
#बरवाडीह #कृषि_प्रशिक्षण : डिजिटल फसल सत्यापन और ऑनलाइन अपलोड प्रक्रिया की दी गई विस्तृत जानकारी।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड कार्यालय सभागार में मंगलवार को किसानों और कृषक मित्रों के लिए डिजिटल फसल सेवा पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। कृषि विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में ऑनलाइन फसल सत्यापन, फोटो अपलोड और पोर्टल प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं से पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जोड़ना रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों और कृषक मित्रों ने इसे उपयोगी बताया।
- बरवाडीह प्रखंड कार्यालय सभागार में प्रशिक्षण शिविर आयोजित।
- डिजिटल फसल सेवा के तहत भौतिक सत्यापन पर जोर।
- एटीएम सपना कुमारी और किरण कुमारी ने दिया प्रशिक्षण।
- कृषक मित्रों को मोबाइल से ऑनलाइन अपलोड प्रक्रिया समझाई गई।
- सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समय पर दिलाने का लक्ष्य।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मंगलवार को बरवाडीह प्रखंड कार्यालय सभागार में डिजिटल फसल सेवा को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए किसानों और कृषक मित्रों ने भाग लिया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस प्रशिक्षण में कृषि विभाग के पदाधिकारियों ने विस्तार से जानकारी साझा की।
डिजिटल फसल सेवा का उद्देश्य खेती से जुड़े आंकड़ों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सटीक तरीके से दर्ज करना है, ताकि किसानों को मिलने वाली सरकारी सहायता, मुआवजा और योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। प्रशिक्षण शिविर में मौजूद किसानों में इस नई प्रणाली को लेकर खासा उत्साह देखा गया।
डिजिटल फसल सेवा की प्रक्रिया पर जोर
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कृषि विभाग की एटीएम सपना कुमारी और एटीएम किरण कुमारी ने डिजिटल फसल सेवा की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया भौतिक सत्यापन है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित खेत में वास्तव में फसल लगी है या नहीं।
उन्होंने बताया कि सत्यापन के लिए खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण किया जाएगा और मोबाइल के माध्यम से फसल की स्पष्ट फोटो ली जाएगी। इसके बाद उस फोटो को निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे फसल का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में दर्ज हो सके।
सपना कुमारी ने कहा: “डिजिटल फसल सेवा से गलत दावों पर रोक लगेगी और सही किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।”
कृषक मित्रों की भूमिका अहम
प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से कृषक मित्रों की भूमिका पर जोर दिया गया। एटीएम किरण कुमारी ने बताया कि कृषक मित्र अपने-अपने क्षेत्र में किसानों और विभाग के बीच सेतु की तरह कार्य करते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि वे डिजिटल फसल सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी तरह समझें और किसानों को भी इसके लिए जागरूक करें।
कृषक मित्रों को मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन फसल सत्यापन और क्रॉप अपलोड की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि फोटो लेते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि फोटो स्पष्ट हो और पोर्टल पर स्वीकार्य हो।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रशिक्षण में यह स्पष्ट किया गया कि डिजिटल फसल सेवा लागू होने से किसानों को कई प्रकार के लाभ होंगे। सबसे बड़ा लाभ यह है कि फसल से संबंधित डेटा सीधे ऑनलाइन दर्ज होगा, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या देरी की संभावना कम होगी। इससे फसल बीमा, आपदा राहत, अनुदान और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचेगा।
किसानों ने बताया कि पहले कई बार कागजी प्रक्रिया में देरी या त्रुटियों के कारण उन्हें योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और भरोसा मजबूत होगा।
उपस्थित कृषक मित्र और किसान
इस प्रशिक्षण शिविर में कई अनुभवी कृषक मित्र और किसान उपस्थित रहे। इनमें कृषक मित्र कर्तार सिंह, रूपतेश्वर सिंह, बैजनाथ सिंह, सुबास सिंह, सतेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य कृषक मित्र एवं बड़ी संख्या में किसान शामिल थे। सभी ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें नई तकनीक को समझने में मदद मिली है।
कृषक मित्रों ने यह भी कहा कि वे अपने-अपने गांवों में किसानों को डिजिटल फसल सेवा के बारे में जागरूक करेंगे और ऑनलाइन प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने में सहयोग करेंगे।
समन्वय से होगा कार्य पूरा
कार्यक्रम के अंत में सभी कृषक मित्रों से अपील की गई कि वे किसानों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें। कृषि विभाग की ओर से कहा गया कि डिजिटल फसल सेवा तभी सफल होगी जब कृषक मित्र और किसान मिलकर समय पर सत्यापन और अपलोड की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान सवाल-जवाब का सत्र भी रखा गया, जिसमें किसानों ने अपनी शंकाएं रखीं और अधिकारियों ने उनका समाधान किया। इससे किसानों का भरोसा इस नई प्रणाली पर और मजबूत हुआ।
न्यूज़ देखो: तकनीक से खेती को मजबूती
बरवाडीह में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर दिखाता है कि कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक को कितनी गंभीरता से लागू किया जा रहा है। सही सत्यापन और पारदर्शी प्रक्रिया से किसानों का हित सुरक्षित होगा। अब जरूरत है कि जमीनी स्तर पर इसे सही ढंग से लागू किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
डिजिटल खेती की ओर बढ़ता कदम
तकनीक तभी सफल होती है जब किसान उससे जुड़ते हैं। डिजिटल फसल सेवा किसानों के अधिकार और लाभ को सुरक्षित करने की दिशा में अहम पहल है। आप भी इस जानकारी को साझा करें, किसानों को जागरूक करें और खेती से जुड़ी ऐसी सकारात्मक खबरों को आगे बढ़ाएं।





