषि विभाग ने आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम।
  • खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को सूखा प्रबंधन की दी गई जानकारी।
  • किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए किया गया प्रेरित।
  • 30 जून तक चलेगा अभियान, किसानों को मौसम आधारित तैयारी की सलाह।
  • कार्यक्रम में एटीएम सपना कुमारी, किरन ज्योति कुमारी सहित कई किसान रहे मौजूद।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत उकामाड पंचायत के ग्राम मुरू में शनिवार को कृषि विभाग की ओर से खेत बचाओ अभियान सह संतुलित उर्वरक उपयोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बदलते मौसम की परिस्थितियों में बेहतर कृषि प्रबंधन के लिए तैयार करना था।

इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने किसानों को कम वर्षा एवं संभावित सूखे की स्थिति में फसल बचाने के उपायों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि समय रहते सही कृषि तकनीक अपनाकर किसान मौसम की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

किसानों को दी गई आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी

कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, बीटीएम और एटीएम ने किसानों को खेती से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि खेतों की उर्वरता बनाए रखने के लिए संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करना जरूरी है।

अधिकारियों ने कहा कि अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए मिट्टी की जरूरत के अनुसार उर्वरक का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे उत्पादन बेहतर हो और खेतों की क्षमता लंबे समय तक बनी रहे।

किसानों को जल संरक्षण के उपायों, नमी बनाए रखने की तकनीक और वैकल्पिक फसलों की खेती के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि बदलते मौसम में पारंपरिक तरीकों के साथ वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की आवश्यकता है।

सूखे की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पर जोर

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने संभावित सूखे और कम बारिश की स्थिति को देखते हुए किसानों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मौसम में हो रहे बदलाव का सीधा असर खेती पर पड़ रहा है, इसलिए किसान ऐसी फसलों का चयन करें जो कम पानी में भी बेहतर उत्पादन दे सकें।

जल संरक्षण को लेकर भी किसानों को जागरूक किया गया। खेतों में नमी बनाए रखने, पानी का सही उपयोग करने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया।

अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे कृषि विभाग की योजनाओं और तकनीकी सलाह का लाभ उठाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं।

महिला और पुरुष किसानों ने लिया प्रशिक्षण

जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसानों ने भाग लिया। किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से खेती से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की और आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम में एटीएम सपना कुमारी, एटीएम किरन ज्योति कुमारी, जनसेवक राजेश कुमार और कृषक मित्र सतीश यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

कृषि विभाग की ओर से बताया गया कि खेत बचाओ अभियान आगामी 30 जून तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान किसानों को कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर जागरूक किया जाएगा, ताकि वे बेहतर उत्पादन के साथ मौसम संबंधी चुनौतियों का सामना कर सकें।

न्यूज़ देखो: किसानों की तैयारी ही बदलते मौसम में खेती की ताकत बनेगी

खेत बचाओ अभियान जैसे कार्यक्रम किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण और वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी किसानों को खेती में स्थायित्व प्रदान कर सकती है।

कृषि विभाग की जिम्मेदारी केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों तक समय पर सही जानकारी पहुंचाना भी जरूरी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में खेती की दिशा बदलने में सहायक साबित हो सकते हैं।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कितने किसान इन तकनीकों को अपने खेतों में अपनाते हैं और इससे उत्पादन तथा आय में कितना सुधार आता है।

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक किसान मजबूत खेत और बेहतर भविष्य की पहचान

खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है। बदलते मौसम के दौर में हर किसान को नई तकनीक और सही जानकारी के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।

अपने आसपास के किसानों तक कृषि संबंधी उपयोगी जानकारी पहुंचाएं और खेती को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाने में सहयोग करें।

सजग रहें, कृषि से जुड़ी नई जानकारी अपनाएं और अपने अनुभव साझा करें। खबर को किसानों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाएं ताकि अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

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बरवाडीह, लातेहार

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