#सिमडेगा #शिक्षा_प्रेरणा : छात्रों को अंग्रेज़ी संचार और आत्म-विकास के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
सिमडेगा स्थित सेंट जेवियर्स कॉलेज में शनिवार को वाणिज्य और अंग्रेज़ी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 60 छात्रों ने भाग लिया और संचार कौशल तथा आत्म-विकास के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। छात्र वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए। यह सत्र छात्रों के व्यक्तित्व विकास और करियर उन्नति के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
- सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा में विशेष सत्र का आयोजन हुआ।
- शनिवार सुबह 10:00 से 11:45 बजे तक कक्ष संख्या 10 में कार्यक्रम चला।
- लगभग 60 वाणिज्य विभाग के छात्र सक्रिय रूप से शामिल हुए।
- छात्र वक्ता निशी प्रियंका केरकेट्टा और आदित्य कुमार रमन ने प्रस्तुति दी।
- डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने संचार कौशल के महत्व पर जोर दिया।
- सहभागितापूर्ण गतिविधियों और खेलों से सत्र को रोचक बनाया गया।
सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा में आयोजित यह शैक्षणिक सत्र छात्रों के लिए सीखने और आत्म-विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आया। “Good English Communication Skills and How to Keep Improving in Life” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग और अंग्रेज़ी विभाग के सहयोग से छात्रों को आधुनिक समय में आवश्यक कौशलों के बारे में जागरूक किया गया। लगभग 60 छात्रों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण और संवादात्मक बना दिया। यह पहल न केवल अकादमिक विकास बल्कि व्यक्तिगत विकास की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम रही।
कार्यक्रम की शुरुआत और उद्देश्य
कार्यक्रम का शुभारंभ वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए अंग्रेज़ी संचार कौशल की वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने कहा: “आज के दौर में केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता भी उतनी ही आवश्यक है।”
उन्होंने छात्रों को निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनका संबोधन कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करने के साथ-साथ छात्रों के लिए प्रेरणादायक भी रहा।
छात्र वक्ताओं ने साझा किए अनुभव
इस सत्र का मुख्य आकर्षण अंग्रेज़ी विभाग के छात्र वक्ता निशी प्रियंका केरकेट्टा और आदित्य कुमार रमन रहे। दोनों ने स्मार्टबोर्ड के माध्यम से पावरपॉइंट प्रस्तुति प्रस्तुत करते हुए छात्रों को सरल और प्रभावी तरीके से विषय समझाया।
निशी प्रियंका केरकेट्टा ने कहा: “नियमित अभ्यास और पढ़ने की आदत से भाषा कौशल में तेजी से सुधार संभव है।”
आदित्य कुमार रमन ने कहा: “गलतियां सीखने का हिस्सा हैं, उनसे डरने के बजाय उन्हें सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि संचार कौशल को बेहतर बनाने के लिए आत्म-संवाद, समूह में भागीदारी और सक्रिय सीखने की प्रक्रिया बेहद जरूरी है। उनके अनुभवों ने छात्रों को व्यावहारिक दिशा प्रदान की।
सहभागितापूर्ण गतिविधियों से बढ़ा उत्साह
सत्र को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों और खेलों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे सीखने का माहौल और भी जीवंत हो गया।
इन अभ्यासों के माध्यम से छात्रों को न केवल अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला, बल्कि उन्होंने अपने आत्मविश्वास में भी वृद्धि महसूस की। यह पहल पारंपरिक शिक्षण पद्धति से हटकर एक इंटरैक्टिव लर्निंग अनुभव प्रदान करती है।
अंग्रेज़ी विभाग का मार्गदर्शन
इस अवसर पर अंग्रेज़ी विभाग की अध्यक्ष सुश्री निम्मी टोपनो भी उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए संकोच छोड़कर अंग्रेज़ी बोलने की आदत विकसित करने पर जोर दिया।
सुश्री निम्मी टोपनो ने कहा: “शिक्षा और कौशल कभी व्यर्थ नहीं जाते, इसलिए हर अवसर का उपयोग सीखने के लिए करें।”
उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न प्रमाणपत्र और कौशल विकास कार्यक्रम छात्रों के प्रोफाइल को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अन्य संकाय सदस्यों की उपस्थिति
कार्यक्रम में संकाय सदस्य अनामिका निशा रुंडा और लिपिका सुबीर भी उपस्थित रहीं। उनकी उपस्थिति ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
सत्र के अंत में छात्र वक्ताओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका मनोबल और भी बढ़ा।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन बी.कॉम (2023–27) की छात्रा साहेली बुर्ह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके पश्चात राष्ट्रगान गाया गया और कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया।
छात्रों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि उन्हें इस कार्यक्रम से न केवल संचार कौशल बल्कि आत्म-विकास के लिए भी नई दिशा मिली।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में कौशल विकास की बढ़ती भूमिका
यह कार्यक्रम दर्शाता है कि आज की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि कौशल विकास पर भी समान रूप से जोर दिया जा रहा है। सेंट जेवियर्स कॉलेज की यह पहल छात्रों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। ऐसे सत्र न केवल आत्मविश्वास बढ़ाते हैं बल्कि छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में आगे बढ़ने के लिए सक्षम बनाते हैं। क्या अन्य संस्थान भी इस तरह की पहल को अपनाएंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सीखने का हर अवसर बन सकता है सफलता की सीढ़ी
आज के समय में केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल ही असली पहचान बनाते हैं। ऐसे कार्यक्रम हमें यह याद दिलाते हैं कि निरंतर सीखना ही आगे बढ़ने का रास्ता है। यदि छात्र शुरुआत से ही आत्म-विकास पर ध्यान दें, तो वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।
अपने अंदर के डर को खत्म करें और सीखने की प्रक्रिया को अपनाएं। हर दिन कुछ नया सीखने का संकल्प लें और खुद को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
अगर आपको भी लगता है कि ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं, तो अपनी राय जरूर साझा करें। इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और शिक्षा में सकारात्मक बदलाव की इस पहल को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
