पलामू टाइगर रिजर्व की बड़ी कार्रवाई: अवैध बीड़ी पत्ता के 77 बोरे जब्त वन अपराधों पर कसा शिकंजा

पलामू टाइगर रिजर्व की बड़ी कार्रवाई: अवैध बीड़ी पत्ता के 77 बोरे जब्त वन अपराधों पर कसा शिकंजा

author Akram Ansari
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#लातेहार #वनसंरक्षण : पीटीआर अभियान में अवैध बीड़ी पत्ता जब्ती के साथ वन अपराधों पर कार्रवाई तेज हुई।

पलामू टाइगर रिजर्व ने अवैध बीड़ी पत्ता कारोबार और वन अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। लातेहार के बरवाडीह क्षेत्र में संयुक्त वन टीम ने अलग-अलग इलाकों से कुल 77 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता जब्त किया। अभियान का संचालन पीटीआर निदेशक एस. आर. नटेश के निर्देशन में किया जा रहा है। करीब 430 वनकर्मी और सहायक कर्मी जंगल क्षेत्रों में लगातार निगरानी और कार्रवाई में जुटे हैं।

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  • पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) ने अवैध बीड़ी पत्ता कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया।
  • लुकुमखाड़ और मांडू क्षेत्र से करीब 45 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता जब्त किया गया।
  • छिपादोहर पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र से पहले 32 बोरा बीड़ी पत्ता बरामद हुआ था।
  • अब तक कुल 77 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता जब्त किया जा चुका है।
  • अभियान में करीब 430 वनकर्मी और सहायक कर्मी लगातार गश्ती कर रहे हैं।

बरवाडीह, लातेहार में पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) प्रशासन ने अवैध बीड़ी पत्ता कारोबार और वन्यजीव अपराधों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पीटीआर निदेशक एस. आर. नटेश के निर्देशन में उत्तरी और दक्षिणी वन प्रमंडलों की संयुक्त टीम लगातार जंगल क्षेत्रों में निगरानी, गश्ती और छापेमारी अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत बड़ी मात्रा में अवैध बीड़ी पत्ता बरामद किया गया है।

संयुक्त वन टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में की कार्रवाई

पीटीआर की संयुक्त टीम ने दक्षिणी प्रमंडल के उप निदेशक आशीष कुमार और उत्तरी प्रमंडल के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना के नेतृत्व में सघन अभियान चलाया।

अभियान के दौरान लुकुमखाड़ क्षेत्र से लगभग 25 बोरा और मांडू क्षेत्र से लगभग 20 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता जब्त किया गया। वन विभाग की टीम ने इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी के बाद यह कार्रवाई की।

इससे पहले छिपादोहर पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों से भी करीब 32 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता बरामद किया गया था। इस तरह पीटीआर प्रशासन द्वारा अब तक कुल 77 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता जब्त किया जा चुका है।

वन अपराधों पर नियंत्रण के लिए चल रहा विशेष अभियान

पीटीआर प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह अभियान केवल अवैध बीड़ी पत्ता संग्रहण और परिवहन रोकने तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से जंगलों में होने वाले अन्य अपराधों जैसे अवैध शिकार, वन क्षेत्र में घुसपैठ और वन संपदा के अवैध दोहन पर भी नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

अभियान में उत्तरी और दक्षिणी प्रमंडल के विभिन्न वन क्षेत्रों की संयुक्त टीम शामिल है। बड़ी संख्या में वनकर्मी जंगलों में लगातार गश्ती कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

430 वनकर्मी अभियान में जुटे

पीटीआर के इस विशेष अभियान में करीब 430 वनकर्मी और सहायक कर्मी सक्रिय रूप से शामिल हैं। टीम द्वारा जंगल क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग, निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

वन विभाग का उद्देश्य वन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के अवैध उपयोग पर रोक लगाना है। अधिकारियों का कहना है कि वन अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

अधिकारियों और वनकर्मियों की रही सक्रिय भूमिका

अभियान में वन क्षेत्र पदाधिकारी उमेश दुबे और अजय टोप्पो सहित कई अधिकारियों और वनकर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

वन विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया है।

वन एवं वन्यजीव संरक्षण कानूनों के उल्लंघन पर सख्ती

पीटीआर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अवैध बीड़ी पत्ता कारोबार से जहां वन क्षेत्रों पर दबाव बढ़ता है, वहीं अन्य अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना रहती है। ऐसे में लगातार अभियान चलाकर वन क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

न्यूज़ देखो: जंगल सुरक्षा के लिए पीटीआर की सख्त कार्रवाई

पलामू टाइगर रिजर्व की यह कार्रवाई बताती है कि वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए विभाग सक्रियता से काम कर रहा है। 77 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता की जब्ती एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई जाए। बड़ी संख्या में वनकर्मियों की तैनाती से निगरानी व्यवस्था मजबूत होती है और वन संरक्षण के प्रयासों को गति मिलती है। अब आगे की कार्रवाई में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जब्त सामग्री के मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्रकृति की सुरक्षा में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी

वन केवल पेड़-पौधों का क्षेत्र नहीं, बल्कि जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन का आधार हैं। इनकी सुरक्षा के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ आम लोगों की जागरूकता भी जरूरी है।

अवैध गतिविधियों की सूचना समय पर देना और वन संरक्षण के प्रयासों में सहयोग करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। सुरक्षित जंगल ही सुरक्षित पर्यावरण और बेहतर भविष्य की नींव तैयार करते हैं।

आप भी अपने क्षेत्र के पर्यावरण और वन संरक्षण से जुड़े प्रयासों को समर्थन दें। इस खबर को अधिक लोगों तक साझा करें, अपनी राय कमेंट में बताएं और प्रकृति बचाने की मुहिम में अपनी सकारात्मक भागीदारी निभाएं।

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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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